18/12/2025
किसान, आदिवासी, पहाड़ी और रेगिस्तानी लोग सब अपने वजूद की लड़ाई लड़ रहे हैं. ये विद्रोह नहीं, ज़िंदा रहने की पुकार है ✊
👉 लेह-लद्दाख में सोनम वांगचुक और उनके साथी जलवायु की रक्षा के लिए खड़े हैं।
👉 छत्तीसगढ़ के आदिवासी अपने जंगलों और अस्तित्व को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं।
👉राजस्थान के लोग मरुस्थल की उपजाऊ ज़मीन और अरावली को बचाने के लिए संघर्षरत हैं।
👉हरियाणा-पंजाब के किसान अपनी खेती और धरती की हिफ़ाज़त में डटे हैं।
👉हिमाचल और उत्तराखंड के लोग अपने पहाड़ों को उजड़ने से बचाने के लिए आवाज़ उठा रहे हैं।
लेकिन सत्ता कॉर्पोरेट हितों के लिए प्रकृति, ज़मीन और जनता की आवाज़ को कुचल रही है। ❌❌
यह कोई विद्रोह नहीं, बल्कि देश और भविष्य को बचाने की साझा लड़ाई है।
अब हम सबको एक साथ आगे आकर इस अन्याय के खिलाफ लड़ना चाहिए। ✊