Deepak Yadav

Deepak Yadav Ministry Of Home Personal Assistant to MOS Home Affairs, Govt of India

"खम्मा घणी!" 🙏​अगर आप जयपुर में हैं और आपने ढाणी चौकी की माटी को नहीं छुआ, तो समझो राजस्थान को करीब से देखा ही नहीं। यह ...
27/01/2026

"खम्मा घणी!" 🙏
​अगर आप जयपुर में हैं और आपने ढाणी चौकी की माटी को नहीं छुआ, तो समझो राजस्थान को करीब से देखा ही नहीं। यह सिर्फ एक जगह नहीं, बल्कि एक अहसास है जहाँ राजस्थान की सदियों पुरानी संस्कृति आज भी ज़िंदा है।
​यहाँ की हर गली में आपको कुछ खास मिलेगा:
​💃 लोक नृत्य की थाप: कालबेलिया और घूमर करते कलाकारों का वो जोश।
​🥘 स्वाद का जादू: शुद्ध देसी घी में डूबी दाल-बाती-चूरमा की वो 'मनुहार'।
​🐪 गाँव की रंगत: ऊँट की सवारी, कठपुतली का खेल और मिट्टी के बर्तनों की वो सोंधी खुशबू।
​🧡 अपनापन: यहाँ का स्वागत आपको राजा-महाराजाओं जैसा महसूस कराता है।
​सच कहूँ तो, शहर के शोर से दूर, यह ढाणी हमें अपनी जड़ों से जोड़ती है। अगर आप भी राजस्थान की असली संस्कृति को महसूस करना चाहते हैं, तो यहाँ एक बार आना तो बनता है!

आमेर किले (Amer Fort) का इतिहास न केवल युद्धों और विजय की कहानियों से भरा है, बल्कि यह राजपुताना वैभव और मुगल-राजपूत संस...
23/01/2026

आमेर किले (Amer Fort) का इतिहास न केवल युद्धों और विजय की कहानियों से भरा है, बल्कि यह राजपुताना वैभव और मुगल-राजपूत संस्कृति के मिलन का एक बेहतरीन प्रतीक भी है।
​यहाँ आमेर किले के इतिहास से जुड़ी मुख्य बातें और कुछ ऐतिहासिक भावना वाली पंक्तियाँ दी गई हैं:
​🏛️ आमेर किले का संक्षिप्त इतिहास
​स्थापना और कछवाहा शासन: आमेर किले का मूल निर्माण 11वीं शताब्दी में कछवाहा राजा काकिल देव ने शुरू करवाया था। लेकिन आज हम जो भव्य किला देखते हैं, उसका अधिकांश निर्माण 1592 ईस्वी में राजा मान सिंह प्रथम ने शुरू किया था।
​राजधानी का गौरव: जयपुर शहर (1727 ई.) बसने से पहले, आमेर ही कछवाहा राजाओं की मुख्य राजधानी हुआ करता था।
​स्थापत्य कला: यह किला हिंदू और मुगल वास्तुकला के मिश्रण का बेहतरीन उदाहरण है। इसमें लाल बलुआ पत्थर और सफेद संगमरमर का इस्तेमाल किया गया है।
​शीश महल की कहानी: राजा जय सिंह प्रथम ने इसका विस्तार किया और प्रसिद्ध 'शीश महल' बनवाया, जिसे "दर्पणों का महल" भी कहा जाता है।
​यूनेस्को विरासत: साल 2013 में, आमेर किले को UNESCO विश्व धरोहर स्थल की सूची में शामिल किया गया था।
​📜 इतिहास को समर्पित कुछ पंक्तियाँ (Quotes & Shayari)
​इतिहास की गूँज:
"ये दीवारें गवाह हैं उन शाही शानो-शौकत की,
जहाँ हवाओं में आज भी खुशबू है पुरानी रियासत की।
मानसिंह की तलवार और जयसिंह का वो विवेक,
आमेर की मिट्टी में आज भी दर्ज है इतिहास एक।"
​राजपुताना शौर्य:
"जिस पत्थर को छुआ हमने, उसमें पूर्वजों का दम था,
आमेर का हर कोना, जैसे वीरता का कोई संगम था।
सदियाँ गुज़र गईं, पर वक़्त की धूल इसे ढंक न सकी,
राजपुताना की ये शान, कभी किसी के आगे झुक न सकी।"
​वाक्य (Caption for History Enthusiasts):
​"आमेर का इतिहास केवल पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि उन पूर्वजों की वीरता और कला का जीवंत प्रमाण है, जिन्होंने राजस्थान को दुनिया के मानचित्र पर 'वीरभूमि' के रूप में स्थापित किया।"
​क्या आप जानते हैं कि शिला माता मंदिर की मूर्ति राजा मान सिंह बंगाल (जैसोर) से जीत कर लाए थे? अगर आप किले के किसी विशेष हिस्से जैसे गणेश पोल या दीवान-ए-आम के बारे में और जानना चाहते हैं, तो ज़रूर पूछें!

