06/12/2025
आज की रात… वही रात थी जब बाबा साहेब ने हम सबको छोड़कर अपनी अंतिम साँस ली।
लेकिन सच तो यह है कि उस रात सिर्फ एक महान व्यक्तित्व नहीं सोया था—उस रात एक युग समाप्त हुआ था।
सोचिए…
जिस इंसान ने अपना हर सुख, हर आराम, हर सांस देश के वंचितों, पीड़ितों और शोषितों के नाम कर दी जिसने अपने शरीर को जलाकर करोड़ों के जीवन में रोशनी भरी वह इंसान आज की ही रात हमसे कूच कर गया था।
पर उनकी सांस रुकने से उनके सपने नहीं रुके ..!
नमन बाबा साहेब 🙏
आप तो चले गए, पर आपकी सीख, आपका संघर्ष, आपकी हिम्मत,
आज भी हमें संभालती है, जगाती है और मार्ग दिखाती है।
शोषितों, पीड़ितों की मसीहा नारी की मुक्ति दाता भारतीय संविधान रचयिता बोधिसत्व परम बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी के महापरिनिर्वाण दिवस के पर शत शत नमन एवं विनम्र श्रद्धांजलि |