09/11/2022
22वें उत्तराखण्ड राज्य स्थापना दिवस की आप सभी को हार्दिक बधाई। पूरा पढ़े गर्व की अनुभूति होगी,अगर हुई तो आगे शेयर करें
सबसे पहले उत्तराखण्ड के सभी आंदोलनकारियों और मसूरी,खटीमा,तिराहा गोलीकांड में शहीद हुए लोगों को नमन जिन्होंने अपने प्राणों का बलिदान दिया
हमें गर्व तो होता है होना भी चाहिए हम उस जगह से आते है जिसे देवभूमि और वीर भूमि कहा जाता। देवताओं का साक्षात वास है यहाँ। यहाँ संस्कृति की अनेक विविधता देखने को मिलती। यहाँ रासो भी है,तांदी भी,छपेली भी होती और थडिया भी
जहाँ गढ़वाल में नंदा देवी को बेटी के रूप में पूजा जाता,विदाई होती। कुमाऊँ के लोकपर्व में शिव को अपना दामाद माना जाता है। जहाँ गोलू एक इंसान से देवता बनते और सबके लिए पूजनीय हो जाते हैं। शिव के परम अंश महासू जहाँ लोग कोर्ट-कचहरी से बचने के लिए उनके आदेश को मान लेते हैं
सुन्दता देखनी हो तो चंद्रशिला से कभी सूर्य उदय देखें। पर्वतराज हिमालय को सबसे पहले वंदन करने आता है सूरज। औली की बर्फ,केदारनाथ में शिवभक्ति,बद्रीनाथ में मोक्ष,फूलों की घाटी, तालों की नगरी,सरयू की कल-कल, गंगा जो यहाँ से निकल सबको मोक्ष प्रदान करती। जितना लिखे कम पड़ेगा,साफ बात गर्व करना तो बनता है
ये गर्व आपको और भी ज्यादा होगा अगर आप उत्तराखण्ड,अपने पहाड़ के लोगों के लिए कुछ करोगें। हम सब युवा है,पलायन का दंश खोखला कर रहा हमारी देवभूमि को। विचार बहुत हो चुके अब समय है करने का। कैसे भी करें,लेकिन आगे जरूर आए। शहर की जिंदगी से निकल कर कुछ अपनी मातृभूमि, पितृभूमि के लिए करने का प्रयास करें जय देवभूमि उत्तराखंड
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