12/12/2016
नानाजी देशमुख स्मृति वाचनालय छत्तीसगढ़ भाजपा कार्यालय रायपुर, छत्तीसगढ़
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय श्री अमित शाह जी ने छत्तीसगढ़ भाजपा कार्यालय रायपुर पर नानाजी देशमुख स्मृति वाचनालय का उद्घाटन किया.
वाचनालय की मुख्य सुविधाएं
•पांच फरवरी २०१६ को भाजपा के केन्द्रीय कार्यलय पर केन्द्रीय वाचनालय का उद्घाटन माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह जी द्वारा किये जाने के बाद यह तय किया गया था कि प्रदेशों के कार्यालयों पर भी आदर्श वाचनालयों को स्थापित किया जाएगा.
•छत्तीसगढ़ प्रदेश कार्यालय को पहले आदर्श वाचनालय की स्थापना के लिए चुना गया. नानाजी देशमुख जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में इस वाचनालय का नाम ‘नानाजी देशमुख स्मृति वाचनालय’ दिया गया.
•केवल दो महीने की अल्पावधि में इस वाचनालय की स्थापना की गयी, जिसमे अलग-अलग श्रेणियों की १०२५५ पुस्तकें मौजूद हैं. जैसे, पार्टी दस्तावेज, समग्र, संविधान सभा बहस, संविधान, इतिहास एवं संस्कृति से जुड़ी पुस्तकें.
1.प्रदेश और केन्द्रीय वाचनालय की कॉमन पुस्तकें : 1115
2.छत्तीसगढ़ एवं सीमावर्ती क्षेत्रों के साहित्य, इतिहास एवं संस्कृति से जुड़ी पुस्तकें : 6886
3.ऑफलाइन डिजिटल पुस्तकें : 2200
4.दुर्लभ पांडुलिपियाँ : 24
•वाचनालय में वाई-फाई की सुविधा के साथ-साथ पर्याप्त जगह भी है, जहाँ बैठकर अध्ययन किया जा सके. दस्तावेजीकरण केंद्र दुर्लभ पांडुलिपियों एवं दस्तावेजों, प्रोजेक्टर्स प्रस्तुति, फोटोकॉपी से लैस है.
ई-वाचनालय की मुख्य सुविधाएं (www.bjplibrary.org)::
1.माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष जी की इच्छा से यह ई-वाचनालय स्थापित हुआ है. वर्तमान में ई-वाचनालय के पास 3620 पुस्तकों का संग्रह उपलब्ध है. ई-वाचनालय के विस्तार के लिए असीमित स्कोप मौजूद हैं. यह किसी भी राजनीतिक दल के लिहाज से दुनिया का पहला ई-वाचनालय है.
2.ई-वाचनालय का वेब पेज www.bjplibrary.org है. “DSpace Digital Platform” इस ई-वाचनालय के समानानंतर जुड़कर काम कर रहा है. ई-वाचनालय में नियमित रूप से पुस्तकों को अपलोड के लिए एक कौशलयुक्त समर्पित टीम काम कर रही है.
3.जब कोई यूजर पहली बार इस वेब पेज को खोलता है तो इस ई-वाचनालय पर मौजूद पुस्तकों को पढने के लिए उसे अपनी मेल आईडी से एकबार पंजीकरण करना पड़ेगा. पंजीकरण की प्रक्रिया सिर्फ एकबार अर्थात पहली बार के लिए है. यूजर्स का डाटा हमारे अति सुरक्षित सर्वर पर रखा जाएगा.
4.सभी पुस्तकें इस प्रकार से संग्राहित हैं कि उन्हें बेहद कम समय खर्च करके उपलब्ध किया जा सकता है, चाहें वो 30 मेगाबाईट की हो अथवा 100 मेगाबाईट की.
5.डिजिटल पुस्तकों को लेखकों, समुदायों, पुस्तकों के नाम, तारीख आदि प्रणाली में वर्गीकृत करके रखा गया है. यहाँ तक किसी भी की-वर्ड के माध्यम से भी यूजर पुस्तकों को खोज सकता है. इन पुस्तकों को पीडीएफ के रूप में रखा भी जा सकता है एवं प्रिंट भी लिया जा सकता है.
6.सोशल मीडिया पर ई-वाचनालय पर नयी पुस्तकों आदि के संबध में सूचना देने के लिए एक ट्वीटर हेंडल “” एवं फेसबुक पेज “BJP Central Library” भी तैयार किया गया है. इसकी मदद से सोशल मीडिया पर भी इस ई-वाचनालय को प्रचारित किया जाएगा.