Farrukhabad District

Farrukhabad District This community is for all those people who love and live in Farrukhabad. Farrukhabad is a district which falls under the state of Uttar Pradesh, India.

It was founded by Nawab Mohammad Khan Bangash, who named it after the reigning emperor Farrukhsiyar, in 1714, the district of Farrukhabad forms part of Kanpur division. The township of Farrukhabad, Fatehgarh consist of two district towns, Farrukhabad & Fatehgarh, the former being the headquarters of the Tehsil & the latter forming the headquarters of the district, both lying about 5 Kms apart. The

district as it exists now is bounded by Badaun and Shahjahanpur on the north, Hardoi on the east, Kannauj on the south and district Etah & Mainpuri on the west. Rivers Ganga & Ramganga are located towards the east & Kali Nadi towards the south. Fatehgarh derives its name from an old fort. Fatehgarh remained a Military Station of considerable importance and in 1802 it became the headquarters of the Governor Generals Agent for the ceded provinces. In 1818 a gun carriage factory was established here. The Farrukhabad district consist of 3 Tehsils with a total area of 2,28,830 Ha., has 7 Blocks, 512 Gram Panchayats, 1020 Revenue villages, 14 Police Stations, 2 Nagar Palikas and 4 Nagar Panchayats (Town Area) & 1 Cantt. Board with total population of 15.70 Lacs.

अनिमेष मुखर्जी Animesh Mukharjee  की नई किताब "ठाकुरबाड़ी: गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर का कुटुंब वृत्तांत" पेंगुइन रैंडम हा...
09/12/2024

अनिमेष मुखर्जी Animesh Mukharjee की नई किताब "ठाकुरबाड़ी: गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर का कुटुंब वृत्तांत" पेंगुइन रैंडम हाउस द्वारा प्रकाशित हुई है, जो रवींद्रनाथ टैगोर के परिवार और उनके जीवन के अनकहे पहलुओं को उजागर करती है। यह पुस्तक न केवल साहित्यिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह हमारे सांस्कृतिक धरोहर को भी जीवित रखती है। अनिमेष मुखर्जी ने इस किताब के माध्यम से साहित्य जगत में अपनी पहचान बनाई है, और यह उनकी लेखनी की ताकत को दिखाता है।

फर्रुखाबाद की साहित्यिक धारा में महादेवी वर्मा के योगदान के बाद यह परंपरा अनेक महान लेखकों से होते हुए शिव ओम अम्बर जी तक पहुंची और अब युवा लेखक अनिमेष मुखर्जी इस कड़ी का हिस्सा बनकर अपनी लेखनी से इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। उनके साहित्यिक कार्यों ने ज़िले का नाम रोशन किया है और यह न केवल साहित्य, बल्कि संस्कृति और इतिहास के प्रेमियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

यह किताब भारतीय साहित्य और संस्कृति के महान कवि, रवींद्रनाथ टैगोर के परिवार और उनके जीवन से जुड़ी गहरी जानकारी को उजागर करती है, जो साहित्य प्रेमियों और शोधकर्ताओं के लिए एक अनमोल धरोहर साबित होगी।

हमारे शहर के इस युवा लेखक अनिमेष मुखर्जी Animesh Mukharjee को इस उपलब्धि के लिए बधाई! आप इस पुस्तक को Amazon पर खरीद सकते हैं।
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क्या आपने कभी इस होटल में कोई शादी अटेंड की है?
05/12/2024

क्या आपने कभी इस होटल में कोई शादी अटेंड की है?

फर्रूख़ाबाद की पपड़िया के स्वाद को कभी भुलाया नहीं जा सकता.. ❤️
19/11/2024

फर्रूख़ाबाद की पपड़िया के स्वाद को कभी भुलाया नहीं जा सकता.. ❤️

Papdi (also known as Papadiya) is the traditional street food of Farrukhabad. Let's enjoy this mouthwatering delight!

29/10/2024

फर्रुखाबाद पापड़ी की दिल्ली में धूम, स्वाद के दीवानों की लगती है लाइन, जानें लोकेशन।

फर्रुखाबाद से दिल्ली से आए दिनेश ने बताया कि हम यह आलू पापड़ी पिछले 10 साल से दिल्ली में बेच रहे हैं। वैसे तो यह आलू पापड़ी यूपी के फर्रुखाबाद में बहुत ज्यादा प्रसिद्ध है। हम आलू पापड़ी को बहुत अलग-अलग तरीके से बनाते हैं।

यहां जानें लोकेशऩ -
यह आलू पापड़ी दिल्ली के कपासहेड़ा बॉर्डर के पास लगाते हैं। यहां आने के लिए आपके नजदीकी मेट्रो स्टेशन द्वारका सेक्टर 21 मेट्रो स्टेशन या डीटीसी बस से आ सकते हैं।

Source:
https://hindi.news18.com/news/lifestyle/recipe-ups-farrukhabad-papdi-popular-delhi-fans-taste-form-queues-know-lokesh-7830104.html

14/04/2021

फ़र्रूख़ाबाद में पांचाल घाट (प्राचीन नाम घटियाघाट) पर हर वर्ष लगने वाला मेला रामनगरिया प्रदेश के प्रसिद्ध मेलों में से एक महत्वपूर्ण मेला माना जाता है। देश के विभिन्न शहरों से आये लोग यहाँ एक माह के प्रवास के लिए आते हैं व गंगा किनारे तम्बू लगा कल्पवास करते हैं। प्रत्येक वर्ष लगभग बीस हजार लोग कल्पवास के लिये यहाँ आते हैं। बच्चों के मनोरंजन के लिये सर्कस, नौटंकी, मौत का कुआँ आदि अनेकों खेल आकर्षण का केंद्र होते हैं।
मेला रामनगरिया फ़र्रूख़ाबाद की सांस्कृतिक धरोहर है। इसको सरकार द्वारा पर्यटन स्‍थल का दर्जा मिलना चाहिए और इसका आयोजन बड़े स्तर पर होना चाहिए।

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12/04/2021
07/02/2021

जिस नवाब ने कभी फ़र्रुख़ाबाद शहर बसाया था उनके वारिस आज कांशीराम आवास योजना के मकानों में रहकर मुफ़लिसी की ज़िन्दगी बिता रहे हैं.. यही नहीं फ़र्रुख़ाबाद बसाने वाले नवाब बंगश खान की ऐतिहासिक विरासत धीरे धीरे मलबे में तब्दील हो रही है और जो बची है उस पर भूमाफिया और नशेड़ियों का कब्ज़ा है..

The Fatehgarh Cantonment houses three regiments, namely Rajput Regiment, Sikh Light Infantry and Territorial Army. From ...
07/02/2021

The Fatehgarh Cantonment houses three regiments, namely Rajput Regiment, Sikh Light Infantry and Territorial Army. From the British colonial times, Fatehgarh has remained a military station of considerable importance.

आज हम भारत का 72वाँ गणतंत्र दिवस मना रहें हैं। आशा है की हमारे मन, विचार और आचरण में लोकतांत्रिक मूल्यों का समावेश हो। ग...
26/01/2021

आज हम भारत का 72वाँ गणतंत्र दिवस मना रहें हैं। आशा है की हमारे मन, विचार और आचरण में लोकतांत्रिक मूल्यों का समावेश हो। गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर आप सभी को हार्दिक बधाइयाँ!

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