बेटी बचाओ टीम कोशिश

बेटी बचाओ टीम कोशिश Help ful Hands "TeamKoshish"

उनका अगला लक्ष्य, प्राइवेट जेट खरीदना होना चाहिए था। वैसे भी, किसी की कुल सम्पत्ति अगर 18 हज़ार करोड़ रूपए की हो, तो 300 क...
12/10/2020

उनका अगला लक्ष्य, प्राइवेट जेट खरीदना होना चाहिए था।
वैसे भी, किसी की कुल सम्पत्ति अगर 18 हज़ार करोड़ रूपए की हो, तो 300 करोड़ रूपए के प्राइवेट जेट विमान खरीदने पर ऑडिटर भी एतराज नहीं करेगा । और जब पैसा अथाह हो तो फिर मुश्किल ही क्या है ?

यूँ भी, लक्ष्मी जब छप्पर फाड़कर धन बरसाती हैं, तो ऐसे फैसले किसी को खर्चीले नहीं लगते। शायद इसलिए एक खरबपति के लिए जेट विमान ख़रीदना ऐसा ही है जैसे किसी मैनजेर के लिए मारुती कार खरीदना।
लेकिन जोहो कारपोरेशन(Zoho Corporation ) के चेयरमैन, श्रीधर वेम्बू पर लक्ष्मी के साथ साथ सरस्वती भी मेहरबान थीं। इसलिए उनके इरादे औरों से बिलकुल अलग थे।

प्राइवेट जेट खरीदना तो दूर, उन्होंने अपनी कम्पनी बोर्ड के निदेशकों से कहा कि वे अब कैलिफ़ोर्निया(अमेरिका) से जोहो कारपोरेशन का मुख्यालय कहीं और ले जाना चाहते हैं।
श्रीधर के इस विचार से कम्पनी के अधिकारी हतप्रभ थे.. क्यूंकि सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री के लिए कैलिफ़ोर्निया के बे-एरिया से मुफीद जगह दुनिया में और कोई है ही नहीं। गूगल, एप्पल , फेसबुक, ट्विटर या सिस्को, सब के सब इसी इलाके में रचे बसे, फले फूले।
पर श्रीधर तो और भी बड़ा अप्रत्याशित फैसला लेने जा रहे थे।
वे कैलिफ़ोर्निया से शिफ्ट होकर सीएटल या हूस्टन नहीं जा रहे थे।वे अमेरिका से लगभग 13000 किलोमीटर दूर चेन्नई वापस आना चाहते थे।
उन्होंने बोर्ड मीटिंग में कहा कि अगर डैल, सिस्को, एप्पल या माइक्रोसॉफ्ट अपने दफ्तर और रिसर्च सेंटर भारत में स्थापित कर सकते हैं तो जोहो कारपोरेशन को स्वदेश लौटने पर परहेज़ क्यों है ?
श्रीधर के तर्क और प्रश्नो के आगे बोर्ड में मौन छा गया। फैसला हो चुका था। आई आई टी मद्रास के इंजीनियर श्रीधर वापस मद्रास जाने का संकल्प ले चुके थे।उन्होंने कम्पनी के नए मुख्यालय को तमिल नाडु के एक गाँव(जिला टेंकसी) में स्थापित करने के लिए 4 एकड़ जमीन पहले से खरीद ली थी।और एलान के मुताबिक, अक्टूबर 2019 , यानि ठीक एक साल पहले श्रीधर ने टेंकसी जिले के मथलामपराई गाँव में जोहो कारपोरेशन का ग्लोबल हेडक्वार्टर शुरू कर दिया। यही नहीं, 2.5 बिलियन डॉलर के जोहो कारपोरेशन ने पिछले ही वर्ष सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट कारोबार में 3,410 करोड़ रूपए का रिकॉर्ड राजस्व प्राप्त करके टेक जगत में बहुतों को चौंका भी दिया।

स्वदेश क्यों लौटना चाहते थे श्रीधर ?

