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(भारत मौसम विज्ञान केंद्र)

♦️ देश भर में बने मौसमी सिस्टम 13 सितम्बर ♦️सिनोष्टिक मौसमी परिस्थितियां-🔷कम दबाव का क्षेत्र, उत्तर विदर्भ और संलग्न मध्...
13/09/2026

♦️ देश भर में बने मौसमी सिस्टम 13 सितम्बर

♦️सिनोष्टिक मौसमी परिस्थितियां-

🔷कम दबाव का क्षेत्र, उत्तर विदर्भ और संलग्न मध्य प्रदेश के ऊपर बना आज, 13 सितंबर 2026 को 0830 बजे । ST पर दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और संलग्न उत्तर विदर्भ के ऊपर स्थित है। इससे जुड़ा चक्रवातीय परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किमी की ऊंचाई तक फैला हुआ है है जो ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ है। इसके अगले 24 घंटों के दौरान दक्षिण-पूर्व राजस्थान और संलग्न उत्तर गुजरात की ओर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है।

🔷मानसून ट्रफ माध्य समुद्र तल पर अब जैसलमेर, कोटा, दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और संलग्न उत्तर विदर्भ के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के केंद्र, राजनांदगांव, भवानीपटना और वहां से पूर्व-दक्षिण-पूर्व की ओर पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी से गुजरते हुए माध्य समुद्र तल से 1.5 किमी की ऊंचाई तक फैली हुई है।

🔷ट्रफ, अब दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और संलग्न उत्तर विदर्भ के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र से जुड़े चक्रवातीय परिसंचरण से मराठवाड़ा, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा और तमिलनाडु होते हुए मन्नार की खाड़ी तक माध्य समुद्र तल से 1.5 किमी की ऊंचाई तक फैली हुई है।

🔷एक ट्रफ दक्षिण-पश्चिम अरब सागर से लेकर पूर्व-मध्य अरब सागर, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र होते हुए दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और संलग्न उत्तर विदर्भ के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के केंद्र तक समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर फैली हुई है।

🔷पश्चिमी विक्षोभ, जम्मू संभाग और आसपास के क्षेत्र के ऊपर चक्रवातीय परिसंचरण के रूप में अब मध्य क्षोभमंडल में पछुआ हवाओं में एक ट्रफ के रूप में माध्य समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर लगभग 73° पूर्व देशांतर के साथ 30° उत्तर अक्षांश के उत्तर में अवस्थित है।

♦️कैसे लौटता है मानसून, किस रास्ते से लेता है विदा?🔷मानसून अब विदाई की ओर है. इस विदाई के साथ-साथ देश के कई हिस्सों में ...
13/09/2026

♦️कैसे लौटता है मानसून, किस रास्ते से लेता है विदा?

🔷मानसून अब विदाई की ओर है. इस विदाई के साथ-साथ देश के कई हिस्सों में बारिश भी शुरू हो गई है, लेकिन क्या आपने सोचा है कि मानसून किस रास्ते से विदा होता है और इसका रूट क्या है?

♦️भारत में जून के महीने में जिस मानसून का लोग बेसब्री से इंतजार करते हैं, सितंबर आते-आते उसके जाने का वक्त हो जाता है. जब मानसून आता है तो झमाझम बारिश से चारों तरफ खुशहाली छा जाती है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह मानसून देश से विदा कैसे लेता है? मानसून का आना जितना धमाकेदार होता है, उसकी वापसी उतनी ही शांत और धीमी होती है. आइए जानते हैं कि लौटता हुआ मानसून क्या है और यह किस रास्ते से अपने घर वापस जाता है.

♦️मानसून की वापसी कहां से शुरू होती है?

मानसून की वापसी की शुरुआत हमेशा देश के सबसे उत्तर-पश्चिमी हिस्से से होती है. सबसे पहले पश्चिमी राजस्थान और कच्छ के इलाकों से मानसून विदा लेना शुरू करता है. मौसम विभाग के नियमों के मुताबिक, देश के किसी भी हिस्से से मानसून की वापसी एक सितंबर से पहले नहीं होती. इसके बाद अगर किसी इलाके में लगातार पांच दिनों तक बारिश नहीं होती, हवा का दबाव बदलने लगता है और हवा में नमी की मात्रा घटने लगती है तो मौसम विभाग यह मान लेता है कि उस इलाके से मानसून की वापसी शुरू हो चुकी है.

