टाड़ा गाँव

टाड़ा गाँव Tanda is the famous village of Gorakhpur District.

Village Name : Tanda
Pincode : 273402
Taluk : Gola
District : Gorakhpur
State : Uttar Pradesh

10/01/2026

गाँव में एक व्यक्ति पर फायरिंग की घटना के बाद उक्त पिता-पुत्रों के हौसले बुलंद हो गए हैं और वे अब खुलेआम सभी को गोली मारने व जान से खत्म करने की धमकी दे रहे हैं। UP Police

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29/12/2025

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04/08/2025
01/08/2025

"जयंती है उस विचार की, जो न थका, न झुका, न रुका — पंडित जी अमर रहें।"

स्व. पंडित हरिशंकर तिवारी जी की जयंती पर श्रद्धांजलि समारोह।

तिथि: 5 अगस्त 2025
स्थान: नेशनल पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज , बड़हलगंज, गोरखपुर।
समय: सुबह 10 बजे।

हमारे पूज्य पिताजी, पूर्व मंत्री, जननेता, ब्राह्मणों की शान, और समाजसेवा की मिसाल स्व० पंडित हरिशंकर तिवारी जी की जयंती के पावन अवसर पर, हम उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने हेतु एक स्मृति कार्यक्रम का आयोजन कर रहे हैं।

मैं आप सभी सम्माननीय बंधु-बांधवों, कार्यकर्ताओं, शुभचिंतकों व श्रद्धालुओं से विनम्र अनुरोध करता हूँ कि आप इस अवसर पर पधारें और बाबूजी की स्मृतियों को साझा कर उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित करें।

