01/06/2026
पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों को सिंहस्थ-2028 हेतु विशेष प्रशिक्षण
ग्वालियर पुलिस लाइन में सिंहस्थ-2028 हेतु विशेष प्रशिक्षण सत्र का आईजी ग्वालियर ने किया शुभारंभ
🔴 जिले के समस्त पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों को छः-छः दिवसीय विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
🔴01 मई से दिसम्बर 2026 तक उक्त प्रशिक्षण कुल 20 सत्रों में आयोजित किया जाएगा।
🔴 प्रशिक्षण के दौरान पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों के लिए हार्टफुलनेस मेडिटेशन का प्रशिक्षण व अभ्यास का भी आयोजन कराया जाएगा।
ग्वालियर 01.06.2026। उज्जैन में वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ(कुंभ) मेले को दृष्टिगत रखते हुए मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में आज दिनांक 01 जून 2026 से 06 जून 2026 तक ग्वालियर पुलिस लाइन में छः दिवसीय विशेष प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ पुलिस महानिरीक्षक ग्वालियर जोन श्री अरविन्द कुमार सक्सेना(भा.पु.से.) द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री धर्मवीर सिंह(भा.पु.से.), प्रशिक्षण की नोडल अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्रीमती सुमन गुर्जर एवं एसडीओपी घाटीगांव श्री शैलेन्द्र शर्मा, रक्षित निरीक्षक ग्वालियर श्री रणजीत सिंह सिकरवार की उपस्थिति में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इसके उपरांत प्रशिक्षण की नोडल अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती सुमन गुर्जर द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा से उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अवगत कराया गया। उन्होने बताया कि उज्जैन पुलिस लाइन में मास्टर ट्रेनर्स तैयार किए गए हैं, जो प्रदेश के विभिन्न जिलों में पुलिस बल को प्रशिक्षित करेंगे। इस हेतु उज्जैन में 21 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कर लौटे ग्वालियर जिले के मास्टर ट्रेनर्स एवं अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी जिले के समस्त पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों को दिनांक 01 जून 2026 से दिसंबर 2026 तक कुल 20 चरणों में 6-6 दिवसीय प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान करेंगे।
इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक ग्वालियर जोन श्री अरविन्द कुमार सक्सेना ने उपस्थित पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सिंहस्थ 2028 जैसे विशाल धार्मिक आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराने हेतु भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, शाही स्नान, अखाड़ों की पेशवाई, घाटों पर सुरक्षा प्रबंधन एवं आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए पुलिस बल को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी मानसिक एवं शारीरिक रूप से स्वयं को तैयार रखें, ताकि सिंहस्थ जैसे विशाल आयोजन में वे प्रभावी एवं दक्षतापूर्वक अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकें।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री धर्मवीर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि सिंहस्थ 2028 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं श्रद्धालु-अनुकूल बनाने के लिए यह एक महत्वाकांक्षी एवं दूरदर्शी प्रशिक्षण कार्यक्रम है। सिंहस्थ के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सेवा का दायित्व मध्यप्रदेश पुलिस पर रहेगा, जिसके लिए प्रत्येक पुलिसकर्मी का पूर्णतः प्रशिक्षित एवं सजग होना आवश्यक है। उन्होने कहा कि पूर्व आयोजनों के अनुभवों एवं चुनौतियों से सीख लेते हुए हमें स्वयं को और अधिक सक्षम बनाना होगा, क्योंकि सिंहस्थ जैसे महाआयोजन में किसी भी प्रकार की चूक की गुंजाइश नहीं होती। उन्होने कहा कि ड्यूटी के दौरान पुलिस बल को भीड़ नियंत्रण, आकस्मिक परिस्थितियों, कानून-व्यवस्था एवं सुरक्षा संबंधी जटिल चुनौतियों का सामना करना होगा। क्राउड कंट्रोल एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है और इसे प्रभावी ढंग से समझना एवं लागू करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर विश्वास कर लाखों श्रद्धालु कुंभ मेले में पहुंचते हैं और इस विश्वास को बनाए रखना हम सभी की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।
*हार्टफुलनेस मेडिटेशन*- प्रशिक्षण शुभारंभ से पूर्व अति0 पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्रीमती सुमन गुर्जर ने उपस्थित वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर एवं अन्य पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों को हार्टफुलनेस मेडिटेशन के तहत ध्यान का अभ्यास कराया और साथ ही, ध्यान के माध्यम से तनाव को कम करने और आत्मिक शांति प्राप्त करने के उपाय बताए गए। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों के कार्य का स्वरूप अत्यंत चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में हमारा शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है, लगातार कार्य करने की परिस्थिति से होने वाले तनाव को ध्यान के माध्यम से दूर किया जा सकता है। उन्होने उपस्थित पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों को हार्टफुलनेस मेडिटेशन के लाभ बताते हुए कहा कि इसका नियमित अभ्यास से तनाव, चिंता और थकावट को दूर किया जा सकता है। साथ ही, इससे कार्यक्षमता, ध्यान केंद्रित करने की क्षमता और सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है।