श्रीधर, अमेरिका की किसी एजेंसी या बैंक या स्टॉक एक्सचेंज के दबाव के कारण स्वदेश नहीं लौटे। उनपर प्रतिस्पर्धा का दबाव भी नहीं था। वे कोई नया व्यवसाय भी नहीं शुरू कर रहे थे। वे किसी नकारात्मक कारण से नहीं, एक सकारात्मक विचार लेकर वतन लौटे। उन्होंने कई वर्ष पहले संकल्प लिया था कि अगर जोहो ने बिज़नेस में कामयाबी पायी तो वे प्रॉफिट का बड़ा हिस्सा स्वदेश में निवेश करेंगे। कम्पनी के मुनाफे को वे गाँव के बच्चों को आधुनिक शिक्षा देने पर भी खर्च करेंगे। इसी इरादे से उन्होंने सबसे पहले मथलामपराई गाँव में बच्चों के लिए निशुल्क आधुनिक स्कूल खोले।कंप्यूटर टेक्नोलॉजी के जानकार श्रीधर गाँव में ही जोहो विश्वविद्यालय भी बना रहे हैं जहाँ भविष्य के सॉफ्टवेयर इंजीनियर तैयार होंगे। फोर्ब्स मैगज़ीन में दिए एक इंटरव्यू में श्रीधर बताते हैं कि टेक्नोलॉजी को अगर ग्रामीण इलाकों से जोड़ा जाए तो गाँव से पलायन रोका जासकता है । " गाँव में प्रतिभा है, काम करने की इच्छा है...अगर आधुनिक शिक्षा से हम बच्चों को जोड़े तो एक बड़ा टैलेंट पूल हमे गाँव में ही मिल जायेगा। इसीलिए मैं भी बच्चों की क्लास में जाता हूँ , उन्हें पढ़ाता भी हूँ। मेरी कोशिश गाँव को सैटेलाइट से जोड़ने की है। हम न सिर्फ दूरियां मिटा रहे हैं, न सिर्फ पिछड़ापन दूर कर रहे हैं , बल्कि शहर से बेहतर डिलीवरी गाँव से देने जा रहे है....प्रोडक्ट चाहे सॉफ्टवेयर ही क्यों न हो , " श्रीधर बताते हैं।

तस्वीरें ज़ाहिर करती हैं कि श्रीधर बेहद सहज और सादगी पसंद इंसान हैं। वे लुंगी और बुशर्ट में ही अक्सर आपको दिखेंगे। गाँव और तहसील में आने जाने के लिए वे साईकिल पर ही चल निकलते हैं।उनकी बातचीत से, हाव भाव से, ये आभास नहीं होता कि श्रीधर एक खरबपति सॉफ्टवेयर उद्योगपति हैं जिन्होंने 9 हज़ार से ज्यादा लोगों को रोजगार दिया है जिसमे अधिकाँश इंजीनियर है। उनकी कम्पनी के ऑपरेशन अमेरिका से लेकर जापान और सिंगापुर तक फैले हैं जहाँ 9,300 टेक कर्मियों को रोजगार मिला है। श्रीधर का कहना है कि आने वाले वर्षों में वे करीब 8 हज़ार टेक रोजगार भारत के गाँवों में उपलब्ध कराएंगे और ग्लोबल सर्विस को देश के नॉन-अर्बन इलाकों में शिफ़्ट करेंगे। शिक्षा के साथ गाँवों में वे आधुनिक अस्पताल, सीवर सिस्टम, पेयजल, सिंचाई, बाजार और स्किल सेंटर स्थापित कर रहे हैं।

एक सवाल अब आपसे

क्या कारण है कि देश में श्रीधर जैसे हीरों की परख जनता नहीं कर पाती ? क्या कारण है कि हम असली नायकों को नज़रअंदाज़ करके छद्म नायकों को पूजते हैं ? श्रीधर चाहते तो आज कैलिफ़ोर्निया में निजी जेट विमान पर उड़ रहे होते, सेवन स्टार लक्ज़री विला में रहते, अपनी कमाई को विदेश में ही निवेश करते जाते ... आखिर उन्हें स्वदेश लौटने की ज़रुरत ही क्या थी? फिर भी उनके त्याग का देश संज्ञान नहीं लेता ?

