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ग्वालियर में घर के बाहर बैठी महिला के सिर में लगी गोली, हालत गंभीरपिकनिक में खाने को लेकर की गई टिप्पणी से शुरू हुआ विवा...
12/08/2026

ग्वालियर में घर के बाहर बैठी महिला के सिर में लगी गोली, हालत गंभीर

पिकनिक में खाने को लेकर की गई टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद, दो पक्षों में फायरिंग; 28 वर्षीय रेनू भदौरिया ICU में भर्ती

ग्वालियर। शहर के आदर्श नगर में मंगलवार देर रात पिकनिक में खाने को लेकर की गई टिप्पणी के बाद शुरू हुआ विवाद हिंसक रूप ले लिया। गाली-गलौज के बाद दोनों पक्षों के बीच फायरिंग हो गई। इस दौरान घर के बाहर बैठी 28 वर्षीय महिला रेनू भदौरिया के सिर में गोली लग गई। गंभीर रूप से घायल रेनू को परिजन तत्काल निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनकी हालत गंभीर होने के कारण उन्हें ICU में भर्ती किया गया है।

पिकनिक में खाने को लेकर हुआ था विवाद

गोला का मंदिर थाना पुलिस के मुताबिक, संतोष, अमन और सतीश नाम के चचेरे भाई अपने पड़ोसी अभिषेक माहौर के साथ पनिहार स्थित कन्हैर झील पर पिकनिक मनाने गए थे। वहां सभी ने दाल-टिक्कड़ खाया। खाना खाने के बाद अभिषेक की तबीयत बिगड़ गई और उसे उल्टी हो गई।

इसी दौरान चचेरे भाइयों ने अभिषेक को लेकर टिप्पणी कर दी। उन्होंने कहा कि जब खाना हजम नहीं होता तो इतना ज्यादा क्यों खाते हो। उस समय दोस्तों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया और सभी वापस अपने घर लौट आए।

घर लौटने के बाद फिर शुरू हुआ विवाद

पुलिस के अनुसार, घर लौटने के बाद इसी टिप्पणी को लेकर दोनों पक्षों में दोबारा विवाद शुरू हो गया। पहले गाली-गलौज हुई और देखते ही देखते फायरिंग शुरू हो गई।

बताया जा रहा है कि घटना के दौरान रेनू भदौरिया अपने घर के दरवाजे पर बैठी थीं। उनके आसपास कुछ अन्य महिलाएं भी मौजूद थीं। इसी दौरान करीब 100 मीटर दूर गली में हुई फायरिंग की एक गोली रेनू के सिर में जा लगी। गोली लगते ही वह खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ीं।

315 बोर की गोली लगने की पुष्टि

घटना की सूचना मिलने के बाद गोला का मंदिर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए, जबकि फॉरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जरूरी साक्ष्य एकत्र किए।

प्रारंभिक जांच में महिला को लगी गोली 315 बोर की बताई जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि विवाद और फायरिंग में शामिल लोगों में से किनके पास 315 बोर की राइफल या अन्य हथियार हैं। फायरिंग कट्टे से किए जाने की संभावना को लेकर भी जांच की जा रही है।

पुलिस ने शुरू की आरोपियों की तलाश

पुलिस दोनों पक्षों के बीच हुए विवाद की पूरी कड़ी और फायरिंग में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। घटना रात करीब डेढ़ बजे की बताई जा रही है। पुलिस द्वारा घटनास्थल के साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

ग्वालियर में हर महीने 200 गैस सिलेंडर लीकेज की शिकायतें5.73 लाख एलपीजी उपभोक्ताओं की सुरक्षा का जिम्मा 40 गैस एजेंसियों ...
12/08/2026

ग्वालियर में हर महीने 200 गैस सिलेंडर लीकेज की शिकायतें

5.73 लाख एलपीजी उपभोक्ताओं की सुरक्षा का जिम्मा 40 गैस एजेंसियों पर, डिलीवरी के समय लीकेज जांचना जरूरी

ग्वालियर। ग्वालियर-चंबल अंचल में रसोई गैस सिलेंडर लीकेज की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। अकेले ग्वालियर जिले में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) के करीब 5.73 लाख एलपीजी उपभोक्ता हैं। इन उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की आपूर्ति और सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारी शहर की करीब 40 गैस एजेंसियों पर है।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, सभी गैस एजेंसियों को मिलाकर औसतन हर महीने करीब 200 सिलेंडर लीकेज की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। लगातार सामने आ रही इन शिकायतों ने रसोई गैस की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

