Ncc Officials India

Ncc Officials India 𝐔𝐧𝐢𝐭𝐲 𝐚𝐧𝐝 𝐝𝐢𝐬𝐜𝐢𝐩𝐥𝐢𝐧𝐞

The National Cadet Corps in India is a voluntary organization

 Mission:🇮🇳🇮🇳🚀🚀🛰️🛰️'India,I reached my destinationand you too!': Chandrayaan-3 3 has successfully soft-landed on the moo...
23/08/2023

Mission:🇮🇳🇮🇳🚀🚀🛰️🛰️

'India,

I reached my destination

and you too!'

: Chandrayaan-3

3 has successfully soft-landed on the moon!.

Congratulations, India!

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Crpf public school dwarka,Batallion 2DAB🇮🇳
10/08/2023

Crpf public school dwarka,Batallion 2DAB🇮🇳

NCC to celebrate 74th anniversary of its raising; Defence Secretary pays homage to the fallen heroes at National War Mem...
27/11/2022

NCC to celebrate 74th anniversary of its raising; Defence Secretary pays homage to the fallen heroes at National War Memorial.

National Cadet Corps (NCC), the largest uniformed youth organisation in the world raised in 1948, will celebrate its 74th anniversary on November 27, 2022. To mark the occasion, Defence Secretary Shri Giridhar Aramane laid a wreath and paid homage to the fallen heroes on behalf of the entire NCC fraternity at National War Memorial, New Delhi on November 26, 2022.

Speaking on the occasion, the Defence Secretary said, NCC in the past few years has evolved exponentially, wherein youth in uniform have joined hands in every initiative to contribute to nation building. The NCC Raising Day is also being celebrated in all state capitals, where cadets are participating in march past, cultural activities and social development programmes.

From national-level campaigns like Puneet Sagar Abhiyan, which is the biggest cleanliness drive to be undertaken by any single organisation to initiatives like Ek Bharat Shreshtha Bharat camps, Swachh Bharat campaign, Har Ghar Tiranga and Ex Yogdan (COVID Relief Campaign), NCC cadets have left a large and lasting footprint in every way. The expansion of NCC has also been undertaken in coastal and border areas of the country by adding over one lakh young cadets to its fold in recent times. This has motivated the youth from these areas to join the Armed forces and contribute to Nation Building.

The NCC has also been a platform for harnessing international relations for over four decades, by sending its cadets as ambassadors of peace and unity as part of Youth Exchange Programmes (YEP) to over 25 nations. The NCC has over the years hosted friendly foreign countries cadets from over 30 Nations under YEP.

The multifaceted activities and varied curriculum of the NCC, provides unique opportunities to the youth for self-development. Many cadets have made the Nation and the organisation proud through their remarkable achievements in the field of sports and adventure.

परमवीक चक्र विक्रम बत्रा की शहादत तो सभी को याद होगी। कारगिल युद्ध में दुश्मन से लड़ते हुए देश के लिए अपनी जान कुर्बान क...
09/09/2022

परमवीक चक्र विक्रम बत्रा की शहादत तो सभी को याद होगी। कारगिल युद्ध में दुश्मन से लड़ते हुए देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। आज 9 सितंबर को देश के वीर जवान कैप्टन विक्रम बत्रा का जन्म हुआ था। 9 सितंबर 1974 को हिमाचल प्रदेश के पालमपुर के पास घुग्गर गांव में जन्मे कैप्टन विक्रम बत्रा एक मध्यमवर्गीय पृष्ठभूमि से थे। ( happy birthday vikram batra ) वह अपने सहपाठियों और शिक्षकों के बीच बेहद लोकप्रिय थे। और स्कूल में एक ऑलराउंडर थे। वह एक उत्सुक खिलाड़ी भी था और सभी सह-पाठयक्रम गतिविधियों में भाग लेता था। बचपन से ही विक्रम सेना में भर्ती होना चाहते थे। स्कूल में शिक्षा से लेकर स्पोर्ट्स तक विक्रम बत्रा सभी में होनहार थे। इससे पहले विक्रम एक बार मर्चेंट नेवी जॉइन करने वाले थे। आपको बता दे कि हाल ही में कैप्टन विक्रम बत्रा पर एक पिक्चर बनी है। जिसमें बॉलीवुड एक्टर सिद्धार्थ मल्होत्रा ने विक्रम बत्रा का किरदार अदा किया है। छोटी सी उम्र में विक्रम ने अपनी जान देश के लिए कुर्बान कर दी। विक्रम बत्रा की कारगिल युद्ध से लौटने के बाद शादी होने वाली थी, उनकी प्रेमिका डिंपल चीमा से। लेकिन शहादत के बारे में सुनने के बाद डिंपल चीमा ने कभी शादी नहीं की।

