02/06/2026
तारीख़ पर तारीख़ मिलती रही उम्र भर,
और एक दिन उम्र ही आख़िरी गवाह बन गई।🥹
🔹34 साल पहले हुआ एक अपराध... आज फैसला आया।
🔹अदालत के बाहर लाठी के सहारे चलते 85 वर्षीय दीप राय, हाथ में चप्पल, झुका हुआ शरीर... यह तस्वीर सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि हमारे न्याय तंत्र की धीमी रफ्तार पर भी सवाल खड़े करती है।
🔹34 साल में पीढ़ियां बदल गईं, लेकिन मुकदमा खत्म नहीं हुआ। न्याय मिला, लेकिन इतना देर से कि जिंदगी का बड़ा हिस्सा ही गुजर गया।
🔹न्याय केवल होना ही नहीं चाहिए, समय पर भी होना चाहिए।