क्या कीचड़ उछाल और घृणा-द्वेष से रंगे इस देश में अब श्रीधर जैसे लोग अप्रासंगिक हो रहे है ?
या हम लोग इतने निकृष्ट और निर्लज होते जा रहे हैं कि नर में नारायण की जगह नालायक ढूंढने लगे हैं ?

श्रीधर जैसे अनेक ध्रुव तारे आज देश को आलोकित कर रहे हैं पर इन तारों की चमक, समाज को चौंधियाती नहीं है। उनके कर्म, न्यूज़ चैनल की सुर्खियां को रौशन नहीं करते हैं।
और जिन्हे सुबह शाम, रौशन किया जा रहा है वे अँधेरे के सिवा आपको कुछ दे नहीं सकते।

मेरा आग्रह आपसे है
अगर बच्चों का भविष्य बदलना है
तो कुछ देर के लिए न्यूज़ चैनल बंद कीजिये
और
अपने आस पास
अपने गाँव देस में श्रीधर ढूंढिए 💞

HelpFull Hands Team (Koshish) कोशिशअगर किसी अच्छे कार्य के लिए एक कोशिश की जाए तो पूरी कायनात उसे आपके साथ करने में आपका...
10/10/2020

HelpFull Hands Team (Koshish) कोशिश

अगर किसी अच्छे कार्य के लिए एक कोशिश की जाए तो पूरी कायनात उसे आपके साथ करने में आपका पूर्ण सहयोग प्रदान करती है और आपकी मदद अवश्य ही हो जाती है चाहे वो धरती के किसी भी कोने से ही क्यू आये !

परसो सुबह मुझे मधु दीदी का केस आया बोली माही के लड़की है जो इटावा के पास की रहने वाली है उसके भाई को कैंसर है और उसे एस०डी०पी० किट खरीदने है अपने भाई के लिए मैंने तुम्हारा नम्बर तरुण इंसान जो बुलंद शहर से है उन्हें दे दिया है तुम बात कर लो !!

मैंने बोला में कोशिश करूंगा , शाम को तरुण जी का कॉल आया और मेरी उनसे बात हुई उसके बाद whastapp पर मैंने मरीज की सारी जानकारी मंगवाई व उन्हें भी बोला में कोशिश करता हूँ , उसके बाद मेरी मरीज की बहिन जो कि भाई के साथ दिल्ली में ही रहती है अस्पताल में उनसे बात हुई तो उन्होंने मुझे बताया वो इटावा औरैया के पास की रहने वाली है काफी समय से भाई का इलाज चल रहा है जिस कारण उन्हें काफी परेशानी भी हो रही है मैंने उनसे उनके पिता जी के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया वो अब कुछ नही करते है उनकी भी तबियत ठीक नही रहती है ,उन्हें दो एस०डी०पी० किट की जरूरत है ओर एक कि कीमत 7200₹ है ,अगर उन्हें एक भी मदद होती है तो बहुत मदद होगी उनकी , बात करने के बाद मैंने उनसे डिमांड लेटर लिया और सुबह तक का इंतज़ार करने के लिए बोला !

मैंने उनकी मदद के लिए कोई पोस्ट तो नही किया था लेकिन मुझे यकीन था सिर्फ एक शख्श ही इस मुश्किल परिस्थितियों में परिवार का सहयोग कर सकता है क्यूंकि अबतक हमेशा ही उन्होंने जरूरतमंद परिवार की सहायता की है , मैंने उन्हें संदेश भेजा और कॉल करने के लिए कहा " लेकिन सर अपने कार्य मे बहुत बिजी थे तो मुझे रात में कॉल नही कर पाए ? वैसे दो दिन पहले ही सिल्वर सर से मेरी बात हुई थी और उन्होंने मुझे खुद बोला माही किसी भी मेडिकल से सम्बंधित सहायता चाहिए तो मुझे जरूर बताना मुझसे जितना होगा में मदद करूँगा "मैंने बोला जरूर "

