16/11/2023
मिलिए मसूरी को बसाने वाले कैप्टन यंग से ब्रिटिश सरकार में मिलिट्री अधिकारी कैप्टन यंग को मसूरी का संस्थापक माना जाता है कैप्टन फ्रेड्रिक यंग का जन्म 30 नवंबर 1786 को हुआ था
पहाड़ों की रानी मसूरी की स्थापना सन 1823 में कि गयी थी मसूरी की जलवायु अंग्रेज़ों को बिलकुल इंग्लैंड की तरह लगती थी तब कैप्टन यंग ने अपने अंग्रेज़ उच्चाधिकारीयो को मना लिया था कि मसूरी ही एक मात्र एसी जगह है जहां ब्रिटिश सैनिकों के लिए एक सैनिटोरियम बनाने कि आवश्यकता है तब मसूरी मे सब से पहले कैप्टन फ्रेडरिक यंग ने मलिंगगार में शूटिंग रेंज बनाई थी उसके बाद कैप्टन यंग ने इसी स्थान पर अपने लिए एक घर भी बना लिया था जहा वह 40 साल तक अपने परिवार संग रहे
सन 1827 में सैनिटोरियम बनने के बाद मसूरी में अंग्रेज़ों का बसना शुरू हुआ था और उसके बाद भारतीय भी आस-पास रहने लगे थे
1827 तक लंढौर में ब्रिटिश सैनिकों के लिए एक दीक्षांत डिपो स्थापित किया गया था जिसने मसूरी में आगे विकास और जनसंख्या वृद्धि के लिए एक लॉन्चपैड की तरह काम किया अंग्रेजों ने मसूरी पहुंच कर धूल भरे रेतीले और गर्म मैदानों को छोड़ना शुरू कर दिया था अंग्रेजों ने मसूरी में इंगलैंड कि तरह मनोरंजन स्थापित करने शुरू कर दिये थे जैसा वे अपने गृहनगर इंगलैंड में आनंद लेते थे लंढौर में भव्य और विस्तृत गेंदें पार्टियाँ पोलो मैच और अन्य ऐसे भव्य मनोरंजक कार्यक्रम होते थे जिससे अंग्रेज़ों को इंगलैंड जैसा महसूस होता था और घर की कमी कम महसूस होती थी।
कैप्टन फ्रेडरिक को मसूरी का वातावरण और यहा का शुद्ध हवा पानी काफी पसंद था उन्होंने अपने कार्यकाल में बीमार और घायल ब्रिटिश जवानों के लिये पहला अस्पताल मसूरी के छावनी परिषद में बनाया गया था मसूरी के केमल बैक स्थित कब्रिस्तान में कैप्टन यंग के बहुत सारे रिश्तेदारों व उनके परिवार की कब्रे आज भी मौजूद हैं
जैसे-जैसे अंग्रेज मसूरी में आने लगे उन्होंने अपनी जरूरतों और आवश्यकताओं के अनुसार मसूरी में वह सब कुछ स्थापित करना शुरू कर दिया जिस कि उन्हें जरूरत थी आज के इस दौर में आप जब मसूरी की यात्रा करते हैं तो आप देखेंगे कि पूरा पहाड़ी परिदृश्य कई परित्यक्त और साथ ही अच्छी तरह से संरक्षित औपनिवेशिक इमारतों से भरा हुआ है जिनमें इसाई कब्रिस्तान चर्च से लेकर ब्रिटिश कालीन लाइब्रेरी कार्यालय और घर तक शामिल हैं मसूरी में शराब बनाने का लंबा इतिहास भी अंग्रेजों से जोड़ा जा सकता है क्योंकि ब्रिटिश काल में अंग्रेज बड़े पैमाने पर शराब बनाते थे भारत का पहला शराब बनाने का घर जिसे 'द ओल्ड ब्रूअरी' भी कहा जाता है वह सबसे पहले मसूरी में सर हेनरी बोहले द्वारा स्थापित किया गया था
नोट:- मसूरी भारत का पहला एक एसा हिल स्टेशन है जिसे अंग्रेजों ने अपने मनोरंजन के लिए विकसित किया था अगर आप भी हिल स्टेशनों पर घूमने का शौक रखते हैं तो आपको मसूरी पहुच कर मसूरी के बारे में भी जानना चाहिए
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