♦️किस रास्ते से लौटता है मानसून?

राजस्थान और कच्छ से विदा लेने के बाद मानसून धीरे-धीरे पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और गुजरात के बाकी हिस्सों से पीछे हटता है. इसके बाद यह मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों से विदा लेता है. फिर झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के राज्यों से मानसून पीछे हटने लगता है.

सबसे आखिर में मानसून दक्षिण भारत यानी महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल से विदा होता है. यानी मानसून जिस रास्ते से आता है, लगभग उसी के उल्टे रास्ते पर चलते हुए यह देश छोड़ता है, बस थोड़ा अलग क्रम में. पूरे देश से मानसून की पूरी तरह वापसी में आमतौर पर करीब एक महीने से ज्यादा का समय लग जाता है.

♦️वापसी के दौरान क्यों होती है बारिश?

एक बात जो अक्सर लोगों को हैरान करती है, वह यह है कि मानसून की वापसी के दौरान भी कई राज्यों में तेज बारिश देखने को मिलती है. दरअसल, जब मानसून पीछे हटता है तो हवा की दिशा बदलती है और नमी वाली हवाएं कई बार दोबारा किसी इलाके की तरफ मुड़ जाती हैं, जिससे अचानक भारी बारिश हो जाती है. दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों, खासकर तमिलनाडु में मानसून की वापसी के बाद उत्तर-पूर्वी मानसून यानी लौटता मानसून सक्रिय हो जाता है, जिससे वहां अक्टूबर से दिसंबर के बीच भी अच्छी बारिश होती है.

♦️14 सितंबर को बदलेगा मौसम, बिहार के 6 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट,जानें अपडेट♦️बिहार में मानसून की गतिविधियां फिलहाल ...
13/09/2026

♦️14 सितंबर को बदलेगा मौसम, बिहार के 6 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट,जानें अपडेट

♦️बिहार में मानसून की गतिविधियां फिलहाल कमजोर बनी हुई हैं. लेकिन मौसम विभाग ने 14 सितंबर को राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश, मेघ गर्जन और वज्रपात की संभावना जताई है. मौसम विज्ञान केंद्र पटना के पूर्वानुसार उत्तर-पश्चिम बिहार के कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है. जबकि राज्य के अन्य हिस्सों में एक-दो स्थानों पर वर्षा होने की संभावना है. इस दौरान कुछ जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा भी चल सकती है.

🔷आज बिहार में कैसा रहा मौसम?

मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में मानसून की गतिविधि कमजोर रही. हालांकि, किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ में भारी वर्षा दर्ज की गई. उत्तर-मध्य और उत्तर-पूर्व बिहार के कुछ स्थानों पर तथा राज्य के बाकी हिस्सों में एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई. राज्य में अधिकतम तापमान 31.8 से 35.9 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा. सबसे अधिक अधिकतम तापमान 35.9 डिग्री सेल्सियस भभुआ, कैमूर में दर्ज किया गया. न्यूनतम तापमान 24.4 से 29.3 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा. सबसे कम न्यूनतम तापमान 24.4 डिग्री सेल्सियस फारबिसगंज, अररिया में रिकॉर्ड किया गया. गया जिले में इस दौरान 33 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा भी दर्ज की गई.

♦️14 सितंबर को कहां होगी बारिश?

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 14 सितंबर को उत्तर-पश्चिम बिहार के जिलों के कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है. इसके अलावा राज्य के बाकी हिस्सों में एक-दो स्थानों पर वर्षा होने की संभावना है. वहीं, कुछ जिलों में बारिश के साथ मौसम ज्यादा सक्रिय रहने का अनुमान है. अररिया, किशनगंज, मधुबनी, शिवहर, सीतामढ़ी और सुपौल में एक-दो स्थानों पर मेघ गर्जन और वज्रपात के साथ तेज हवा चल सकती है. इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है. ऐसे में इन जिलों के लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी.

