03/08/2026
जब चारों तरफ़ सिर्फ़ पानी था, तब इंसानियत ने नाव का रास्ता चुना।
पिछले कई दिनों से हमारी टीम असम के बाढ़ प्रभावित इलाकों में लगातार सेवा में जुटी है। कम्युनिटी किचन के माध्यम से भोजन तैयार किया जा रहा है, मेडिकल कैंप लगाए जा रहे हैं, और आज अतिरिक्त भोजन के पैकेट नाव के ज़रिए उन घरों तक पहुँचाए गए जहाँ लोग कई दिनों से पानी में घिरे हुए हैं।
यहाँ आकर एक बात दिल को छू गई—मुश्किलें बहुत बड़ी हैं, लेकिन असम के लोगों का हौसला उससे भी बड़ा है। 14 दिनों से बिजली नहीं है, चारों ओर पानी है, फिर भी उनके चेहरे पर उम्मीद है। कोई चाय के लिए बुलाता है, कोई हाथ जोड़कर धन्यवाद कहता है। यह प्यार और अपनापन जीवन भर याद रहेगा।
हम किसी सम्मान या तालियों के लिए नहीं निकले हैं। हमारी सबसे बड़ी कमाई वह सुकून है, जो किसी भूखे को खाना खिलाने, किसी बीमार तक दवा पहुँचाने और किसी मायूस चेहरे पर मुस्कान लाने से मिलता है।
जब तक ज़रूरत रहेगी, हमारी कोशिश जारी रहेगी।
इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है, और सेवा ही हमारी पहचान।
जय हिंद। 🇮🇳