24/12/2020
मंजिले फ़रमाइश है
फिर नजाने क्यूँ काेइ कश्क दिल में बेहती हैं,
सामे राेशन हैं ,
फिर नजाने क्यूँ दिलमें कही उदासी रहती हैं,
देखे तकदीरे अब क्या कहती हैं
मेरी आँखों के समुंदर में तो उसकी ही कश्ती बेहती हैं,....
#पहल
#शायरी