♦️13 सितंबर को नहीं है कोई चेतावनी

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 13 सितंबर को बिहार में किसी तरह की चेतावनी जारी नहीं की गई है. हालांकि, 14 सितंबर को उत्तर-पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम हिस्सों के कुछ जिलों में गरज-चमक और तेज हवा की स्थिति बन सकती है.

🔷तापमान में नहीं होगा बड़ा बदलाव

अगले तीन दिनों के दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में विशेष बदलाव की संभावना नहीं है. अगले पांच दिनों तक न्यूनतम तापमान में भी कोई बड़ा परिवर्तन होने की संभावना नहीं जताई गई है. मौसम विभाग के अनुसार बिहार में मौसम की स्थिति पर मानसूनी सिस्टम और उससे जुड़े ट्रफ का असर बना हुआ है. आने वाले दिनों में स्थानीय स्तर पर बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. ऐसे में 14 सितंबर को बाहर निकलने वाले लोग मौसम का ताजा अपडेट जरूर देखें. गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचें.

13/09/2026

♦️छत्तीसगढ़ मौसम अपडेट 13 सितम्बर 2026
💠छत्तीसगढ़ में 14 सितंबर तक जारी रहेगा बारिश का दौर, ठंडी हवा और बूंदाबांदी ने बढ़ाई ठंडक, सुहाना हुआ मौसम

CG Weather Update: मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 14 सितंबर तक बिलासपुर समेत प्रदेश में मौसम का ऐसा ही स्वरूप बने रहने के आसार हैं।

बिलासपुर में दिनभर बादलों की आवाजाही
ठंडी हवा और हल्की बारिश ने बढ़ाई ठंडक
प्रदेश में 14 सितंबर तक रहेगा ऐसा मौसम

बिलासपुर। शुक्रवार की शाम हुई वर्षा के बाद शनिवार को बिलासपुर का मौसम पूरी तरह बदला-बदला नजर आया। सुबह से चली ठंडी हवाओं ने उमस पर अंकुश रखा और दिनभर आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रही। शहर के अलग-अलग हिस्सों में कहीं बूंदाबांदी हुई तो कहीं कुछ देर के लिए वर्षा हुई। धूप की तल्खी गायब रही और मौसम ने लोगों को राहत का अहसास कराया। बीते 24 घंटे में बिलासपुर में 8.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

💠तेज वर्षा के बजाय बादलों की मौजूदगी

शनिवार को मौसम का मिजाज अचानक तेज वर्षा के बजाय बादलों की मौजूदगी वाला रहा। सुबह से ही हवा में ठंडक महसूस हुई। दोपहर तक आसमान पर बादल छाए रहे और बीच-बीच में बूंदें गिरती रहीं। शहर के कुछ इलाकों में बारिश हुई, जबकि कई स्थानों पर केवल बादल छाए रहे। इस तरह पूरे शहर में एकसमान बारिश के बजाय खंडवर्षा जैसी स्थिति देखने को मिली।

पिछले दिनों की उमस और गर्मी के बीच शनिवार का यह मौसम राहत लेकर आया। खास बात यह रही कि सुबह से चलती ठंडी हवाओं ने तापमान का असर कम महसूस कराया। बादलों की मौजूदगी के कारण धूप भी लगातार तेज नहीं हो सकी। शाम तक मौसम का यही रंग बना रहा। लोगों को बारिश के साथ ठंडी हवा और बादलों का मिला-जुला असर महसूस हुआ।

💠14 सितंबर तक जारी रहेगा राहत का दौर

मौसम के इस बदले मिजाज को देखते हुए अभी राहत जल्द खत्म होती नजर नहीं आ रही है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 14 सितंबर तक बिलासपुर समेत प्रदेश में मौसम का ऐसा ही स्वरूप बने रहने के आसार हैं। इस दौरान कहीं हल्की बारिश, कहीं बूंदाबांदी और कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ वर्षा हो सकती है। यानी अगले दो दिनों में भी आसमान पर बादलों की मौजूदगी और हल्की वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना है।

