क्षत्रिय गुर्जर एकता टीम मध्यप्रदेश

क्षत्रिय गुर्जर एकता टीम मध्यप्रदेश smaj seva

महाराणा प्रताप के वीर साथी, भोमट के राजा राणा पूंजा जी भील की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन ।आदिवासी राणा पुंजा भील समाज विक...
05/10/2025

महाराणा प्रताप के वीर साथी, भोमट के राजा राणा पूंजा जी भील की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन ।
आदिवासी राणा पुंजा भील समाज विकास समिति चित्तोड़गढ़

गुर्जर प्रतिहार वंश की पनियार शाखा से संबंधित भामाशाह  #मातादीन_गुर्जर पनियार जी ने झालावाड़ पीड़ित परिवार को 51 लाख रुप...
26/09/2025

गुर्जर प्रतिहार वंश की पनियार शाखा से संबंधित भामाशाह #मातादीन_गुर्जर पनियार जी ने झालावाड़ पीड़ित परिवार को 51 लाख रुपए की सहायता राशि दी
यह सरकार तथा भाईचारा बिगाड़ने वालों के मुंह पर करारा तमाचा है
M D Matadeen Gurjar

अब ये मत कहना किसी गुर्जर ने लगाया है ये बोर्ड शिकोहाबाद में विधायक मुकेश वर्मा जी द्वारा लगाया गया गुर्जर सम्राट मिहिरभ...
24/09/2025

अब ये मत कहना किसी गुर्जर ने लगाया है ये बोर्ड
शिकोहाबाद में विधायक मुकेश वर्मा जी द्वारा लगाया गया गुर्जर सम्राट मिहिरभोज द्वार सच दुनिया को पता है

🙏🙏धन्यवाद विधायक जी ❤️❤️

जय वीर गुर्जर💪💪🚩🚩

चलो दादरी चलो दादरी गुर्जर स्वाभिमान महापंचायत  दिनांक   👉21/09/25 सुबह 11बजे सभी साथी अधिक से अधिक संख्य में पहुंचे जय ...
17/09/2025

चलो दादरी चलो दादरी
गुर्जर स्वाभिमान महापंचायत
दिनांक 👉21/09/25 सुबह 11बजे
सभी साथी अधिक से अधिक संख्य में पहुंचे
जय क्षत्रिय गुर्जर सम्राट मिहिर भोज 🚩🚩🚩

🙏🙏🚩🚩
16/09/2025

🙏🙏🚩🚩

 #कौन_था_वह_______⁉️  ! "मैं रहूं या ना रहूं ,भारत ये रहना चाहिए!"भारत का सबसे बड़ा और शक्तिशाली राजा जिन्होंने  #मलेक्ष...
16/09/2025

#कौन_था_वह_______⁉️ !

"मैं रहूं या ना रहूं ,भारत ये रहना चाहिए!"
भारत का सबसे बड़ा और शक्तिशाली राजा जिन्होंने #मलेक्षो को मारकर अपनी #मातृभूमि की रक्षा करी थी
इस भावना के साथ जो अपने जीवन के 50 वर्षों में घोड़े की पीठ पर सवार होकर युद्ध अभियानों में अरब हमलावरों को सिंधु नदी के पार जाकर खदेड़ता रहा...

हिंदूकुश तोरा बोरा की पहाड़ियों में घुस- घुस कर गुफाओं में उनका सर्वनाश किया.... जिसके प्रतापी वंशजों ने 4 शताब्दियों तक अरबों को भारत में नहीं घुसने दिया|

जिसके विषय में #बगदाद के इतिहासकार ूदी ने इस्लाम संप्रदाय तथा अरबों का सबसे बड़ा दुश्मन घोषित किया|

महाभारत काल के बाद का अंतिम चक्रवर्ती सम्राट जिस के नेतृत्व में एक बार चाणक्य के बाद फिर #अखंड #भारत की स्थापना हुई... वो जिसके नेतृत्व को पाल, चालुक्य , तोमर (तवंर) ,चौहान ,राष्ट्रकूट, चंदेल, परमार, चावडा अन्य वीर राजवंशों ने स्वीकार किया |

वो जिसकी 3600000 सैनिकों की #चतुरंगनी सेना चारों दिशाओं में हमेशा भूमंडल में युद्धरत रहती थी |

वह जिसका शासन कन्नौज से लेकर कंधार ग्वालियर से लेकर गुजरात बंगाल से लेकर बिहार तक था|वह जिसके राजकाज की भाषा #संस्कृत विद्वानों... से जिसका दरबार भरा रहता था उत्कृष्ट साहित्य की रचना जिसके शासनकाल में हुई... कौन था वह ...?

