25/07/2026
जंतर-मंतर की ये तस्वीरें सालों तक याद रखी जाएंगी. क्योंकि यहां एक ऐसा आंदोलन हुआ, जिसकी शुरुआत किसी लंबे-चौड़े भाषण से नहीं, बल्कि 'व्यंग्य' से हुई थी.
और जिसे लोग पहले "मीम वालों की पार्टी", "ऑनलाइन वाली भीड़" या "नॉन-सीरियस जेन-ज़ी" कहकर हंस रहे थे... वही लोग पोस्टर लेकर सड़कों पर उतर आए.
मीम भी बनाए, नारे भी लगाए, रील भी बनाई, धरना भी दिया, पानी भी पिलाया, झाड़ू भी लगाई, कूड़ा भी उठाया.
और सबसे बड़ी बात... ट्रेंड करके गायब नहीं हुए.
डटे रहे.
आख़िर में वही हुआ.... जेन-ज़ी अपनी मांगें मनवाकर ही मानी.