मैंने सर को सुबह 10 बजे दोबारा से संदेश भेजा और सारी जानकारी सर के साथ सांझा की और उन्हें प्रिया (बदला हुआ नाम) का खाता से सम्बंधित जानकारी सांझा की सर बोले माही कुछ देर इंजतार करो में अभी करता हूँ ! तुम बोल दो की वो अपना काम करें उनके खाते में पूरे दो किट के पैसे पहुँच जायेगे वो भी 15000₹

इस बीच मेरी तरुण जी व सिल्वर सर से कई बार बात हुई और शाम को प्रिया जी के खाते में पूरे 15000₹ रुपये पहुँच गए जिसके बाद वो अपने भाई के लिए एस०डी०पी० किट खरीद पाई 😍

कस केस को मुझे से सांझा करने वाले तरुण जी व मधु दीदी का तहे-दिल से धन्यवाद जो मरीज की हर संभव मदद कर रहे है 40 किलोमीटर दूर से डोनर अपने साथ लेकर आते है और दिल्ली में आकर उनका डोनेशन कराते है यह बताता है कि इंसानियत अभी बाकी है मेरे दोस्त नही इस मतलबी दुनिया मे लोग अपनो के लिए रक्तदान नही करते है लेकिन आप तो सबके लिए कार्य कर रहे है !

और इस परिवार की इस मुश्किल परिस्थिति में मदद करने वाले दूर देश मे बैठ कर अपने देश के लोगो की मदद करने वाले, उनके सुख-दुःख में शामिल होने वाले अपने प्रिय सिल्वर सर के लिए तो शब्दकोष के शब्द ही कम पड़ते है क्युकी वो इंसान रूपी ईश्वर का अवतार है और आप सभी जानते है ईश्वर के बारे में तो कोई नही लिख पाया में तो फिर भी छोटा सा बच्चा हूँ ! सर मेरी जिंदगी के वो खास इंसान है की मैनें सर को जब-जब आवाज दी और लोगो की मदद करने के लिए उन्होंने हमेशा ही मेरी उम्मीद से ज्यादा लोगो की मदद की है "सलाम है सर आपको"

में राधा-रानी से आप सभी के अच्छे स्वास्थ्य आपके व आपके परिवार की उज्जल भविष्य की कामना करता हूँ आप हमेशा ऐसे ही जरूरतमंद परिवार के काम आए उनकी मदद करें और देश दुनिया मे इंसानियत को जिंदा रखे " जय हिंद जय भारत"

नोट - एस०डी०पी० किट के माध्यम से एक स्वस्थ व्यकित के शरीर से प्लेलेट्स निकाल कर के रोगी के शरीर मे डाली जाती है !

महेश शर्मा माही (टीम कोशिश) Socio Story
केस दिनाँक - 08/10/2020 स्थान - दिल्ली आइम्स

जिस नर्स ने ये फोटो खींची है उसने बताया कि इस बूढ़े मरीज़ को 3 दिन हो गए अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती हुए और इन 3 दिनों...
26/09/2020

जिस नर्स ने ये फोटो खींची है उसने बताया कि इस बूढ़े मरीज़ को 3 दिन हो गए अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती हुए और इन 3 दिनों में इनकी फैमिली का कोई भी सदस्य हालचाल लेने नहीं आया !!

लेकिन एक कबूतर 2 दिन से आकर उनके बेड पर थोड़ी देर बैठकर चला जाता है , बाद में पता चला कि वो अस्पताल के बगल वाले पार्क की बेन्च पर बैठकर इस कबूतर को दाना डालते थे !!

