06/10/2025
चंडीगढ़/पंचकूला/मोहाली: ट्राईसिटी के लोगों को अब पेट्रोल पंप पर ठगी का डर सता रहा है। हाल ही में चंडीगढ़ में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक ग्राहक ने ₹2500 का पेट्रोल डलवाया, लेकिन जब बिल आया तो वह सिर्फ ₹2200 का था। यानी ग्राहक को ₹300 का सीधा नुकसान हुआ!
मशीन की गड़बड़ी पकड़ में आते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने पंप पर ही धरना दे दिया। उनकी मांग साफ है: "यह एक पंप का मामला नहीं हो सकता, पूरे ट्राईसिटी (चंडीगढ़, पंचकूला, मोहाली) के पेट्रोल पंपों की मशीनों की तुरंत जांच होनी चाहिए!"
ठगी कैसे हुई? क्या है पूरा मामला?
दरअसल, यह पूरा खेल 'मीटर सेटिंग' का है। ग्राहक ने अपनी गाड़ी में ₹2500 का पेट्रोल डालने को कहा, लेकिन जैसे ही पैसे का भुगतान हुआ, बिल ₹2200 का निकला। इससे साफ पता चलता है कि मीटर में ऐसी सेटिंग की गई थी कि वह कम रीडिंग दिखाए और कम बिल बनाए, लेकिन पेट्रोल पूरा नहीं डाले।
धरना दे रहे लोगों का आरोप है कि यह छोटी-मोटी गलती नहीं, बल्कि एक सुनियोजित स्कैम है जो लंबे समय से चल रहा होगा, जिससे लाखों ग्राहकों को चूना लगाया जा रहा है।
जनता क्या करे? ठगी से बचने के 5 अचूक उपाय
अगर आप भी इस तरह की ठगी का शिकार नहीं होना चाहते, तो पेट्रोल डलवाते समय ये 5 बातें हमेशा याद रखें:
* जीरो (0) जरूर चेक करें: हमेशा पेट्रोल डलवाने से पहले मीटर पर 'जीरो' (0.00) लिखा हुआ देखें। अगर मीटर पहले से चल रहा है, तो तुरंत रोकें और फिर से शुरू करवाएं।
* बिल हाथ में लें: पेट्रोल डलवाने के बाद तुरंत बिल (इन्वॉइस) लें। बिल पर डलवाए गए पेट्रोल की कीमत और मात्रा (लीटर) दोनों ध्यान से चेक करें। जैसे इस मामले में हुआ, बिल और डलवाई गई रकम में अंतर हो सकता है।
* निश्चित अमाउंट में तेल डलवाएं: कोशिश करें कि गोल रकम जैसे ₹100, ₹500, ₹1000 की बजाय ऑड अमाउंट (जैसे: ₹510, ₹1020, ₹1550) का पेट्रोल डलवाएं। माना जाता है कि गोल रकम पर मीटर सेटिंग की संभावना ज्यादा होती है।
* जल्दबाजी न करें: पंप कर्मचारी को कहें कि वह धीरे-धीरे पेट्रोल डाले। कुछ मशीनों में 'तेज' भरने पर हवा आने या कम तेल भरने की शिकायतें आती हैं।
* लीटर पर ध्यान दें: अगर आप पैसों की जगह लीटर (जैसे: 5 लीटर) में तेल डलवाते हैं, तो मशीन की रीडिंग पर खास नजर रखें।
अगर ठगी हो जाए तो क्या करें?
अगर आपको लगता है कि आपके साथ धोखाधड़ी हुई है, तो तुरंत ये कदम उठाएं:
* वीडियो/फोटो बनाएं: तुरंत मशीन का मीटर, बिल और पंप का नाम का वीडियो या फोटो सबूत के तौर पर अपने फोन में कैद करें।
* शिकायत करें: तुरंत कंपनी (HPCL, IOCL, BPCL) के टोल-फ्री नंबर पर और नापतौल विभाग (Weights and Measures Department) में शिकायत दर्ज कराएं। आप पुलिस को भी सूचित कर सकते हैं।
* सोशल मीडिया पर आवाज़ उठाएं: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सबूतों के साथ मामला उठाएं और संबंधित अधिकारियों को टैग करें।
यह मामला साफ़ दिखाता है कि अब हर ग्राहक को पंप पर खुद ही जागरूक और चौकन्ना रहना होगा।
आप इस खबर को आगे शेयर करके और अपनी शिकायत दर्ज करवाकर इस तरह की धोखाधड़ी को रोकने में मदद कर सकते हैं!