Hero of karagil war....



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सौगंध मुझे इस मिट्टी की, मैं देश नहीं झुकने दूँगा !!  Tag us    🚫𝐖𝐚𝐫𝐧𝐢𝐧𝐠 🚫 𝑑𝑜 𝑛𝑜𝑡 𝑟𝑒𝑝𝑜𝑠𝑡 𝑤𝑖𝑡ℎ𝑜𝑢𝑡 𝑐𝑟𝑒𝑑𝑖𝑡‼️               ...
09/09/2022

सौगंध मुझे इस मिट्टी की, मैं देश नहीं झुकने दूँगा !!

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Indian Navy Flag: नए झंडे के ऊपरी कोने पर भारत के तिरंगे और अशोक चिन्ह को बरकरार रखा गया है। छत्रपति शिवाजी महाराज की मु...
03/09/2022

Indian Navy Flag: नए झंडे के ऊपरी कोने पर भारत के तिरंगे और अशोक चिन्ह को बरकरार रखा गया है। छत्रपति शिवाजी महाराज की मुहर को नीले और सोने के अष्टकोण (Octagon) के साथ दर्शाया गया है
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को भारत के पहले स्वदेश निर्मित विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत का जलावतरण किया। इसके साथ ही भारत उन चुनिंदा देशों की फेहरिस्त में शामिल हो गया है, जिनके पास ऐसे बड़े युद्धपोतों के निर्माण की घरेलू क्षमताएं हैं

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Indian Navy Flag: नए झंडे के ऊपरी कोने पर भारत के तिरंगे और अशोक चिन्ह को बरकरार रखा गया है। छत्रपति शिवाजी महाराज की मु...
03/09/2022

Indian Navy Flag: नए झंडे के ऊपरी कोने पर भारत के तिरंगे और अशोक चिन्ह को बरकरार रखा गया है। छत्रपति शिवाजी महाराज की मुहर को नीले और सोने के अष्टकोण (Octagon) के साथ दर्शाया गया है

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कदम से कदम मिल रहे हैं,क्योंकि DI सर बगल में जो खड़े हैं !!Tag us  🚫𝐖𝐚𝐫𝐧𝐢𝐧𝐠 🚫𝑑𝑜 𝑛𝑜𝑡 𝑟𝑒𝑝𝑜𝑠𝑡 𝑤𝑖𝑡ℎ𝑜𝑢𝑡 𝑐𝑟𝑒𝑑𝑖𝑡‼️              ...
31/08/2022

कदम से कदम मिल रहे हैं,क्योंकि DI सर बगल में जो खड़े हैं !!

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राष्ट्रीय खेल दिवस (National Sport day)29 अगस्त को मनाने का कारण यह है कि इस दिन भारत के दिग्गज हॉकी प्लेयर मेजर ध्यान च...
29/08/2022

राष्ट्रीय खेल दिवस (National Sport day)

29 अगस्त को मनाने का कारण यह है कि इस दिन भारत के दिग्गज हॉकी प्लेयर मेजर ध्यान चन्द कुशवाहा का जन्म हुआ था। मेजर ध्यान चन्द को हॉकी का जादूगर कहा जाता है। उन्होंने हॉकी खेल में भारत का नाम ऊँचा किया था, इस लिए इनके जन्म दिन को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है।



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उठा कदम बढ़ा कदम यह वक्त हैं बदलाव का,रुक न कही झुक न कही न भेद धूप छाँव का!!Tag us  🚫𝐖𝐚𝐫𝐧𝐢𝐧𝐠 🚫𝑑𝑜 𝑛𝑜𝑡 𝑟𝑒𝑝𝑜𝑠𝑡 𝑤𝑖𝑡ℎ𝑜𝑢𝑡 𝑐𝑟𝑒...
28/08/2022

उठा कदम बढ़ा कदम यह वक्त हैं बदलाव का,
रुक न कही झुक न कही न भेद धूप छाँव का!!