बेज़ुबान फ़रिश्ता
साभार

ये नहीं पता कि उक्त घटना घटी या नहीं लेकिन इसका मर्म बहुत प्यारा है

Sonu Sood की नई मुहिम 💞शेयर करें और मदद करें जरूरतमंद परिवार की Any query - Call 0206-7083686
24/09/2020

Sonu Sood की नई मुहिम 💞
शेयर करें और मदद करें जरूरतमंद परिवार की

Any query - Call 0206-7083686

Mission Smile...🙂  (Koshish) कोशिशआज सुबह जी०आर०पी जलेसर रोड से महेंद्र भैया का कॉल आया बोले एक 80+ बुजुर्ग दादी रेलवे स...
24/09/2020

Mission Smile...🙂 (Koshish) कोशिश

आज सुबह जी०आर०पी जलेसर रोड से महेंद्र भैया का कॉल आया बोले एक 80+ बुजुर्ग दादी रेलवे स्टेशन पर बैठी हुई है मैनें बोला में अभी आता हूँ उस वक़्त में अपनी दवाई खाने जा ही रहा था !!

में अम्मा जी के पास गया जब वहां पर बहुत भीड़ थी
उसके बाद सबको जाने के बारे के लिए बोला और में अकेला ही बैठ गया उनके पास और उनसे जानकारी लेने की कोशिश की , अम्मा को बहुत तेज़ बुखार भी था इसलिए उन्हें बिस्कुट दिया खाने को और दवाई भी मंगाई गई !

बहुत कोशिशों के बाद भी अम्मा जी ने जब अपने परिवार के बारे के सही जानकारी नही दी उन्होंने सिर्फ इतना बताया कि उन्हें हम गाड़ी में बैठा दे वो उस रास्ते पर उतर जाएगी "मेरे लिए इतनी ही जानकारी बहुत थी"
मैंने उस बताये हुए जगह पर रहने वाले बिजली विभाग के TG2 लाखन सिंह जी से सम्पर्क किया क्योंकि मैनें पहले उसी विभाग में काम किया है इसलिए उनका नम्बर मेरे पास था !!

उनको कॉल किया उन्हें हाल-चाल पूछा और मदद मांगी उन्होंने तुरतं अपने स्टाफ़ का नम्बर दिया जिसके बाद अम्मा जी का फोटो व्हाट्सएप्प किया गया 20 मिनट के बाद पता चला की वो अम्मा उस गांव की नही है उसके बाद फिर से कोशिश की गई और अम्मा जी के बताए हुए थोड़े से पते के आस-पास के गांव के प्रधान जी से सम्पर्क किया गया यहाँ भी कोई सफलता हाथ नही लगी उसके बाद फिर से दूसरे गांव के प्रधान जी से सम्पर्क किया और फिर इस बार सफलता हाथ लगी और प्रधान जी द्वारा अम्मा जी के बेटे से सम्पर्क किया गया और करीब 1 घण्टे के बाद अम्मा जी को उनका नाती लेने आया जिसे जी०आर०पी चौकी जलेसर रोड द्वारा कॉ- प्रवीन जी, नेत्रपाल जी ,महेंद्र पल जी , के द्वारा कागजी कार्यवाही के बाद परिवार के सुपुर्द कर दिया गया ☺️

जलेसर रोड से अम्मा जी के घर की दूरी करीब 30 किलोमीटर दूर है और उनके नाती द्वारा बताया गया की अम्मा जी की उम्र करीब 97 साल है आज पहली बार ही इस तरह हुआ है कि अम्मा जी घर से कही गयी दूर चली आयी है "जी०आर०पी० का धन्यवाद किया और अम्मा को लेकर चले गए !

