08/04/2026
पूर्व केंद्रीय वज़ीर और साबिक़ सांसद मोहसिना किदवई साहिबा के इंतिक़ाल की ख़बर बेहद रंजो-ग़म का सबब है।
वो कांग्रेस पार्टी की एक बुज़ुर्ग और वफ़ादार रहनुमा थीं, जिनकी पूरी ज़िंदगी ख़िदमत-ए-ख़ल्क़ का नुमूना रही। अपनी सादगी, शफ़क़त और गरिमामय सियासी कामयाबी से उन्होंने मुल्क की ख़वातीन की कई नस्लों को रहनुमाई और हौसला बख़्शा।
इस ग़मनाक घड़ी में मैं उनके अहल-ए-ख़ानदान, अज़ीज़ों और तमाम मुहिब्बान-ए-कांग्रेस के साथ गहरी हमदर्दी और ताज़ियत का इज़हार करता हूं।
अल्लाह तआला से दुआ है कि मरहूमा की मग़फ़िरत फ़रमाए, उन्हें जन्नत-उल-फ़िरदौस में आला मक़ाम अता करे और अहल-ए-ख़ानदान को सब्र-ए-जमील अता फ़रमाए।
यह ताज़ियती पैग़ाम मोहसिना किदवई साहिबा की ख़िदमत और शख़्सियत को ख़िराज-ए-अक़ीदत है।
إِنَّا لِلّهِ وَإِنَّا إِلَيْهِ رَاجِعُونَ
اللَّهُمَّ اغْفِرْ لَهُ وَارْحَمْهُ وَعَافِهِ وَاعْفُ عَنْهُ
اللَّهُمَّ اجْعَلْ قَبْرَهُ رَوْضَةً مِنْ رِيَاضِ الْجَنَّةِ وَلَا تَجْعَلْهُ حُفْرَةً مِنْ حُفَرِ النَّارِ