डेढ़ घंटे में पहुंचना अनिवार्य

ग्वालियर-चंबल एलपीजी फेडरेशन के कॉर्डिनेटर श्यामानंद शुक्ला के अनुसार, नियमों के मुताबिक गैस लीकेज की शिकायत मिलने के बाद संबंधित गैस एजेंसी के मैकेनिक को डेढ़ घंटे के भीतर उपभोक्ता के घर पहुंचकर समस्या का समाधान करना अनिवार्य है।

डिलीवरी लेते समय जरूर करें लीकेज टेस्ट

जानकारों के मुताबिक गैस सिलेंडर में होने वाली कई लीकेज की समस्या को डिलीवरी के समय ही पहचाना जा सकता है। उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि नया सिलेंडर लेते समय डिलीवरी बॉय से लीकेज टेस्ट जरूर करवाएं।

डिलीवरी के दौरान सिलेंडर की सील खोलकर वाल्व पर पानी डालकर उसकी जांच की जाती है। यदि वाल्व के अंदर लगी ओ-रिंग कटी या खराब है तो वहां से बुलबुले बनने लगते हैं। ऐसी स्थिति में उपभोक्ता को सिलेंडर लेने से मना कर उसे तत्काल वापस कर देना चाहिए।

हर पांच साल में सुरक्षा जांच

इधर, IOCL की ओर से उपभोक्ताओं के घरों पर हर पांच साल में होने वाली अनिवार्य सुरक्षा जांच भी शुरू कर दी गई है। इसके लिए उपभोक्ता से ₹236 शुल्क लिया जा रहा है। गैस एजेंसी का प्रतिनिधि उपभोक्ता के घर पहुंचकर गैस चूल्हे, रेगुलेटर, पाइप और अन्य सुरक्षा बिंदुओं की जांच करता है।

सुरक्षा जांच नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं के कनेक्शन पर कार्रवाई की जा सकती है और गैस कनेक्शन बंद भी किया जा सकता है।

उपभोक्ताओं को बरतनी चाहिए सावधानी

गैस सिलेंडर की डिलीवरी लेते समय सील, वाल्व और लीकेज की जांच करना उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। गैस की गंध महसूस होने पर किसी भी तरह का इलेक्ट्रिकल स्विच ऑन या ऑफ न करें, आग या माचिस का इस्तेमाल न करें और तत्काल गैस एजेंसी को सूचना दें।

नगर निगम अपर आयुक्त टी प्रतिक राव बने स्मार्ट सिटी सीईओ ग्वालियर
12/08/2026

नगर निगम अपर आयुक्त टी प्रतिक राव बने स्मार्ट सिटी सीईओ ग्वालियर

12/08/2026

जनकगंज में 18 लाख रुपये की चोरी का खुलासा, चार आरोपी गिरफ्तार बाल अपचारी अभिरक्षा में

ग्वालियर। जनकगंज थाना क्षेत्र में हिन्दुस्तान लीवर एजेंसी के कार्यालय से हुई करीब 18 लाख रुपये की चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक बाल अपचारी को अभिरक्षा में लिया गया है।

पुलिस के अनुसार, चोरी की वारदात के बाद आरोपियों की तलाश के लिए CCTV फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद ली गई। फुटेज से मिले सुरागों और प्राप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने संदिग्धों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया।

पूछताछ के दौरान पुलिस को चोरी की वारदात से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले। मामले में चार आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है तथा एक नाबालिग को बाल अपचारी होने के कारण अभिरक्षा में लिया गया है।

पुलिस द्वारा आरोपियों से पूछताछ कर चोरी की रकम एवं वारदात में इस्तेमाल किए गए अन्य सामान के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और चोरी की रकम की बरामदगी सहित अन्य पहलुओं पर भी कार्रवाई की जा रही है।

CCTV फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से हुए इस खुलासे को जनकगंज पुलिस की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।

अवैध यूनिपोल हटाने की कार्रवाई पर उठे सवालएक ही स्थान, वही अधिकारी और वही यूनिपोल बेस की तस्वीरें; नगर निगम की कार्रवाई ...
12/08/2026

अवैध यूनिपोल हटाने की कार्रवाई पर उठे सवाल

एक ही स्थान, वही अधिकारी और वही यूनिपोल बेस की तस्वीरें; नगर निगम की कार्रवाई पर गंभीर प्रश्न

ग्वालियर। शहर में अवैध होर्डिंग और यूनिपोल के खिलाफ नगर निगम द्वारा की जा रही कार्रवाई को लेकर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सामने आई दो अलग-अलग तारीखों की तस्वीरों और निगम के जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी समाचारों को लेकर सवाल उठाया जा रहा है कि कहीं कार्रवाई को कागजों और तस्वीरों में दिखाने तक ही तो सीमित नहीं रखा जा रहा?

मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि नगर निगम के जनसंपर्क विभाग द्वारा 10 अगस्त को जारी समाचार और तस्वीरों में दावा किया गया था कि शहर में अवैध यूनिपोल हटाए गए हैं और उनके बेस को भी ध्वस्त कर दिया गया है।

इस खबर में दिखाई दे रही तस्वीरों में होर्डिंग के नोडल अधिकारी श्री अनूप लिटोरिया मेहरून रंग की टी-शर्ट में नजर आ रहे हैं।

इसके बाद जारी की गई एक अन्य खबर और तस्वीरों में भी दावा किया गया कि हाई कोर्ट के आदेश के पालन में शहर में अवैध यूनिपोल हटाए गए और उनके बेस ध्वस्त किए गए हैं।

लेकिन यहां सवाल खड़ा होता है।

दूसरी तस्वीर में भी श्री अनूप लिटोरिया उसी मेहरून टी-शर्ट में दिखाई दे रहे हैं। स्थान भी वही नजर आ रहा है और यूनिपोल का बेस भी वही दिखाई दे रहा है, जिसे पहले ही ध्वस्त किए जाने का दावा किया गया था।

आखिर सवाल यह है कि बेस दोबारा कैसे दिखाई दे रहा है?

यदि 10 अगस्त को जारी खबर में किसी यूनिपोल का बेस ध्वस्त किए जाने का दावा किया गया था, तो उसके बाद जारी तस्वीर में उसी स्थान पर वही बेस दिखाई देने को लेकर नगर निगम को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

क्या दोनों तस्वीरें वास्तव में अलग-अलग दिनों की हैं?

क्या कार्रवाई वास्तव में दो बार की गई?

या फिर एक ही कार्रवाई की तस्वीरों को अलग-अलग समय पर जारी करके अलग-अलग कार्रवाई के रूप में प्रस्तुत किया गया?

इन सवालों का जवाब नगर निगम प्रशासन को देना चाहिए, क्योंकि मामला महज एक तस्वीर का नहीं बल्कि हाई कोर्ट के आदेश के अनुपालन और न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की जाने वाली कार्रवाई की रिपोर्ट से जुड़ा हुआ है।

हाई कोर्ट में सुनवाई से ठीक पहले क्यों तेज हुई कार्रवाई?

मामले को लेकर एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ रहा है। 12 अगस्त को न्यायमूर्ति श्री जी.एस. आहलूवालिया की अदालत में होर्डिंग मामले की सुनवाई प्रस्तावित है, जिसमें नगर निगम को अपनी ओर से जवाब और कार्रवाई की स्थिति प्रस्तुत करनी है।

ऐसे में सुनवाई से ठीक पहले अवैध यूनिपोल हटाने की कार्रवाई और उससे संबंधित तस्वीरों व समाचारों के लगातार जारी होने ने सवालों को और गंभीर कर दिया है।

नगर निगम यदि यह दावा कर रहा है कि हाई कोर्ट के आदेश का पूरी तरह पालन किया गया है, तो उसे यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि संबंधित यूनिपोल कब हटाया गया, बेस कब ध्वस्त किया गया, कार्रवाई का स्थान क्या था और उस कार्रवाई की दिनांक एवं समय सहित वास्तविक तस्वीरें या वीडियो रिकॉर्डिंग क्या है।

अधिकारी कर रहे हैं मेहनत या तस्वीरों में ही पूरी हो रही कार्रवाई?

नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों पर लगातार कार्रवाई का दबाव होने की बात कही जा रही है। अधिकारी दिन-रात मेहनत कर रहे हैं और संभव है कि लगातार अभियान के कारण उन्हें पर्याप्त समय भी नहीं मिल पा रहा हो।

लेकिन सवाल यह है कि मेहनत जमीन पर दिखाई देनी चाहिए या केवल जारी की गई तस्वीरों और प्रेस नोट में?