दिल से धन्यवाद ........
जी०आर०पी जलेसर रोड मानिकपुर
ग्राम प्रधान मोहन जी , रवि जी (प्रधान)
लाखन सिंह (TG2 बिजली विभाग रसमई)

पुलिस छवि सुधार:-एक मुहिम

विश्व प्रसिद्ध फैशन डिजाइनर, ब्लॉगर और लेखक "किर्ज़िदा रोड्रिग्ज" द्वारा लिखा गया एक नोट कैंसर से मरने से पहले। 1. दुनिय...
22/09/2020

विश्व प्रसिद्ध फैशन डिजाइनर, ब्लॉगर और लेखक "किर्ज़िदा रोड्रिग्ज" द्वारा लिखा गया एक नोट कैंसर से मरने से पहले।

1. दुनिया की सबसे महंगी ब्रांड कार मेरे गैरेज में पड़ी है। लेकिन मुझे व्हीलचेयर में बैठना होगा।
2. मेरा घर हर तरह के डिजाइन के कपड़े, जूते, महंगी चीजों से भरा है। लेकिन मेरा शरीर अस्पताल द्वारा प्रदान की गई एक छोटी सी चादर में ढका हुआ है।

3. बैंक का पैसा मेरा पैसा है। लेकिन वह पैसा अब मेरे किसी काम का नहीं है।
4. मेरा घर एक महल की तरह है लेकिन मैं अस्पताल में एक जुड़वां आकार के बिस्तर पर लेटी हूं।

5. मैं एक फाइव स्टार होटल से दूसरे फाइव स्टार होटल में जाती थी । लेकिन अब मैं अपना समय अस्पताल में एक प्रयोगशाला से दूसरे में जाने में लगा रही हूं।
6. मैंने सैकड़ों लोगों को ऑटोग्राफ दिया है - और आज डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शन मेरा ऑटोग्राफ है।

7. मेरे बालों को सजाने के लिए मेरे पास सात ब्यूटीशियन थे - आज मेरे सिर पर एक भी बाल नहीं है।
8. एक निजी जेट में, मैं जहां चाहे उड़ सकती थी । लेकिन अब मुझे अस्पताल के बरामदे में जाने के लिए दो लोगों की मदद लेनी होगी।

9. हालांकि दुनिया भर में कई खाद्य पदार्थ हैं, मेरा आहार दिन में दो गोलियां और रात में खारा कुछ बूँदें हैं।

यह घर, यह कार, यह जेट, यह फर्नीचर, इतने सारे बैंक खाते, इतनी प्रतिष्ठा और इतनी प्रसिद्धि, इनमें से कोई भी मेरे लिए किसी काम का नहीं है। इसमें से कोई भी मुझे थोड़ा आराम नहीं दे सकता। यह केवल दे सकता है कुछ प्यारे लोगों के चेहरे, और उनका स्पर्श। "
मृत्यु से अधिक सत्य कुछ भी नहीं है..🙏

साभार

3rd SDP Donation Done By Harish Bhaiबहुत-बहुत धन्यवाद आपका   💞करके देखिए अच्छा लगता है !!रक्तदान-महादान ✊
16/09/2020

3rd SDP Donation Done By Harish Bhai
बहुत-बहुत धन्यवाद आपका 💞

करके देखिए अच्छा लगता है !!
रक्तदान-महादान ✊

आपको रक्तदान के लिए धन या ताकत की जरूरत नहीं होती हैं। रक्तदान के लिए तो एक बड़ा दिल और मुक्त मन की जरूरत होती हैं।प्राच...
01/09/2020

आपको रक्तदान के लिए धन या ताकत की जरूरत नहीं होती हैं। रक्तदान के लिए तो एक बड़ा दिल और मुक्त मन की जरूरत होती हैं।

प्राची नाम की महिला का कॉल आया की मुझे आपका नंबर सोशल मीडिया के माध्यम से मिला मेरी रिश्तेदार की तबीयत बहुत खराब है उसे रक्त की आवश्यकता है आप प्रदान कर सकते हैं उसने ऐसा मुझसे पूछा मैंने पहले इस महिला से मरीज की जानकारी प्राप्त की बताया कि उसे एक फीमेल प्रॉब्लम है उसके चलते उसका बहुत सारा रक्त लगातार बह रहा है डॉक्टर ने कहा कि जल्दी नहीं मिला तो कुछ भी हो सकता है उसे 3 यूनिट ब्लड की आवश्यकता थी जिसमें से दो यूनिट उन्होंने प्रबंध कर लिया था अब उनको एक यूनिट चाहिए था मैंने उनको बोल दिया कि मैं रक्तदान कर दूंगा। आज सुबह मैं रघु शांति अस्पताल फ़िरोज़ाबाद पहुंचा और मरीज की जानकारी प्राप्त की उसके बाद में रक्तदान करके मरीज को रक्त उपलब्ध कराया !!

