19/07/2018
*पॉलीथिन पर पूर्णतः पाबन्दी ??*
*सुन के हंसी भी आती है और गुस्सा भी ??*
मैं भी कोई पालीथीन का समर्थक नहीं हूं परन्तु इस कानून के तहत किस पॉलीथिन को हटाया जाएगा ? मुझे निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर चाहिए...
*कुरकुरे की पैकिंग बदली जाएगी या अंकल चिप्स की? या किसी और बड़ी कम्पनी की ? जैेसे अमूल, केडबरी,पारले,ब्रिटेनिेया, ??*
*हिन्दुस्तान लिवर के शैम्पु,सोप,बिस्किट के प्लास्टिक रैपर नहीं चलने देंगे?*
*जी नही .....😡 इसमें तो सिर्फ आम दुकानदार या गरीब रेहड़ी वाले ही पिसेंगे इस सरकारी चक्की में।*
*इसको लागू करने से पहले कोई वैकल्पिक साधन नही सुझाया गया।*
*कैसे कोई समोसे लेने गया व्यक्ति चटनी कपड़े के थैले में डाल के घर लाएगा ??*
*ऑफिस से घर आता व्यक्ति दही को क्या अपनी जेब में डाल के लाएगा?*
*कहने का तातपर्य ये है की इस पाबन्दी से सिर्फ घरेलू दुकानदार ही तबाह होंगे । हलवाई का सबसे ज्यादा नुकसान होगा। गृह उद्योग बंद हो जाएंगे,पापड़,चकली,फरसाण बनानेवाले क्या करेंगे ? क्यो की हल्दीराम,बालाजी की पैकिग पे तो कोई पाबंदि नही होगी।*
*गरीब का घर जब बरसात में गले तो, गरीब क्या करे??*
*बेकरी प्रौडक्ट- याने ब्रेड,खारी, टोस्ट,बिस्किट,पाव जो महाराष्ट्र की पहचान है,, अब ये लगभग महाराष्ट्र के 13 हजार बेकरी वाले क्या करे?*
*विदेशी पिज़्ज़ा और बर्गर के साथ तो सॉस के पाउच दे दिए जाएंगे पॉलीथिन के (जिन पे कोई पाबन्दी नही)।*
*लेकिन आम दुकान दार जिसको खुद की बनाई हुई सब्जी या चटनी बेचनी है वो क्या करेगा??*
*आमूल का दही, मखन और घी भी सब पॉली पैक में आते हैं फिर ग्राहक तो अपनी सुविधा को देखते हुए लोकल सामान नही खरीदेगा*
*इस पर फिर से विचार होना जरूरी है।*
*या तो इसे पूरी तरह से लागू करो चाहे नुक्कड़ की हलवाई की दुकान हो या मल्टीनेशनल कम्पनी। पॉलीथिन पर पाबन्दी मतलब पूरी पाबन्दी नही तो make in india तो जब होगा तब होगा अभी तो गाज गिरेगी तो सिर्फ और सिर्फ गरीब व्यापारी पर ही।*
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