27/05/2026
एमआरपी के मनमाने निर्धारण के विरोध में अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत का प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन
उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा तथा वस्तुओं पर अंकित अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) के मनमाने निर्धारण के विरोध में आज अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत, हिसार इकाई द्वारा स्थानीय लघु सचिवालय के समक्ष प्रदर्शन किया गया। संगठन के पदाधिकारियों एवं जागरूक नागरिकों ने सरकार से एमआरपी व्यवस्था में पारदर्शिता लाने तथा उपभोक्ताओं के आर्थिक शोषण पर रोक लगाने की मांग उठाई।
कार्यक्रम का नेतृत्व करते हुए जिला अध्यक्ष सुमित सैनी ने कहा कि वर्तमान समय में अनेक निर्माता कंपनियां वस्तुओं पर वास्तविक कीमत से कहीं अधिक एमआरपी अंकित कर रही हैं, जिससे आम उपभोक्ता भ्रमित हो रहा है और उसे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत एक गैर-राजनीतिक संगठन के रूप में ग्राहक जागरण अभियान के माध्यम से लगातार उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा के लिए कार्य कर रही है।
प्रदर्शन के दौरान संगठन ने सरकार के समक्ष कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। इनमें प्रमुख रूप से एमआरपी निर्धारण के लिए स्पष्ट एवं पारदर्शी नियम बनाने, प्रत्येक उत्पाद पर “फर्स्ट सेलिंग प्राइस” अर्थात निर्माता द्वारा निर्धारित मूल बिक्री मूल्य अंकित करना अनिवार्य करने तथा कंपनियों द्वारा अनुचित तरीके से निर्धारित एमआरपी पर नियंत्रण लगाने की मांग शामिल रही।
उत्तर क्षेत्र के क्षेत्रीय संगठन मंत्री नवीन जैन ने उपस्थित लोगों को एमआरपी व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी तथा उपभोक्ता अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को वस्तुओं की वास्तविक कीमत, गुणवत्ता और बिल लेने के अधिकार के प्रति सजग रहना चाहिए। साथ ही उन्होंने संगठन की ओर से चलाए जा रहे ग्राहक जागरण अभियान के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी और उपस्थित लोगों का मार्गदर्शन किया।
संगठन का कहना है कि यदि इन मांगों को लागू किया जाता है तो उपभोक्ताओं को वस्तुओं की वास्तविक कीमत की सही जानकारी मिल सकेगी और बाजार व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी।
प्रदर्शन के उपरांत जिला अतिरिक्त उपायुक्त को एमआरपी संबंधी मांगों का ज्ञापन सौंपा गया।
इस अवसर पर डॉ. डी.के. शर्मा, संदीप कुमार, मोहन गौतम, कृष्ण, सुनील, निर्मला, सुप्रिया, अनु सहित अनेक कार्यकर्ता एवं नागरिक उपस्थित रहे।