26/01/2026
मैं कहा था न कि रायता फैलेगा। जिन्हें UGC का Full form नहीं पता वे मीडिया में अपनी भड़ास निकाल रहे हैं।
और ये उस एजेंडा का शिकार हो रहे हैं जो जातिवाद से हिंदुत्व को धूल धूसरित करना चाहते हैं।
मित्रों! चालाक लोमड़ी की तरह विपक्ष इस मुद्दे को कैश करना चाहता है।
वैसे इस मुद्दे पर तथाकथित पंडित पालन का दंभ भरने वाली संस्थाओं के अधिपतियों को मीडिया में आने का काम मिल गया है। अभी तो चुप है पर देखा-देखी ठाकुर और बनियों के अधिपति भी मैदान में आ सकते हैं।
खैर! रोटी तो सबको चाहिए।
पर इस आग में वें भी ख्वामखाह कूद पड़े हैं जो हिंदुत्व के किसी भी आंदोलन अभियान में फोटू खिंचवाने के लिए बैनर का डंडा थाम लेते हैं।
ध्यान रहे!ये युद्ध जीत लेने की कूट कला है।और इसपर आसानी से मोहित होने वाले बावलों की भारत में कमी नहीं है।देश में मुगल आक्रांताओं ने हमारी भावनाओं का अध्ययन कर इसी प्रकार कूट कला से बहादुर हिंदू राजाओं को पराजित किया था।
अभी वक्त है समझदारी का।
इस बिल में अगर कुछ ग़लत है तो आपकी आशंका आधारित कोई केस सामने आने पर ये शोर मचा
सकतें हैं।
नोट- ये आलेख उनके लिए है जो वर्तमान देश की व्यवस्था के प्रशंसक हैं।
कल्पना करिए उस कल का....जब आने वाले किसी भी चुनाव में विपक्ष की देश को हराने की ये रणनीति कामयाब हो जाती है।तो आपको पछतावा के सिवा कुछ और नहीं मिलेगा।
इस कानून का डर भी उन्हें ही है जो खुराफाती है।
तू कहोगे तो तू ही कहलवाओगे आप कौन कहेगा।
प्रत्येक को आप कहकर बोलने वाले तो निर्भय जीते हैं मेरी तरह....