16/07/2023
बहुत खोजा मगर किताबों में नहीं पाया, जो बुजुर्गों ने अपने अनुभव से सिखाया।
ताऊ जी से जब भी शाम को मुलाकात होती है ताऊ जी की जुबान पर हमेशा गांव की बात होती है. बच्चों के लिए खेलने का मैदान बनाना है अगले हफ्ते महीने यह होना है... सुबह सवेरे आसपास के सर्वजनिक स्थानों पर झाड़ू पकड़कर सफाई करते हुए दिखना. शादी विवाह और गांव के सभी कार्यक्रमों में एक गार्जियन के तौर पर ताऊ जी का रहना आम बात है.
ताऊ जी आपको देखते-देखते आपका गांव के प्रति कार्य समर्पण को देखते हुए हमें कभी स्वयं पर शर्म आती है. आपकी तुलना मैं हम नगण्य हैं आपका यह समर्पण किसी प्रचार-प्रसार का मोहताज नहीं है ना ही इसे किसी लेख में पिरोया जा सकता है. हम सब आपके ऋणी रहेंगे. #बंदरखंड