22/10/2025
हमारा इतिहास:-
**गाजियाबाद जनपद के बारे में**
14 नवम्बर 1976 से पहले गाजियाबाद, मेरठ जिले की तहसील हुआ करता था।
14 नवम्बर 1976 को, तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री एन.डी. तिवारी ने भारत के पहले प्रधानमंत्री, पं. जवाहरलाल नेहरू की जयंती के अवसर पर गाजियाबाद को एक जिला के रूप में घोषित किया।
इसके बाद से गाजियाबाद सामाजिक, आर्थिक, कृषि और व्यक्तिगत मोर्चों पर लगातार प्रगति कर रहा है। जिले का मुख्यालय गाजियाबाद में स्थित है, जो ग्रैंड ट्रंक रोड पर हिंडन नदी से एक मील पूर्व में 280° 40' उत्तर और 770° 25' पूर्व पर स्थित है।
यह दिल्ली से 19 किलोमीटर पूर्व और मेरठ से 46 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है।
इसके अलावा, यहां से अन्य प्रमुख शहरों के लिए सड़क मार्ग से यात्रा की सुविधा भी उपलब्ध है।
यह उत्तर रेलवे का एक महत्वपूर्ण स्टेशन है, जहाँ से दिल्ली, मुरादाबाद, सहारनपुर और कलकत्ता जैसी प्रमुख जगहों के लिए रेल मार्ग जुड़े हैं। गाजियाबाद को दिल्ली के निकट स्थित होने के कारण उत्तर प्रदेश का प्रवेश द्वार (GATEWAY OF U.P.) भी कहा जाता है।
**गाज़ीउद्दीननगर से गाजियाबाद तक**
यह माना जाता है कि इस स्थान की स्थापना 1740 में वज़ीर ग़ाज़ी-उद-दीन ने की थी, जिन्होंने इसे "ग़ाज़ीउद्दीननगर" नाम दिया था। रेलवे लाइन के खुलने के बाद इस नाम को संक्षेप में गाज़ियाबाद कर दिया गया।
गाजियाबाद, मेरठ मंडल के छह जिलों में से एक और उत्तर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक जिलों में से एक है।
14 नवम्बर 1976 से पहले गाजियाबाद मेरठ जिले के अंतर्गत एक तहसील हुआ करता था।
उत्तर प्रदेश सरकार ने पं. जवाहरलाल नेहरू की जयंती के अवसर पर इसे जिले का दर्जा दिया। इसके बाद से गाजियाबाद ने सामाजिक, आर्थिक, कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है।
गाजियाबाद जिले के पहले 10 विकास खंड थे:
👉मेरठ जिले के रजापुर,
👉मुरादनगर,
👉भोजपुर,
👉हापुड़,
👉धौलाना,
👉लोनी,
👉सिम्भावली
👉गढ़मुक्तेश्वर,
👉बुलंदशहर जिले के दादरी तथा बिसरख विकास खंड।
👉 पहले चार तहसीलें गाजियाबाद, दादरी, हापुड़ और गढ़मुक्तेश्वर थीं।
👉 30 सितम्बर 1989 को मोदीनगर को भी तहसील का दर्जा दिया गया।
👉 1997 में, औद्योगिक विकास और कानून व्यवस्था के संदर्भ में नोएडा को गौतमबुद्धनगर में समाहित किया गया, जिससे गाजियाबाद में 8 विकास खंड ही रह गए।
👉 2011 में, दादरी तहसील को गौतमबुद्धनगर में शामिल कर लिया गया। परिणामस्वरूप, गाजियाबाद जिले में चार तहसीलें – गाजियाबाद, मोदीनगर, हापुड़ और गढ़मुक्तेश्वर – बचीं।
👉 27 सितम्बर 2011 को हापुड़ जिले का गठन हुआ और अब गाजियाबाद जिले में तीन तहसीलें – गाजियाबाद, मोदीनगर और लोनी – तथा चार विकास खंड – रजापुर, मुरादनगर, भोजपुर और लोनी हैं।
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