आपकी उपस्थिति हमारे लिए गौरव की बात होगी।🙏

-विनय शंकर तिवारी
पुत्र – स्व० पं. हरिशंकर तिवारी जी

01/06/2025

मै समय हूँ .... !! रामायण काल से लेकर महाभारत काल तक में समय चक्र ने क्या भगवान राम क्या भगवान कृष्ण क्या अर्जुन क्या अभिमन्यु किसी को तो नहीं छोड़ा, आसुरी और दैवी शक्तियों के प्रभाव काल को यह समय चक्र परिवर्तित करता रहता है! जब जब भी आसुरी शक्तियां अपने प्रभाव के उत्कर्ष पर पहुंची हैं तब तब ही अच्छाई सच्चाई ईमानदारी आदर्श सिद्धांत नैतिक न्यायिक आध्यात्मिक सांस्कृतिक मूल्यों पर आक्रमण हुए हैं! यह एक ऐतिहासिक सच्चाई है राजनैतिक सत्ताएं चाहे वह राजतंत्र में रही हों या आज लोकतन्त्र में अपने अहंकार के वशीभूत इन्हें रौंदने की कोशिश करती रही है! जब किसी ने लिखा कि ..
राजनीति के चक्र में फंसे हुए थे राम !
बन को जाना पड़ा था छोड़ अयोध्या धाम !!
तो उसे यह बखूबी पता था कि राजनैतिक सत्ता मदांध कर देती है पर मै उस पिता का पुत्र हूं जिन्होंने हमेशा अहंकार के विरुद्ध एक अंतहीन संघर्ष किया , क्षेत्र राजनीति का रहा हो या अन्य कोई भी हो वे उन अहंकारी दंभी शक्तियों के समक्ष, न्याय सम्मान स्वाभिमान के सुरक्षार्थ हमेशा एक चुनौती के रूप में न सिर्फ खड़े रहे बल्कि उन्हें कड़ी टक्कर दी ,उन्हें परास्त किया और ब्राह्मण स्वाभिमान के प्रतीक बनकर पूरी दृढ़ता से स्थापित रहे !!
यह अपने आप में अप्रत्याशित ही रहा कि गोरखपुर के दक्षिणांचल में स्थित एक गांव टाड़ा से निकलकर एक सामान्य ब्राह्मण युवा जिला मुख्यालय गोरखपुर बतौर शिक्षार्थी पहुंचता है और फिर समय उन्हें चुन लेता है! वर्षों पूर्व से स्थापित उन सामंतवादी शक्तियों को चुनौती देने हेतु कालांतर में वह युवा ब्राह्मण अस्मिता का पर्याय बनकर उभरता और अपने माता पिता से प्राप्त नाम हरिशंकर तिवारी को ब्राह्मण शिरोमणि पंडित हरिशंकर तिवारी का एक ऐसा स्वरूप देता जिसमें गोपालक गौसेवक दया करुणा के प्रतिबिंब ब्रह्मर्षि वशिष्ठ भी दिखते और अन्यायी अत्याचारी सामंतवादी शक्तियों के संहारक के रूप में भगवान परशुराम भी! यह समय का चयन था और समय भी अपने चयन पर गौरवान्वित था समय ने हमें भी उनके पुत्र के रूप में चुना! उन्हें उनके विधान सभा क्षेत्र चिल्लूपार के लोगों का अपार स्नेह तो मिला ही देश के शीर्षस्थ राजनैतिक शक्तियों का स्नेह समर्थन विश्वास भी मिला जो उन सामंतवादी शक्तियों की पीड़ा का कारण था! उनके जीते जी भी तमाम प्रयास हुए उन्हें तोड़ने के लिए,उन प्रयासों में असफल ताकतों में उनकी हत्या तक के प्रयास किए ,शासन सत्ता ने उन्हें जेल भेजा पर समय को कुछ और ही मंजूर था! उन्होंने अपना पूरा जीवन सम्मान के जीते हुए श्री हरि विष्णु के चरणों तक की यात्रा पूरी की!
उनके न रहने पर उन विरोधी शक्तियों ने पुनः कुचक्र रचने शुरू किए जिसके परिणामस्वरूप मुझे भी एक नितान्त फर्जी मुकदमे में गत 7 अप्रैल को जेल भेज दिया गया! मुझे चाहने वालों में आक्रोश था जो मेरे निवेदन पर मुखर और आंदोलित नहीं हुआ जिसके लिए मै आपने सभी शुभचिंतकों के प्रति आभारी हूं! इस बीच मेरे लिए गत 16 मई का वह दिन बेहद पीड़ादायक रहा जब हम अपने पिता स्व.श्री प• हरिशंकर तिवारी जी की दूसरी पुण्य तिथि पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित नहीं कर सका ! लगभग 50 दिन की जेल यात्रा के बाद सम्माननीय न्यायालय से न्याय प्राप्त कर कुछ अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के पालन करने की व्यस्तता के पश्चात 4 जून को अपने लखनऊ स्थित आवास से गोरखपुर के लिए प्रस्थान करूंगा! आप सभी यह आश्वस्त करते हुए कि आप सभी के सम्मान स्वाभिमान की लड़ाई आगे भी पूर्ववत लड़ी जाएगी ,आप सभी को यथायोग्य प्रणाम निवेदित करता हूं,सादर अभिवादन प्रेषित करता हूं!!आप सभी के सहयोग समर्थन शुभकामनाओं शुभेक्षा के प्रति ..
विनयावनत..🙏

आपका,
विनय शंकर तिवारी
पूर्व विधायक चिल्लूपार !!

इस जीवन काल में दो अद्भुत चीज देखने को मिली: *पहला कोविड* और *दूसरा महाकुंभ* _एक ने दूरी बढ़ायी और दूसरे ने घटाई_।  1. क...
21/03/2025

इस जीवन काल में दो अद्भुत चीज देखने को मिली:
*पहला कोविड*
और
*दूसरा महाकुंभ*
_एक ने दूरी बढ़ायी और दूसरे ने घटाई_।

1. कोविड ने कहा – "दूरी बना लो, जान बचा लो!"
2. महाकुंभ ने कहा – "भीड़ बढ़ा लो, पुण्य कमा लो!"
3. कोविड बोला – "मास्क लगाओ, घर में रहो!"
4. महाकुंभ बोला – "डुबकी लगाओ, मुक्ति पाओ!"
एक ने साँसों को उलझा दिया, दूजे ने हर हर गंगे का नारा दिया!
एक बोला – चार दिवार में रहो ,,,सुरक्षित रहो'
तो दूसरा बोला – 'संगम चलो, भवसागर से पार चलो'
*ये ज़िंदगी भी अजीब रंग दिखाती है, कभी दूरी ज़रूरी हो जाती है, तो कभी भीड़ ही सबसे बड़ी ताकत बन जाती है*...!
🍁🕉️🚩

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