कौन था वह?
कौन था वह?

वह केवल और केवल #चक्रवर्ती_क्षत्रिय_गुर्जर_प्रतिहार_सम्राट #मिहिर_भोज था ... वह जो मध्यकाल का नायक अखंड भारत का निर्माता था | जिसके राज में ना कोई चोर ना डाकू था.. प्रजा, सुखी संतुष्ट व खुशहाल थी |

यह देश चक्रवर्ती गुर्जर सम्राट मिहिर भोज का सदैव ऋणी रहेगा..!

हर वह व्यक्ति चक्रवर्ती गुर्जर सम्राट मिहिर भोज का #मानस_पुत्र है जो इस देश को अपनी मां राम, कृष्ण को अपना पूर्वज मानता है।

जो सत्य सनातन वैदिक संस्कृति के दिव्य पथ का अनुगामी है।


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14/09/2025

🚩🚩 आज 14/09/2025 🚩🚩अमरोहा जिले की विधानसभा हसनपुर में गुर्जर प्रतिहार सम्राट मिहिर भोज जी महान की विशाल शोभायात्रा है। कृपा समय से पहुंचकर शोभायात्रा को सफल मनाये गुर्जर समाज
🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩

कर्नल साहब की जयंती पर कोटि कोटि नमन 🚩🚩🙏🙏🚩🚩
12/09/2025

कर्नल साहब की जयंती पर कोटि कोटि नमन 🚩🚩🙏🙏🚩🚩

आर्यवृत के इतिहास के अनुसार प्राचीन काल मे राजाओ की जाति लिखना आवश्यक नही था।क्षत्रियो के तीन वंश :- सूर्यवंशी ,चन्द्रवं...
08/09/2025

आर्यवृत के इतिहास के अनुसार प्राचीन काल मे राजाओ की जाति लिखना आवश्यक नही था।
क्षत्रियो के तीन वंश :- सूर्यवंशी ,चन्द्रवंशी, यदुवंशी
महाभारत के युद्ध के पश्चात प्राचीन उपाधि "गुर्जर"(शत्रु विनाशक)के साथ एकताबद्ध होकर एक जाति "गुर्जर "में सूत्रबद्व हुये और उनके नाम पर विजित क्षेत्र का नामकरण "गुर्जरात्रा" हुआ ।

गुर्जरो की पहली राजधानी "द्वारिका" थी।(बॉम्बे गजेटियर पेज 201)

इंडिया हिस्ट्री खण्ड 1 पेज 64 -65 पर CV वैध लिखते है।

जाट,गुर्जर,मराठा आदि नाम छठी शताब्दी या 7वी शताब्दी से पूर्व ही उपयोग में आये।

गुर्जर प्रतिहार वंश के राजा नागभट्ट की संतान आज तक अपने को गुर्जर कहती है।

गुर्जर प्रतिहार वंश की स्थापना नागभट्ट प्रथम ने की 725 ई में कई थी।उसने राम के वंशज लक्ष्मण को अपना पूर्वज बताते हुए अपने वंश को सूर्यवंश की साखा सिद्ध किया।

महाकवि राजशेखर ने गुर्जरो को रघुकुल तिलक तथा रघुकुलमणि कहा है।

7वी से 10 वी सताब्दी के शिलालेखों पर सूर्य की कलाकृति इनके सूर्यवंशी होने की पुष्टि करती है।

विद्ववानों का मानना है कि गुर्जरो ने भारत वर्ष को 300 साल तक अरब आक्रांताओ से सुरक्षित रखकर प्रतिहार (रक्षक)की भूमिका निभाई थी।

प्रतिहारो ने अपने शिलालेखो पर स्पस्ट रूप से" गुर्जर" वंश से होने की पुष्टि की है।

