04/09/2026
संविधान में दलित और आदिवासी समाज के लिए स्पेशल बजट का प्रावधान होता है जिसको केंद्र और राज्य सरकारों को दलित-आदिवासी समुदाय के उत्थान के लिए ही इस्तेमाल करना होता जोकि ज्यादातर सरकारें इसका दलित-आदिवासी उत्थान के लिए सही ढंग से कम ही इस्तेमाल करती आई है अभी इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक याचिका में फैसला देते हुए BSP सुप्रीमो और आयरन लेडी बहन मायावती जी के शासनकाल में शेड्यूल्ड कास्ट्स सब प्लान (SCSP) या स्पेशल कंपोनेंट प्लान (SCP) के तहत उस फंड का इस्तेमाल करके 4 मेडीकल कॉलेज बनवाए थे उसमें 97% तक सीटें बहुजनों के लिए आरक्षित की थी उनकी बहुजनवादी सरकार के इस आदेश को पलटकर बहुजन का सिर्फ आरक्षण 50% तक सीमित करदिया है बहनजी जब भी कहती कि उनका चुनावी घोषणापत्र बाबासाहेब आंबेडकर जी द्वारा लिखे हुए इंडिया के संविधान के तहत दिए गए प्रावधानों को सही से लागू करना उनकी बात में दम है क्योंकि उन्होंने अपनी सरकारों और अपने राज में ऐसा बहुत कुछ करके दिखाया जिसके बारे में अन्य मुख्यमंत्री और नेता सोच तक नहीं पाते वैसे उनकी ही सरकार ने 2007 से 2012 के बीच दलित-आदिवासी बजट वाली राशी से SC/ST/OBC के लिए कई हजार नए डाक्टर बनाकर दिए है हालांकि ये बजट का पैसा दलित-आदिवासी फंड का था 70% सीटे दलित-आदिवासी कैंडिडेटो द्वारा भरी गई थी जोकि नार्मल आरक्षण में कुल सीटो का 50% सीटे ओर जोड़कर देता है उन्होंने इसमें 27% हिस्सेदारी OBC के लिए भी रखी थी इस तरह से दलित और आदिवासी को मिलाकर 70% व पिछड़ों के लिये 27% आरक्षण का प्रावधान किया गया ये सिर्फ दलितों और आदिवासियों के फंड में से ही किया गया था क्या आपको लगता है पिछले 79 सालों में किसी INC, BJP, JD, SP, RJD, JDU, DMK, TMC, TDP, BRS, YSRCP, BJD, ADMK, CPI-CPIM आदि सरकारों ने दलित-आदिवासी वर्ग के हितों के लिए संविधान में प्रदत SC-ST बजट के पैसे का ऐसे सदुपयोग किया है उदाहरण देकर समझा सकते हों...!
*- ग्लोबल आंबेडकर*