आपका बहुत बहुत धन्यवाद पं. अभिषेक शिवकुमार उपाध्याय भैया जी आपके बजह से मरीज गीता देवी को नया जीवनदान - प्राप्त हुआ है (Koshish) कोशिश परिवार राधा-रानी से आपके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता है आप हमेशा मस्त रहे स्वस्थ रहे 💞🙏

करके देखो अच्छा लगता है "रक्तदान-महादान"

गीता देवी उम्र 42
रघु शांति हॉस्पिटल फ़िरोज़ाबाद
ब्लड ग्रुप बी+

आज बातें एक सैनिक, एक चिकित्सक और अध्यापक की। अभी 3 दिन पहले महिलाओं के लिए समर्पित पत्रिका Femina ने एक फ़ोटो अपने कवर प...
24/08/2020

आज बातें एक सैनिक, एक चिकित्सक और अध्यापक की। अभी 3 दिन पहले महिलाओं के लिए समर्पित पत्रिका Femina ने एक फ़ोटो अपने कवर पेज पर छापी और वह फ़ोटो धीरे-धीरे वायरल होने लगीं। यह फोटो लेफ्टिनेंट जनरल माधुरी कानितकर ( Madhuri Kanitkar ) की हैं। हम , लोकल प्रयागराज की टीम ने उनके बारें में जानकारियां इकट्ठा की और आप सबके साथ साझा कर रहें हैं।

सेना में महिलाओं को कमांड पोस्टिंग देने के सुप्रीम कोर्ट के एतिहासिक फैसले के बाद माधुरी कानितकर (Madhuri Kanitkar) ने इस साल 29 फरवरी को लेफ्टिनेंट जनरल का पद संभाला है. सशस्त्र बलों में इस रैंक पर पहुंचने वाली वह तीसरी महिला हैं. माधुरी इस रैंक पर पहुंचने वाली भले ही तीसरी महिला हैं लेकिन लेफ्टिनेंट जनरल बनने वाली वह पहली बाल रोग चिकित्सक हैं.

देश के एक प्रमुख अखबार इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, माधुरी के पति राजीव कानितकर भी लेफ्टिनेंट जनरल रह चुके हैं. माधुरी और राजीव ऐसे पहले कपल हैं जो आर्म्ड फॉर्स में इस रैंक पर पहुंचे हैं. हालांकि, लेफ्टिनेंट राजीव कानितकर कुछ वक्त पहले ही आर्मी से रिटायर हुए हैं. लेफ्टिनेंट जनरल माधुरी कानितकर पुणे में सशस्त्र बल मेडिकल कॉलेज (AFMC) की पहली महिला डीन हैं और उन्हें आर्मी मेडिकल कोर में पहला बाल चिकित्सा नेफ्रोलॉजी यूनिट स्थापित करने के लिए जाना जाता है.

कानितकर ने एम्स में पीडियाट्रिक और पीडियाट्रिक नेफ्रोलॉजी की पढ़ाई एम्स से की है. इसके अलावा माधुरी कानिटकर, प्रधानमंत्री के वैज्ञानिक और तकनीकी सलाहकार बोर्ड की भी सदस्य हैं.

लेफ्टिनेंट जनरल माधुरी कानितकर ( Madhuri Kanitkar) उन सभी लोगों के लिए एक प्रेरणा हैं जो समाज-कथित रूढ़ियों को तोड़ने में भरोसा रखते हैं।

Content & Research: By Team Local Bazi
Photos: Femina

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