14/08/2026
दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी, केंद्रीय पुस्तकालय के गीतांजलि सभागार में दिनांक 13 अगस्त 2026 को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस 2026’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री तरुण चुग, माननीय सांसद, राज्यसभा तथा विशिष्ट अतिथि श्री हर्ष मल्होत्रा, माननीय राज्य मंत्री, कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय तथा सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के प्रारंभ में गणमान्य अतिथियों द्वारा ‘भारत विभाजन की स्मृतियों एवं अनुभवों’ पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया। इसके पश्चात कार्यक्रम का शुभारंभ ‘वंदे मातरम्’ के साथ हुआ। श्रीमती गीता पंत, पुस्तकालय एवं सूचना सहायक द्वारा मंच संचालन करते हुए अतिथियों का परिचय एवं कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। तत्पश्चात विभाजन विभीषिका से संबंधित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. सुमीत भसीन, अध्यक्ष, दिल्ली लाइब्रेरी बोर्ड ने कहा कि यह लघु फिल्म मात्र एक फिल्म नहीं, बल्कि विभाजन की वेदना और दर्द को अभिव्यक्त करती है। उन्होंने सभी से अनुरोध किया कि 14 अगस्त, विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर इस लघु फिल्म को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाया जाए। उन्होंने कहा कि विभाजन के वास्तविक दर्द को उन परिवारों की स्मृतियों और अनुभवों के माध्यम से समझा जा सकता है, जिन्होंने स्वयं इस त्रासदी को झेला है। उन्होंने अपने वक्तव्य में पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविता ‘15 अगस्त’ का उल्लेख करते हुए अखंड भारत की भावना एवं उनके विचारों पर भी प्रकाश डाला।
मुख्य अतिथि श्री तरुण चुघ, माननीय सांसद, राज्यसभा ने अपने संबोधन में कहा कि विभाजन विभीषिका कोई कहानी या पटकथा नहीं है, बल्कि यह उस दर्द की दास्तान है कि किस प्रकार मातृभूमि का विभाजन किया गया। उन्होंने कहा कि यह उस पीड़ा की स्मृति है कि भारत किस प्रकार विभाजित होकर छोटा होता गया। लाहौर, पेशावर, रावलपिंडी, गुजरांवाला आदि स्थान हमारे पूर्वजों की भूमि का हिस्सा थे। उन्होंने कहा कि हमें स्वतंत्रता की खुशी अवश्य मनानी चाहिए, लेकिन विभाजन के दर्द को भी नहीं भूलना चाहिए। आज की पीढ़ी को इस भावनात्मक पीड़ा और विभाजन की त्रासदी को समझने की आवश्यकता है।
उन्होंने विभाजन के दौरान लोगों द्वारा झेली गई पीड़ा और संघर्ष का विस्तार से उल्लेख करते हुए कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि भारत हमारी मातृभूमि और कर्मभूमि है तथा इसकी रक्षा करना हमारा कर्तव्य है।
श्री हर्ष मल्होत्रा, माननीय राज्य मंत्री, कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय तथा सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार ने अपने संबोधन में कहा कि इतिहास की घटनाओं को अगली पीढ़ी तक पहुँचाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि हम अपनी भूलों से सीख लेकर भविष्य को और बेहतर बना सकें। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी को देश के इतिहास के साथ-साथ उसके सकारात्मक एवं नकारात्मक पक्षों की जानकारी होना आवश्यक है।
उन्होंने विभाजन के बाद भारत आए लोगों के संघर्ष और योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि इन लोगों ने कठिन परिस्थितियों से उबरकर न केवल अपने परिवारों को संभाला, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को विभाजन की पीड़ा और उससे जुड़े अनुभवों को समझना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में श्रीमती प्रियंका चंद्रा, महानिदेशक, दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी द्वारा मुख्य अतिथियों एवं सभागार में उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों और श्रोताओं का आभार व्यक्त किया गया।
राष्ट्रीय गान के साथ कार्यक्रम का गरिमापूर्ण समापन हुआ।
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