05/04/2020
5 अप्रैल*
*आज महामानव बाबूजगजीवन राम जी का पवित्र जन्मदिवस है।*
1908 में आज ही के दिन ग्राम चाँदवा, जिला भोजपुर, बिहार में एक मध्यम *चमार* परिवार में बालक जगजीवन राम का जन्म हुआ।
उनके पिता खेतीबाड़ी करके परिवार का भरण पोषण करते थे।
बचपन से ही कुछ ऐसी विशेष सोच थी जो बालक जगजीवन राम को *पूर्वजों* की विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करती थी।
प्रारंभिक शिक्षा बिहार में ही पूरी हुई।
इसके बाद वह उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए कलकत्ता चले आए।
अपने *पूर्वजों(इष्टों)* के प्रति श्रद्धा ऐसी कि विद्यार्थी जीवन में ही देश के सभी हिस्सों में *गुरु रविदास जयंती* मनाने के लिए कलकत्ता में रहकर ही *अखिल भारतीय रविदास महासभा* का गठन किया।
किसी व्यक्ति विशेष द्वारा, देश में इतने बड़े स्तर पर *सतगुरु रविदास जयंती* मनाने के लिए की गई पहल का शायद ये पहला अवसर था।
विद्यार्थी जीवन मे ही इसके अलावा श्रमिक व वंचित वर्ग के उद्धार के लिए उन्होंने (1)खेतिहर मजदूर सभा ओर (2)भारतीय दलित वर्ग संघ की भी स्थापना की।
27 वर्ष की आयु में उनका विवाह एक सम्मानित परिवार की लड़की *इन्द्राणी देवी* जी से हुआ,जिनसे उन्हें एक *पुत्र(सुरेश) व पुत्री(मीरा)* हुए।
वर्ष 1935 में पहली बार जगजीवन राम जी ने ही ब्रिटिश सरकार में *हैमंड कमिटी* के *दलितों के मतदान* करने का पक्ष(मांग) रखा जिसे स्वीकार कर लिया।
*देश के गरीबों, वंचितों,शोषितों,पीड़ितों* के लिए ऐसे परोपकारी व उद्धारपूर्ण कार्य करने के कारण ही जगजीवन राम जी को देश में *बाबू जी* के नाम से प्रसिद्धि मिलने लगी।
बाबूजगजीवन राम जी देश के उन चुनिंदा *राष्ट्रीय नेताओं* में से एक थे जिन्हें *अंतरिम सरकार* के गठन के लिए लार्ड वावेल ने अगस्त 1946 में *आमंत्रित* किया था।
देश की आजादी के बाद संविधान निर्माण के लिए गठित किए गए सदस्यों में से भी एक थे *बाबूजगजीवन राम जी।*
प्रथम सरकार बनते ही बाबूजी श्रम मंत्री बने।
श्रम मंत्री बनते ही उन्होंने श्रमिकों, मजदूरों के अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए कानून बनवाए। जिनमें
(1) इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट्स एक्ट,1947
(2) मिनिमम वेजेज एक्ट,1948
(3) इंडियन ट्रेड यूनियन एक्ट ,1960
(4) पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट,1965
व इनके अलावा दो ऐसे कानून बनाए जिनके बिना आज का व्यापारिक जीवन अस्त व्यस्त हो जाता।
(5) एम्पलॉइज स्टेट इंश्योरेंस एक्ट,1948
(6)प्रोविडेंट फण्ड एक्ट ,1952
1952 में संचार मंत्री बने।
संचार मंत्रालय में ही विमानन मंत्रालय था।
निजी कंपनियों के राष्ट्रीकरण की योजना के तहत उनकी पहल पर ही एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइन्स की स्थापना हुई।
1971 के आम चुनाव सम्पन्न होने के बाद बाबूजी देश के रक्षा मंत्री बने।
दुर्भाग्यवश देश को उसी समय पाकिस्तान से युद्ध की स्तिथि का सामना करना पड़ा। लेकिन पद की गरिमा बनाए रखते हुए व अपने *विशेष बुद्धि कौशल* का प्रयोग करते हुए *पाकिस्तान* को युद्ध में परास्त करते हुए दो हिस्सों में तोड़ने का श्रेय भी उनको जाता है।
तथा *भारतवासियों* को गौरवान्वित होने का सुखद अहसास कराया तथा विश्व में *भारत का* *मस्तक गर्व से* ऊंचा कर दिया।
बाबूजी भारत के उपप्रधानमंत्री के पद तक पहुँचे,
इसी के साथ साथ भारतीय राजनीति में रहते हुए *देशसेवा* के लिए जीवन के समय का सबसे *बड़ा(50 वर्ष)* हिस्सा बलिदान करने का *कीर्तिमान* भी *बाबूजगजीवन जी* के नाम ही है।।
*सामाजिक न्याय की स्थापना* के लिए त्याग,बलिदान,समर्पण करने वाली *प्रतीकात्मक शख्शियतों* में से एक हैं बाबूजगजीवन राम जी।
*उनके पवित्र जन्मदिवस पर पूरे देश व आजाद समाज पार्टी की और से शत शत नमन।*
*अमित कुमार सिंह*
*भीम आर्मी,लोनी।*