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कैप्टन विक्रम बत्रा परमवीर चक्र से सम्मानित भारत के सैनिक थे। इन्हें यह सम्मान सन् 1999 में मरणोपरांत मिला।कैप्‍टन विक्र...
23/08/2022

कैप्टन विक्रम बत्रा परमवीर चक्र से सम्मानित भारत के सैनिक थे। इन्हें यह सम्मान सन् 1999 में मरणोपरांत मिला।

कैप्‍टन विक्रम बत्रा का जन्‍म 9 सितंबर 1974 को हिमाचल प्रदेश के पालमपुर जिले के घुग्‍गर में हुआ था। उनके पिता का नाम जीएम बत्रा और माता का नाम कमलकांता बत्रा है। 1996 में विक्रम ने इंडियन मिलिटरी अकैडमी में दाखिला लिया। 13 जम्मू ऐंड कश्मीर राइफल्स में 6 दिसम्बर 1997 को लेफ्टिनेंट के पोस्ट पर विक्रम की जॉइनिंग हुई। 1 जून 1999 को उनकी टुकड़ी को करगिल युद्ध में भेजा गया। हम्प व राकी नाब स्थानों को जीतने के बाद उसी समय विक्रम को कैप्टन बना दिया गया। इसके बाद श्रीनगर-लेह मार्ग के ठीक ऊपर सबसे महत्त्वपूर्ण 5140 चोटी को पाक सेना से मुक्त करवाने का जिम्मा भी कैप्टन विक्रम बत्रा को दिया गया। बेहद दुर्गम क्षेत्र होने के बावजूद विक्रम बत्रा ने अपने साथियों के साथ 20 जून 1999 को सुबह तीन बजकर 30 मिनट पर इस चोटी को अपने कब्जे में ले लिया।

विक्रम बत्रा ने इस चोटी के शिखर पर खड़े होकर रेडियो के माध्यम से एक कोल्डड्रिंक कंपनी की कैचलाइन ‘यह दिल मांगे मोर’ को उद्घोष के रूप में कहा तो सेना ही नहीं बल्कि पूरे भारत में उनका नाम छा गया। अब हर तरफ बस ‘यह दिल मांगे मोर’ ही सुनाई देता था। इसके बाद सेना ने चोटी 4875 को भी कब्जे में लेने का अभियान शुरू कर दिया

सेना में चयन

विज्ञान विषय में स्नातक करने के बाद विक्रम का चयन सीडीएस के जरिए सेना में हो गया। जुलाई, 1996 में उन्होंने भारतीय सेना अकादमी देहरादून में प्रवेश लिया। दिसंबर 1997 में शिक्षा समाप्त होने पर उन्हें 6 दिसंबर 1997 को जम्मू के सोपोर नामक स्थान पर सेना की 13 जम्मू-कश्मीर राइफल्स में लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्ति मिली। उन्होंने 1999 में कमांडो ट्रेनिंग के साथ कई प्रशिक्षण भी लिए। 1 जून, 1999 को उनकी टुकड़ी को कारगिल युद्ध में भेजा गया। हम्प व राकी नाब स्थानों को जीतने के बाद उसी समय विक्रम को कैप्टन बना दिया गया। इसके बाद श्रीनगर-लेह मार्ग के ठीक ऊपर सबसे महत्त्वपूर्ण 5140 चोटी को पाक सेना से मुक्त करवाने का जिम्मा भी कैप्टन विक्रम बत्रा को दिया गया। बेहद दुर्गम क्षेत्र होने के बावजूद विक्रम बत्रा ने अपने साथियों के साथ 20 जून, 1999 को सुबह तीन बजकर 30 मिनट पर इस चोटी को अपने कब्जे में ले लिया।
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22/08/2022

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