09/09/2024
7 साल की उम्र पिता को खोया, 16 की उम्र पर ट्रॉली की टक्कर से कटा आधा पैर, माँ ने शेरनी बनकर देश को दिया वीर पूत 🙏🙏
गोल्ड मेडलिस्ट सुमित अंतिल 7 जून 1988 को हरियाणा के सोनीपत जिले के खेवरा गांव में जन्मे। सुमित के पिता राम कुमार अंतिल इंडियन एयरफोर्स में थे, लेकिन सुमित ने 7 साल की उम्र में उन्हें खो दिया। लंबी बीमारी से जूझने के बाद सुमित के पिता राम कुमार मौत हो गई थी। सुमित 3 बहनों के इकलौते भाई थे, लेकिन पिता की मौत के बाद मां के कंधों पर परिवार की जिम्मेदारी आ गई। मुश्किल दौर में माँ ने हार नहीं मानी और दिन रात कड़ी मेहनत करके सुमित और उनकी 3 बहनों को पाला।
बचपन से ही सुमित क्योंकि कद और काठी में काफी अच्छे थे, इसलिए वे पहलवान बनना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने अपने पिता की तरह इंडियन आर्मी जॉइन करने का फैसला लिया, लेकिन एक हादसे ने उन के साथ ऐसा मज़ाक किया कि उनका सपना तोड़ दिया। 16 साल के सुमित जब 12वीं में पढ़ते थे तो एक दिन उनकी बाइक को सीमेंट के कट्टों से लदी ट्रॉली ने टक्कर मार दी। हादसे में दुर्भाग्यपूर्ण रूप से सुमित ने अपनी पैर और आधी टांग खो दी। इस हादसे ने उनका सपना चकनाचूर कर दिया।
सुमित की मां ने बेटे के सपनों को टूटते देखा, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। एक माँ ने अपने बेटे को भी हारने नहीं दिया, बल्कि कृत्रिम पैर लगवाकर उसे खेलों में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। 2015 में हादसे के बाद 2 साल में रिकवर करके सुमित ने कृत्रिम पैर लगवाया और खेलों की दुनिया में आने का फैसला किया। इसी दौरान उनकी मुलाकात साल 2017 में पैरा एथलीट राजकुमार से हुई, जिन्होंने सुमित को जेवलिन थ्रो में करियर बनाने की सलाह दी। सुमित ने नवल सिंह को अपना कोच बनाया और दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में प्रैक्टिस शुरू की। इसके बाद माँ के लाल ने अपनी मेहनत को जाया नहीं जाने दिया और एक के बाद एक सोपानों को पूरा करते हुए टोक्यो के बाद पेरिस में भी गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया 🙏
सलाम सुमित को और उनकी माँ को जबकि उनके पिता को विनम्र श्रद्धांजली 🙏🙏