15/09/2026
महिला कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर में महिलाओं की सामाजिक एवं संगठनात्मक भूमिका पर जोर
मुंबई, 13 सितंबर 2026:
महिलाओं को सामाजिक परिवर्तन की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी और नेतृत्व प्रदान करने के उद्देश्य से महिला कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर का आयोजन 13 सितंबर 2026, परेल( पु) , मुंबई में किया गया। शिविर में 40 महिला कार्यकर्ताओं तथा लगभग उतने ही पुरुष प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम में प्रशिक्षक के रूप में मा. प्रा. डॉ.प्रभाकर निसर्गंध, CEC सदस्य, मूलनिवासी सभ्यता संघ उपस्थित थे। उन्होंने अपने मार्गदर्शन में महिलाओं की सामाजिक स्थिति, जाति-व्यवस्था और सामाजिक रूढ़ियों के संदर्भ में अपने विचार व्यक्त किए।
मा. प्रभाकर निसर्गंध ने कहा कि “जाति-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए महिलाओं का उपयोग किया गया।” उन्होंने अपने संबोधन में सतीप्रथा, केशवपन और बालविवाह जैसी सामाजिक कुप्रथाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन प्रथाओं ने जाती व्यवस्था जिंदा रखने के लिये यह प्रथाएँ ब्राह्मणों ने निर्माण किया, ऐसा बाबासाहेब डॉ अम्बेडकर कहा करते थे।
उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं की शिक्षा, जागरूकता और संगठन के बिना सामाजिक परिवर्तन संभव नहीं है। महिलाओं को अपने अधिकारों, संवैधानिक प्रावधानों और सामाजिक समस्याओं के प्रति जागरूक होकर निर्णय-प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
प्रभाकर निसर्गंध ने BAMCEF द्वारा विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक मुद्दों पर किए गए वैचारिक प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने महिला आरक्षण, मंडल आयोग, प्रमोशन में आरक्षण तथा OBC जनगणना जैसे विषयों पर लंबे समय से संगठनों और अधिवेशनों में चर्चा किए जाने की वजह से उपरोक्त बाते शासक जातियों ने लागू किया। उनके अनुसार, इन विषयों पर लगातार चर्चा और जनजागृति के कारण ये मुद्दे व्यापक सामाजिक विमर्श का हिस्सा बने हैं।
कार्यक्रम का संचालन मा. शालिनी ताई चव्हाण ने किया, जबकि प्रस्तावना मा. मानसी ताई गायकवाड ने रखी। कार्यक्रम के अंत में मा. सुनीता शेजवळ, जिला उपाध्यक्ष, BAMCEF ने आभार प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन एवं नियोजन में सुरेखा गरुड, सुनीता शेजवळ, मानसी गायकवाड, शालिनी चव्हाण, वर्षा गायकवाड, ममता कुरील एवं मिथलेस सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
शिविर का उद्देश्य महिला कार्यकर्ताओं को सामाजिक मुद्दों की समझ, संगठनात्मक कार्य और नेतृत्व क्षमता के लिए प्रेरित करना तथा मूलनिवासी बहुजन समाज में जागृति एवं संगठन निर्माण के कार्य को मजबूत करना रहा।
जय भीम!
जय मूलनिवासी! जय भारत! जय संविधान
MNT News Network