20/01/2026

"ना अमीरों की बात है, ना गरीबों की बात है,
श्याम की चौखट पर आना, तो बस नसीबों की बात है।
जो झुक गया यहाँ आकर एक बार,
उसके सिर पर फिर बाबा का हाथ है।"

लोहड़ी पर्व के शुभ अवसर पर श्री हरमंदिर साहब   के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ और आप सबको लोहड़ी पर्व की हार्दिक शु...
13/01/2026

लोहड़ी पर्व के शुभ अवसर पर श्री हरमंदिर साहब के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ और आप सबको लोहड़ी पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं।

उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दोन जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए
22/12/2025

उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो
न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए

I was lucky to have crossed paths with him… lucky to have felt his warmth, his sincerity, his quiet strength.People like...
24/11/2025

I was lucky to have crossed paths with him… lucky to have felt his warmth, his sincerity, his quiet strength.
People like him don’t just leave memories — they leave blessings. My deepest condolences to the family .

Rest peacefully, Dharmender ji.
Your kindness will continue to live in every life you touched.

दिल्ली में लाल किले के पास ब्लास्ट की खबर भयावह और चिंताजनक है, धमाके में हुई जनहानि अत्यंत दु:खद और देशवासियों को झकझोर...
10/11/2025

दिल्ली में लाल किले के पास ब्लास्ट की खबर भयावह और चिंताजनक है, धमाके में हुई जनहानि अत्यंत दु:खद और देशवासियों को झकझोर देने वाली है।

देश की राजधानी को इस तरह दहला देना सुरक्षा व्यवस्था और मोदी सरकार के खुफिया तंत्र की घोर नाकामी को उजागर करता है, देश की सुरक्षा भगवान भरोसे है। राजधानी दिल्ली और देश के लोगों की सुरक्षा से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

मैं ईश्वर से दिवंगतों की आत्मा को शांति प्रदान करने और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं।

छठ महापर्व......🙏 छठ का परब...आत्मा की आरती है, जहाँ नदी के जल में श्रदधा उतरती है, और दीपक की लौ में विरह जलता है।घाट क...
29/10/2025

छठ महापर्व......🙏
छठ का परब...आत्मा की आरती है, जहाँ नदी के जल में श्रदधा उतरती है, और दीपक की लौ में विरह जलता है।
घाट की रेत पर माँ के चरणों के निशान , जैसे धरती खुद् व्रत रखे अपने पुत्र के नाम। अस्ताचल के सूर्य को अर्घ्य देते समय मां की आखों में डूबता नहीं,उगता है विश्वास ...
दूर पर देश में कोई बेटा, कोई पति, आसमान की उसी दिशा में देखता है जहाँ उसकी माँ,उसकी धरती, जल में हाथ जोड़ प्रार्थना कर रही होती है।
बो जानता है,
यह दीप केबल तेल से नहीं, ममता से जलता है उसकी लौ में घर की गंध है, माँ की आहट है, मन की प्यास है।

🚩 संघ शताब्दी वर्ष — “संघे शक्ति कलियुगे” 🚩सौ वर्षों की यह यात्रा केवल संगठन की नहीं,एक विचार, एक संस्कार, और एक जीवन सा...
05/10/2025

🚩 संघ शताब्दी वर्ष — “संघे शक्ति कलियुगे” 🚩

सौ वर्षों की यह यात्रा केवल संगठन की नहीं,
एक विचार, एक संस्कार, और एक जीवन साधना की कथा है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उस भावना का प्रतीक है
जो व्यक्ति को सेवा में, और समाज को राष्ट्र में रूपांतरित करती है।

संघ हमें सिखाता है कि राष्ट्र निर्माण बातों से नहीं,
बल्कि अनुशासन, एकता और कर्मयोग से होता है।

“संघे शक्ति कलियुगे” —
क्योंकि जब मन, वचन और कर्म एक ध्येय में जुड़ते हैं,
तो वही एकता भारत की सबसे बड़ी शक्ति बन जाती है।

शताब्दी का यह वर्ष, नमन है उस अखंड यात्रा को
जो भारत के भविष्य को उजाले की ओर ले जा रही है।

भारत माता की जय! 🚩✨

#संघशताब्दीवर्ष

Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS)

राष्ट्र-साधना और मातृभूमि-आराधना की संघ शताब्दी गाथा!आद्य सरसंघचालक परम पूजनीय डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार जी के प्रखर म...
02/10/2025

राष्ट्र-साधना और मातृभूमि-आराधना की संघ शताब्दी गाथा!

आद्य सरसंघचालक परम पूजनीय डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार जी के प्रखर मार्गदर्शन में शून्य से शिखर तक पहुँची यह शताब्दी यात्रा, एक से असंख्य स्वयंसेवकों का अद्भुत संगठन बनकर आज त्याग, तपस्या और समर्पण का जीवंत पर्याय और विराट वटवृक्ष बना है।

ने अपने पंच-परिवर्तनों, ‘स्वबोध, सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, नागरिक शिष्टाचार और पर्यावरण संरक्षण’—के माध्यम से समाज जीवन को नवीन दिशा प्रदान की है।

संघ अनवरत, अथक और अविराम व्यक्ति-निर्माण से राष्ट्र-निर्माण के यज्ञ में निरंतर प्रवाहित है। माँ भारती की सेवा में क्षण-क्षण समर्पित करने वाले करोड़ों स्वयंसेवकों को इस स्वर्णिम शताब्दी पर्व की अनंत शुभकामनाएँ।Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) 🚩 🚩 🚩

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ASHOK Road
Delhi
011

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