💠धूप की जगह बादलों ने संभाली कमान

शनिवार की सबसे खास बात यह रही कि मौसम ने बारिश से ज्यादा अपनी ठंडी छुअन से राहत दी। सुबह से बादल और हवा का साथ बना रहा। बीच-बीच में बूंदाबांदी ने वातावरण को नम किया। कहीं थोड़ी देर पानी गिरा तो कहीं बादल बिना बरसे ही गुजर गए। मौसम का यह स्थानीय अंतर खंडवर्षा जैसा रहा। लोगों को दिनभर तेज धूप का सामना नहीं करना पड़ा।

15 सितंबर को पश्चिमीविक्षोभ सक्रिय होगाहरियाणा एनसीआर दिल्ली में आने वाले दिनों में 13-15 सितंबर के दौरान लगातार मौसम पर...
13/09/2026

15 सितंबर को पश्चिमी

विक्षोभ सक्रिय होगा

हरियाणा एनसीआर दिल्ली में आने वाले दिनों में 13-15 सितंबर के दौरान लगातार मौसम परिवर्तनशील बना रहेगा और दक्षिणी पूर्वी मानसून हवाओं से बिखराव वाली हल्की खंड बारिश बूंदाबांदी की गतिविधियां देखने को मिलेंगी। 15 सितंबर को एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर सक्रिय होने और मौजूदा लो प्रेसर एरिया का असर जैसे गुजरात पर पहुंचेगा। उसे अरब सागर से नमी मिलेगी और यह मौसम प्रणाली शसक्त होने से राजस्थान की तरफ पहुंचने की संभावना बन रही है जिसकी वजह से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में एक बार फिर से मौसम में बदलाव और मानसून 16-18 सितंबर के दौरान मानसून गतिविधियों की संभावना बनती नजर आ रही है। इससे प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में बिखराव वाली हल्की बारिश बूंदाबांदी की गतिविधियों की संभावना बन रही है। इससे तापमान में भी कमी आने की संभावना है। 16 सितंबर से 18 सितंबर के बीच बूंदाबांदी की संभावना है।

छह दिन मानसून रहेगा सक्रिय    16 तक गर्जन व वज्रपात के साथ मध्यम बारिश के आसार
13/09/2026

छह दिन मानसून रहेगा सक्रिय

16 तक गर्जन व वज्रपात के साथ मध्यम बारिश के आसार

सुबह 6 बजे तक अंधेरा, सूरज भी जल्दी ढल रहा, 23 सितंबर को लगभग बराबर होंगे दिन-रात   #मौसम
13/09/2026

सुबह 6 बजे तक अंधेरा, सूरज भी जल्दी ढल रहा, 23 सितंबर को लगभग बराबर होंगे दिन-रात
#मौसम

12/09/2026

♦️ हरियाणा मौसम अपडेट 12 सितम्बर
🔷 हरियाणा में मौसम का मिजाज बदल गया है। जिसके चलते प्रदेश में बारिश के आसार है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कुछ जिलों में अगले तीन घंटो में बारिश की संभावना जताई है।

🔷भारत मौसम विज्ञान विभाग : अल्पअवधि मौसम पूर्वानुमान : 12.09.2026 @ सांय 4.25 बजे जारी...

अगले तीन घंटो में भिवानी, चरखीदादरी, रोहतक, झज्जर, सोनीपत, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, नूंह, फरीदाबाद्, पलवल जिलों में कहीं-कहीं हवाओं व गरजचमक के साथ हल्की बारिश की संभावना। इस दौरान कुछ एक स्थानों पर मध्यम से तेज बारिश भी संभावित।

💠 जिलेवार मौसम पूर्वानुमान व चेतावनी देखने के लिए नीचे दी गई pdf लिंक पर क्लिक करें 👇
https://mausam.imd.gov.in/chandigarh/mcdata/district_fc_haryana.pdf

♦️मप्र तत्कालीन मौसम चेतावनी 12 सितम्बर जारी 3:30 PM अगले 3 घंटे तक मान्य
12/09/2026

♦️मप्र तत्कालीन मौसम चेतावनी 12 सितम्बर
जारी 3:30 PM
अगले 3 घंटे तक मान्य

♦️तत्कालीन मौसम चेतावनी बिहार
12/09/2026

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