27/02/2026
उम्र चालीस के बाद सिर्फ बढ़ती नहीं…
वो हमें आईना दिखाने लगती है।
चेहरे की लकीरें, बालों की चाँदी…
और एक दिन एहसास होता है — जवानी धीरे-धीरे विदा ले रही है…
मेरी नई कविता — “अब जवानी जा रही है…” Ruchi Shashi Rai