10/02/2026
उत्तराखण्ड क्रान्ति दल की स्थापना उत्तर प्रदेश के पर्वतीय ज़िलों से बने एक अलग राज्य के निर्माण आन्दोलन हेतु २६ जुलाई १९७९ को हुई थी। स्थापना सम्मेलन कुमाऊँ विश्वविद्यालय के भूतपूर्व उपकुलपति डॉ॰ डी.डी. पन्त की अध्यक्षता में आयोजित किया गया था। उक्राद के झण्डे तले अलग राज्य की माँग ने एक बड़े राजनीतिक संघर्ष और जन आन्दोलन का स्वरूप ले लिया और अंततः ९ नवम्बर २००० को यह अपने उद्देश्य में सफल रहा जब उत्तरांचल राज्य अस्तित्व में आया जिसे बाद में १ जनवरी २००७ को उत्तराखण्ड का नाम दिया गया। काशी सिंह ऐरी के युवा नेतृत्व के अंतर्गत राज्य के प्रथम विधानसभा चुनाव २००२ में, पार्टी को ७० सीटों में से ४ सीटों पर जीत हासिल हुई और यह राज्य में चुनावी लाभ और सरकारों के गठन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका बनाने में सफल रहा, परन्तु अलग राज्य आन्दोलन में देर से सक्रिय होने के बावज़ूद दोनों, राष्ट्रीय पार्टियों, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी द्वारा राज्य की राजनीति में सीमित कर दिया गया