18/08/2026
बंटवारा देखकर लगता है कि इस फिल्म को भारत के नहीं बल्कि पाकिस्तान के लोगों ने बनाया है।
अब चूंकि आमिर खान का प्रोडक्शन है तो प्रोपेगैंडा तो होगा ही इतना अंदाजा तो था लेकिन इतना ज्यादा कि हाजमोला खाकर भी हजम न हो ये अंदाजा नहीं था।
सनी पाजी का तो बकरा बना दिया आमिर खान ने, बेचारे बेटे का कैरियर बनाने के चक्कर में फना हो गये।
बेहद अविश्वसनीय दृश्य हैं, अविश्वसनीय संवाद हैं !
बच्चा भी देखकर समझ जाए कि ये तो भाईचारे की भेलपूरी खिलाने की बड़ी घटिया कोशिश हुई है।
शुरुआती दृश्यों में ही माहौल ऐसा बनाया मानों हिंदुओं ने तो मुस्लिमों को मार मारकर पाकिस्तान भागने पर मजबूर कर दिया, वे बेचारे तो जाना ही नहीं चाहते थे ...
हिंदुओं को ही हिंसक दंगाई बताया जा रहा है !
सोच के देखिए अगर वाकई ऐसा होता तो क्या आज भारत में एक भी मुसलमान रह रहा होता ??
सच तो ये है कि धर्म के आधार पर पाकिस्तान की मांग मुसलमानों की थी और इसी मांग के लिए बंगाल में डायरेक्ट एक्शन डे चलाकर हिंदुओं का ही नरसंहार हुआ और बंटवारा होने के बाद उनमें से सिर्फ 96 लाख लोग पाकिस्तान गये, बाकी 3 करोड़ मुसलमान यहीं रह गए !
कहने को तो इतना कुछ है कि ये पोस्ट पांच किलोमीटर लंबी हो जाए ! आप कल्पना कर सकते हैं कि पाकिस्तान में एक हिंदू औरत की मौत हो और उसकी अर्थी लेकर उसे जलाने हजारों मुसलमान टोपी पहनकर चल रहे हों और सबके मुंह से आवाज निकल रही हो, राम नाम सत्य है ....
ऐसा दृश्य संभव दिखता है क्या आप को ??
अंतिम दृश्य यही था, जिसने मुझे बता दिया कि बलवीरे,
इस फिल्म का भी राम नाम सत्य ही है ....