जनता को नगर निगम से सिर्फ प्रेस नोट नहीं, बल्कि जमीनी कार्रवाई की पारदर्शी और प्रमाणिक जानकारी चाहिए।

यदि तस्वीरों को लेकर उठ रहे सवाल गलत हैं तो नगर निगम को सामने आकर पूरे मामले का स्पष्टीकरण देना चाहिए। और यदि तस्वीरों में वास्तव में कोई विसंगति है तो इसकी जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।

क्योंकि सवाल सिर्फ नगर निगम की कार्रवाई पर नहीं है।

सवाल यह है कि यदि सरकारी रिकॉर्ड और न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की जाने वाली कार्रवाई की तस्वीरों पर ही सवाल खड़े होने लगें, तो आम नागरिक नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भरोसा कैसे करे?

अब देखना यह होगा कि हाई कोर्ट में नगर निगम इस मामले में क्या जवाब प्रस्तुत करता है और तस्वीरों में दिखाई दे रही कथित समानता पर क्या स्पष्टीकरण देता है।

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🚨 ग्वालियर में फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का भंडाफोड़🇮🇳 ग्वालियर से चल रहा था अमेरिकी नागरिकों से करोड़ों की ठगी का खेलग्...
27/07/2026

🚨 ग्वालियर में फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का भंडाफोड़

🇮🇳 ग्वालियर से चल रहा था अमेरिकी नागरिकों से करोड़ों की ठगी का खेल

ग्वालियर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए आगरा-मुंबई हाईवे स्थित एक होटल में चल रहे फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मौके से 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड प्रबल प्रताप सिंह परिहार अभी फरार बताया जा रहा है।

आरोपी अमेरिकी नागरिकों को कॉल कर स्वयं को "Lending Club" का एजेंट बताते थे। अमेरिकी लहजे (American Accent) में बात कर लोन स्वीकृत कराने, गिफ्ट और अन्य ऑफर का झांसा देकर सोशल सिक्योरिटी नंबर, बैंकिंग जानकारी और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर डॉलर में ठगी करते थे।

पुलिस ने मौके से बरामद किए:

💻 4 लैपटॉप
📱 7 मोबाइल फोन
🎧 4 हेडफोन
📄 अंग्रेजी कॉलिंग स्क्रिप्ट
📂 अमेरिकी नागरिकों का डेटा बेस
💰 कुल जब्ती लगभग ₹3.75 लाख

गिरफ्तार आरोपी गुजरात, उत्तर प्रदेश और नागालैंड के निवासी हैं। पुलिस अब इस अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।

⚠️ सावधान रहें किसी भी अनजान कॉल, ईमेल या मैसेज पर अपनी बैंकिंग जानकारी, OTP, सोशल सिक्योरिटी नंबर या अन्य निजी जानकारी साझा न करें।

दतिया उपचुनाव: भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी 13 जुलाई को भरेंगे नामांकन, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित कई दिग्गज होंगे ...
12/07/2026

दतिया उपचुनाव: भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी 13 जुलाई को भरेंगे नामांकन, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित कई दिग्गज होंगे शामिल

दतिया | विशेष संवाददाता
दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी श्री आशुतोष तिवारी सोमवार, 13 जुलाई 2026 को अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। इस अवसर पर दतिया में विशाल आमसभा एवं नामांकन रैली का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर के कई वरिष्ठ भाजपा नेता शामिल होंगे।

कार्यक्रम दोपहर 12:00 बजे किला चौक, दतिया से प्रारंभ होगा। भाजपा की ओर से इसे संगठन का महत्वपूर्ण कार्यक्रम घोषित किया गया है।

इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल, पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, उपमुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, सांसद श्रीमती संध्या राय, विधायक श्री प्रदीप अग्रवाल सहित भारतीय जनता पार्टी के अनेक वरिष्ठ नेता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे।

संगठन ने दिए विशेष निर्देश

भाजपा मंडल थरेट की ओर से जारी सूचना में सभी वरिष्ठजनों, मंडल पदाधिकारियों, बूथ पदाधिकारियों, मोर्चा एवं प्रकोष्ठ पदाधिकारियों, शक्ति केंद्र प्रभारियों, संयोजकों तथा सभी कार्यकर्ताओं से प्रत्येक बूथ से अधिकतम कार्यकर्ताओं और समर्थकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया है।

पार्टी ने स्पष्ट किया है कि यह संगठन की प्राथमिकता का कार्यक्रम है, इसलिए सभी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता समय पर पहुंचकर कार्यक्रम को भव्य और ऐतिहासिक बनाने में अपनी सक्रिय सहभागिता निभाएं।

