17/06/2025
[आवश्यक सूचना][संत कबीर जयंती][16.06.2025]
श्री संत कबीर जी की 627वीं जयंती पर
दिल्ली-एनसीआर की धानक(धानक, धानुक, धानका) समाज की टीम द्वारा भव्य शोभा यात्रा निकाली गई जो लाल किला (गौरी शंकर मंदिर,चांदनी चौक) से खारी कुआँ(सदर बाजार) नई दिल्ली तक गयी
[मुख्या बिंदु]
- तक़रीबन 1500 से अधिक लोगो ने इस यात्रा में भाग लिया(कार्यक्रम शुरू से अंत तक)
- कुल तक़रीबन 8 रथ, घोड़े, तथा बैंड बाज़ा, शहनाई, व बहुत से वाद्य यंत्रों के साथ यात्रा निकली
- शक्ति प्रदर्शन के साथ झांकी तथा भंडारा, जल सेवा भी रही
- दिल्ली पुलिस, अर्धसैनिक बल तथा होम गार्ड्स (कुल 100 से अधिक पुलिस वालों से सहयोग दिया)
[राजनेताओं का अतुल्य योगदान]
समाज के सांसद, विधायक, पार्षद, मंत्री तथा सरकारी महकमे में बहुत से अधिकारीयों, व्यापारियों तथा पेशेवरों(प्रोफेशनल्स) और कॉर्पोरेट सेक्टर में कार्यरत बहुत से महानुभावों की गरिमामयी उपस्थिति रही
> श्री कुलदीप इंदोरा जी(सांसद लोकसभा, कांग्रेस)
> श्रीमती सुनीता दुग्गल जी (पूर्व सांसद, बीजेपी)
> श्री इमरान हुसैन जी(पूर्व मंत्री दिल्ली सरकार, AAP)
> अरविंदर सिंह लवली जी ( विधायक, दिल्ली सरकार)
> श्री प्रभुदयाल कठेरिया जी (पूर्व सांसद)
> श्री स्वदेश कबीर जी( डीएससी, हरयाणा)
> जोगीराम खुड़िया जी(पूर्व नेता)
> श्री कमल बागड़ी जी(पार्षद,बीजेपी)
> अन्य सभी पार्षद, विधायक,सांसद जी
दिल्ली की "मुख्यमंत्री जी माननीय श्रीमती रेखा गुप्ता जी" को कार्यक्रम में आना था, परन्तु कुछ मीटिंग की वजहों से अंतिम पलों में शामिल नहीं हो सकें
[संस्थाओं का योगदान]
* श्रीमान चंद्रमोहन खटक जी, धर्मेद्र महावर जी, श्री राजेंद्र सोलंकी जी तथा समस्त टीम💐💐 ने सहयोग अतुल्य योगदान दिया
* धानक वेलफेयर एसोसिएशन, DWA दिल्ली की पूरी टीम का अतुल्य योगदान रहा🙏
* हरयाणा समाज की पूरी टीम (विभिन्न संस्थाएं तथा पदाधिकारीगण)
हम सभी समाज के सहयोगी महानुभावों, राजनेताओं, दिल्ली पुलिस के अफसरों तथा सभी सहयोगी कर्मचारियों, पैरामिलिट्री फाॅर्स,
का ह्रदयतल से आभार और धन्यवाद 🙏🏻💐💐 व्यक्ति करते हैं जिन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना योगदान दिया।
आपका सहयोग सराहनीय है
यह पूरे समाज के लिए गर्व की बात है जो दिल्ली के बीचो बीच समाज को एक सन्देश दिया गया की धानक समाज(धानुक, धानक, धानका) अपने मजबूत शक्तिप्रदर्शन के साथ आगे बढ़ रहा है
धन्यवाद 🙏🏻
[समस्त धानक, धानुक धानका समाज]