10/01/2026
सावधान: क्या फोन पर बात करने वाला वाकई आपका अपना है?*
— *फतेहाबाद पुलिस की जनहित में जारी विशेष एडवाइजरी* —
फतेहाबाद,10 जनवरी। पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धांत जैन, आईपीएस ने साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे के मद्देनजर आमजन को सतर्क करते हुए एक विशेष साइबर एडवाइजरी जारी की है। आजकल साइबर अपराधी AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का उपयोग कर आपके अपनों की आवाज और चेहरे की नक़ल कर ठगी कर रहे हैं। ठगी से बचने के लिए इन महत्वपूर्ण बातों को जरूर पढ़ें: * *कैसे बिछाया जा रहा है जाल?*
1. आवाज का धोखा (Voice Cloning): आपको फोन आएगा, आवाज बिल्कुल आपके बेटे, भाई या दोस्त की होगी। कहेंगे— "मेरा एक्सीडेंट हो गया है" या "पुलिस ने पकड़ लिया है, तुरंत पैसे भेजो।"
2. नकली वीडियो कॉल (Deepfake): वीडियो कॉल पर आपके किसी परिचित का चेहरा दिखेगा, जिससे आप बिना शक किए पैसे ट्रांसफर कर देंगे।
3. डिजिटल अरेस्ट का डर: वर्दी पहनकर अपराधी वीडियो कॉल करेंगे और कहेंगे कि आपके नाम से ड्रग्स पकड़ी गई है, आप घर में कैद हैं।
*बचाव के "गोल्डन रूल्स" (खुद को ऐसे सुरक्षित रखें):*
• जल्दबाजी न करें: इमरजेंसी की बात सुनकर घबराएं नहीं। फोन काटें और उस व्यक्ति के पुराने नंबर पर खुद कॉल करके सच्चाई जानें।
• फैमिली 'सीक्रेट कोड' बनाएं: अपने परिवार के साथ एक गुप्त शब्द (जैसे: 'हिमालय' या कोई खास नंबर) तय करें। मुसीबत में होने का दावा करने वाले से वह कोड पूछें। अगर वह न बता पाए, तो समझो वो फ्रॉड है।
• अनजान वीडियो कॉल न उठाएं: अजनबी नंबर से आने वाली वीडियो कॉल से बचें, यह स्क्रीन रिकॉर्डिंग या अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने की चाल हो सकती है।
• प्राइवेसी है जरूरी: सोशल मीडिया पर अपनी फोटो, वीडियो और आवाज को 'Public' न रखें। अपराधी वहीं से आपका डेटा चुराते हैं।
* *अगर पैसा कट जाए, तो क्या करें?*
घबराएं नहीं, समय पर दी गई सूचना आपका पैसा वापस दिला सकती है: 1930 पर तुरंत कॉल करें (यह साइबर हेल्पलाइन है)। www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। अपने नजदीकी साइबर सेल या पुलिस थाने में संपर्क करें।
"सतर्क रहें, सुरक्षित रहें। आपकी जागरूकता ही साइबर अपराधियों की हार है।" —
*श्री सिद्धांत जैन, आई.पी.एस. (पुलिस अधीक्षक, फतेहाबाद)*