26/09/2026
हाजीपुर नगर परिषद: जांच की आंच लेखापाल से सभापति तक, तो वार्ड पार्षदों की अकूत संपत्ति पर चुप्पी क्यों?
हाजीपुर नगर परिषद में भ्रष्टाचार की परतें लगातार उधड़ रही हैं:
🔹 सभापति पर जिला पदाधिकारी द्वारा जांच के आदेश दिए जा चुके हैं।
🔹 लेखापाल मनीष कुमार आय से अधिक संपत्ति के मामले में पहले से ही जांच के दायरे में हैं।
🔹 पूर्व कार्यपालक अभियंता पर भी आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की शिकंजा कस चुका है।
ऐसे में एक बड़ा और सीधा सवाल हाजीपुर की जनता के मन में तैर रहा है— साधारण वेतन-भत्ता पाने वाले कुछ वार्ड सदस्यों के पास महज 4-5 सालों में आलीशान मकान, लग्जरी गाड़ियां और सुख-सुविधाएं कहां से आ गईं?
साधारण भत्ते से करोड़ों की संपत्ति कैसे बनी? क्या यह भी जनता की गाढ़ी कमाई की लूट का नतीजा नहीं है?
हमारी मांग:
हाजीपुर (वैशाली) के जिला पदाधिकारी महोदय से विनम्र आग्रह है कि:
1️⃣ कुछ संदिग्ध वार्ड सदस्यों की चल-अचल संपत्ति की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
2️⃣ या पूरे मामले को आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के हवाले किया जाए ताकि हाजीपुर नगर परिषद के संपूर्ण भ्रष्टाचार का सच जनता के सामने आ सके।