आवागमन की रहेगी व्यवस्था

कार्यक्रम में शामिल होने वाले कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों के लिए आने-जाने की समुचित व्यवस्था भी की गई है, जिससे अधिक से अधिक लोग इस आयोजन में शामिल हो सकें।
भाजपा नेताओं ने कार्यकर्ताओं से विशाल जनसमर्थन के साथ कार्यक्रम को सफल बनाने और आगामी उपचुनाव में विजय का शंखनाद करने का आह्वान किया है।

कौन हैं डॉ. नरोत्तम मिश्रा?"समुद्र की लहरें पीछे जाती दिखें, तो किनारे पर घर मत बना लेना… मैं लौटकर आऊंगा" — अब टिकट कटन...
12/07/2026

कौन हैं डॉ. नरोत्तम मिश्रा?

"समुद्र की लहरें पीछे जाती दिखें, तो किनारे पर घर मत बना लेना… मैं लौटकर आऊंगा" — अब टिकट कटने से दतिया की राजनीति में मचा घमासान

दतिया। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद डॉ. नरोत्तम मिश्रा का यह शायराना बयान केवल हार स्वीकार करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे उनकी राजनीतिक वापसी के संकेत के रूप में देखा गया। लेकिन लगभग डेढ़ वर्ष बाद दतिया विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी द्वारा उनका टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाए जाने से मध्यप्रदेश की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है।

डॉ. नरोत्तम मिश्रा का प्रभाव केवल दतिया तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ग्वालियर-चंबल अंचल की राजनीति में भी वे भाजपा के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते रहे हैं। 2008 के परिसीमन के बाद डबरा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होने पर उन्होंने दतिया को अपनी नई राजनीतिक कर्मभूमि बनाया और 2008, 2013 तथा 2018 में लगातार जीत दर्ज की।

शिवराज सिंह चौहान सरकार में उन्होंने गृह मंत्री सहित कई महत्वपूर्ण विभागों का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया। उन्हें भाजपा का प्रमुख ब्राह्मण चेहरा और संगठन का कुशल रणनीतिकार माना जाता रहा।

हालांकि 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार राजेंद्र भारती से मिली हार उनके राजनीतिक जीवन का सबसे बड़ा झटका साबित हुई। बाद में राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता समाप्त होने से उपचुनाव की स्थिति बनी, लेकिन इस बार भाजपा ने डॉ. मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी पर भरोसा जताया।

डॉ. नरोत्तम मिश्रा का राजनीतिक सफर

जन्म: 15 अप्रैल 1960, ग्वालियर
शिक्षा: एम.ए., पीएचडी (जीवाजी विश्वविद्यालय)
छात्र राजनीति से शुरुआत, आरएसएस और एबीवीपी से जुड़ाव।
पहली बार विधायक: 1990
लगातार विधायक: 1998, 2003, 2008, 2013 और 2018
1 जून 2005 को बाबूलाल गौर मंत्रिमंडल में पहली बार मंत्री बने।
शिवराज सरकार में गृह मंत्री सहित कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली।

कमलनाथ सरकार के पतन के दौरान चर्चित 'ऑपरेशन लोट्स' में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है।

टिकट कटने की वजह क्या मानी जा रही है?

राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय नेतृत्व द्वारा कराए गए सर्वे में स्थानीय लोकप्रियता, संगठनात्मक स्वीकार्यता और भविष्य की राजनीतिक संभावनाओं के आधार पर इस बार नया चेहरा सामने लाने का निर्णय लिया गया। हालांकि भाजपा ने इस पर कोई आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या डॉ. नरोत्तम मिश्रा अपने उस बयान को सच साबित करते हुए एक बार फिर दमदार राजनीतिक वापसी करेंगे?

ग्वालियर: दो दिन से लापता आरक्षक का शव मिला, शरीर पर घसीटने और चोट के निशान, हत्या की आशंकाग्वालियर। शहर के शिवपुरी लिंक...
04/06/2026

ग्वालियर: दो दिन से लापता आरक्षक का शव मिला, शरीर पर घसीटने और चोट के निशान, हत्या की आशंका

ग्वालियर। शहर के शिवपुरी लिंक रोड स्थित नवीन लोहा मंडी के पास गुरुवार सुबह डीआरपी पुलिस लाइन में पदस्थ आरक्षक अंकित तोमर (36 वर्ष) का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से सनसनी फैल गई। शव पर गंभीर चोटों और घसीटने के निशान मिलने के बाद पुलिस हत्या की आशंका को भी ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