नागभट प्रथम बड़ा वीर था।उसने सिंध की और से आने वाले अरबो का सफलता पूर्वक सामना किया।

नागभट्ट के भतीजे का पुत्र वत्सराज इस वंश का प्रथम शासक था।जिसने सम्राट की उपाधि धारण की ।

वत्सराज द्वतीय के पुत्र नागभट्ट द्वतीय 2 ने 816 ई के लगभग गंगा की घाटी पर हमला कर कनौज पर अधिकार कर लिया।

और भीनमाल से राजधानी कनौज बनाई।

5वी सताब्दी में भीनमाल गुर्जरो की राजधानी थी।इसकी स्थापना गुर्जरो ने की थी।

गुर्जर प्रतिहारो के आरम्भिक नाते रिस्तेदार, आत्मीयजन सेनापति चौहान थे।

गुर्जर सम्राट मिहिर भोज का सेनापति भी चौहान ही था जिसे कनौज से भेजा गया था।

चीनी यात्री हेनसांग 630 ई से 645 ई तक आर्यवृत मे रहा वह भड़ौच की राजसभा में गया और अपने जीवन के व्यकितत्व की अन्वेषणा में उसने इस भड़ौच के इस "गुर्जर वंश" को "क्षत्रिय" लिखा है ।

वंश शुद्ध ता में कोई जाति संसार मे गुर्जरो की समानता नही कर सकती है।

राजपूत कोई जाति ही नही है ये तो इतिहासकारो का दिग्भ्रम है।न ही किसी राजपूत जाति ने इस देश पर शासन किया न ही इस जाति का पता चलता है।राजपूत शब्द सबसे पहले मुस्लिम आक्रमण कारियो ने प्रयोग किया था ।

शब्द हिन्दू,हिंदुस्तान,राजपूत,और अफगान,उस समय के एसमिरिती चिह्न है 12बी सताब्दी के पहले ये जाति धरती के पटल पर कही नही थी।

राजपूत "गुर्जर"की संतान है फिर संतान की रास्ट्रीयता पूर्वजो से उत्तम कैसे हो गई।

यूरोपीयन इतिहासकारो के अनुसार कई राजपूत वंश हून, शक, गुर्जरो आदि की संतान है।जिन्होंने भारत मे प्रवेश कर यही निवास ग्रहण कर लिया और बाद में हिन्दू धर्म स्वीकार कर लिया।

राजस्थान में जो शेखावत राजपूत है।जो अरब तुर्क (शेख)हारा कर( हिन्दू राजाओ ने गुलाम बनाकर जीवन दान दिया ) यही हिन्दू धर्म अपना लिया वो ही आज शेखावत राजपूत कहलाते है।

08/09/2025

600 ई से 1200 ई का काल नहीं है राजपूत काल l ये व्हाट्सप्प यूनिवर्सिटी द्वारा फैलाया हुआ झूठ है :- इतिहासकार रुचिका शर्मा

 #करैरा_चलो    #करैरा_चलो .....आने वाली 10 सितंबर 2025 को करैरा में क्षत्रिय गुर्जर प्रतिहार सम्राट मिहिरभोज जयंती के उप...
07/09/2025

#करैरा_चलो #करैरा_चलो .....
आने वाली 10 सितंबर 2025 को करैरा में क्षत्रिय गुर्जर प्रतिहार सम्राट मिहिरभोज जयंती के उपलक्ष में विशाल रैली एवं प्रतिभा सम्मान समारोह जिसमें मुख्य अतिथि आदरणीय राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट #रविंद्र_भाटी_गुर्जर जी पधार रहे हैं तो उसी आयोजन को लेकर क्षेत्र के विभिन्न ग्राम #ठाठी_महोबा ग्राम #कांकर ग्राम #कैखोदा ग्राम #दतुला में गुर्जर समाज में सभी से मिलकर आशीर्वाद लिया और जनसंपर्क किया और करैरा आने का आवाह्न किया

#गुर्जर_सम्राट_मिहिरभोज_महान
ोज_घर_घर_भोज 🚩

#करैरा_चलो
ोज_घर_घर_भोज

जय गुर्जर सम्राट मिहिर भोज जी की
07/09/2025

जय गुर्जर सम्राट मिहिर भोज जी की

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