जानकारी के अनुसार, अंकित तोमर मूल रूप से मुरैना जिले के अंबाह-पोरसा क्षेत्र के निवासी थे और वर्तमान में ग्वालियर के सिकंदर कंपू इलाके में रह रहे थे। परिजनों ने बताया कि दो दिन पहले अंकित विभागीय डाक (सरकारी दस्तावेज) देने के लिए पोरसा जाने वाले थे। उनके भांजे अवध सिंह ने उन्हें बस स्टैंड पर बस में बैठाया था, लेकिन इसके बाद से उनका मोबाइल फोन लगातार बंद आ रहा था। वहीं, अंकित अपने गृहग्राम भी नहीं पहुंचे, जिससे परिजन चिंतित होकर उनकी तलाश कर रहे थे।

गुरुवार सुबह नवीन लोहा मंडी के पास सुनसान क्षेत्र में राहगीरों ने वर्दी पहने एक पुलिसकर्मी का शव पड़ा देखा और इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी, सीएसपी और थाना प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे तथा घटनास्थल का निरीक्षण किया।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटनास्थल से प्रारंभिक जांच में शरीर पर चोट और घसीटने के निशान पाए गए हैं, जिसके चलते हत्या की आशंका भी जताई जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम को भी मौके पर बुलाया गया।

पुलिस आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और स्थानीय लोगों से पूछताछ कर रही है। फिलहाल मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

घटना के बाद पुलिस विभाग और क्षेत्र में शोक एवं चिंता का माहौल है। जांच एजेंसियां हर पहलू को ध्यान में रखते हुए मामले की पड़ताल कर रही हैं।

AIIMS में इलाज के लिए नहीं चाहिए कोई जुगाड़, घर बैठे ऐसे लें डॉक्टर का अपॉइंटमेंटनई दिल्ली। देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा स...
04/06/2026

AIIMS में इलाज के लिए नहीं चाहिए कोई जुगाड़, घर बैठे ऐसे लें डॉक्टर का अपॉइंटमेंट

नई दिल्ली। देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों में शामिल अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) बेहतर इलाज और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए जाना जाता है। अक्सर लोगों के मन में यह धारणा होती है कि AIIMS में इलाज कराने के लिए किसी सिफारिश या जुगाड़ की आवश्यकता होती है, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है।

अब मरीज बिना किसी सोर्स या सिफारिश के ऑनलाइन माध्यम से आसानी से डॉक्टर का अपॉइंटमेंट प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए केंद्र सरकार के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सिस्टम (ORS) पोर्टल की सुविधा उपलब्ध है, जहां से घर बैठे अपॉइंटमेंट बुक किया जा सकता है।

ऐसे करें ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुक

1. सबसे पहले ORS पोर्टल पर जाएं।
2. Book Appointment विकल्प पर क्लिक करें।
3. जिस AIIMS में दिखाना है, उसका चयन करें।
4. पहली बार दिखाने के लिए New Appointment और पहले से इलाज चल रहा हो तो Follow Up Appointment चुनें।
5. बीमारी के अनुसार संबंधित विभाग (Department) का चयन करें।
6. AIIMS दिल्ली के मुख्य ओपीडी में दिखाने के लिए Main Hospital, Rajkumari Amrit Kaur (RAK) Out Patient Department का चयन करें।
7. मांगी गई व्यक्तिगत जानकारी भरकर अपॉइंटमेंट कन्फर्म करें।

लाइन में लगने की जरूरत नहीं

ऑनलाइन अपॉइंटमेंट मिलने के बाद मरीज निर्धारित समय पर अस्पताल पहुंचकर सीधे डॉक्टर से परामर्श ले सकते हैं। इससे लंबी कतारों में लगने की परेशानी से भी बचा जा सकता है।

मरीजों के लिए बड़ी सुविधा

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल व्यवस्था के कारण अब देश के किसी भी कोने से मरीज AIIMS में अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं। इससे पारदर्शिता बढ़ी है और इलाज के लिए किसी प्रकार की सिफारिश या जुगाड़ की आवश्यकता नहीं रह गई है।

निष्कर्ष: यदि आप AIIMS में इलाज करवाना चाहते हैं, तो किसी परिचय या सिफारिश की चिंता छोड़िए। ORS पोर्टल के माध्यम से कुछ आसान चरणों में ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेकर बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।

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