Vanvasi Kalyan Ashram, Delhi

Vanvasi Kalyan Ashram, Delhi Vanvasi Kalyan Ashram, Delhi is a social service organization catering to the socio-cultural-economic development of vanvasi (janjati) people in India

29 अगस्त.. मणिपुर के जनजाति क्रांतिकारक जादोनांग का बलिदान दिवसमणिपुर राज्य के वीर हैपाऊ जादोनांग नागा समुदाय के विलक्षण...
29/08/2026

29 अगस्त..
मणिपुर के जनजाति क्रांतिकारक जादोनांग का बलिदान दिवस

मणिपुर राज्य के वीर हैपाऊ जादोनांग नागा समुदाय के विलक्षण स्वतंत्रता सेनानी थे। उन्होंने अंग्रेजों और चर्च द्वारा चलाए गए धर्मातरण के खिलाफ लोगों को जागरूक किया। धर्म और संस्कृति को जीवंत रखने के लिए मंदिर निर्माण और पूजा अर्चना, प्रार्थना की परंपरा विकसित की। नागाओं की अंग्रेजों के दमन शोषण से मुक्ति के लिए आंदोलन चलाए। जेलियांगरांग राज स्थापित कर अपने क्षेत्र को अंग्रेजों के चंगुल से मुक्त कर लिया। अंग्रेजों ने धर पकड़ की मुहिम चलाई। 19 फरवरी 1931 को उन्हें कैद कर मृत्युतुल्य यातनाएं दी गयी। 29 अगस्त 1931 को इंफाल जेल के नीचे नांबुल नदी तट पर सबके सामने उन्हें फांसी दे दी गई।

भारत की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले हैपाऊ जादोनांग की प्रेरक स्मृति को शत-शत नमन।💐🙏

कल्याण आश्रम दिल्ली प्रांत द्वारा संचालित छात्रावास का नाम शहीद जादोनांग छात्रावास ही रखा गया है।

29/08/2026

अपने संगठन महामंत्री श्री अतुल जी भाई साहब रक्षाबंधन पर्व पर राखी बंधवाते हुए।

रक्षाबंधन एक पवित्र बंधन श्रावण मास की पूर्णिमा को अपने यहाँ रक्षाबंधन उत्सव मनाया जाता है। रक्षाबंधन पर्व बहुत पुरातन स...
28/08/2026

रक्षाबंधन एक पवित्र बंधन

श्रावण मास की पूर्णिमा को अपने यहाँ रक्षाबंधन उत्सव मनाया जाता है। रक्षाबंधन पर्व बहुत पुरातन समय से चला आ रहा है। इसके कई सन्दर्भ देखने को मिलते है। समय-समय पर आवश्यकता अनुसार समाज ने कुछ परिवर्तनों का स्वीकार भी किया है। आज हम इसके महत्व को समझते हुए थोडा चिंतन करेंगे।

रक्षासूत्र अर्थात् मौली धागे का कलाई पर बांधा जाना सांस्कृतिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। इससे बाहरी संकटों से तो बचाव होता ही है। हिन्दु धर्म में किसी भी अनुष्ठान और पूजा के पश्चात पवित्र मौली बंधन की परम्परा है, बिना रक्षा सूत्र के कोई पूजा पूरी नहीं मानी जाती है। रक्षासूत्र मंत्र-
येनबद्धो बलिराजा, दानवेन्द्रो महाबलः ।
तेनत्वाम् अनुबद्धनामि रक्षे माचल माचल।।
इस मंत्र का सामान्यतः यह अर्थ लिया जाता है कि दानवीर राजा बलि जिससे बांधे गए थे, उसी से तुम्हें बांधता हूं, हे रक्षे ! (रक्षासूत्र) तुम चलायमान न हो, चलायमान न हो। धर्मशास्त्र के अनुसार जिस रक्षासूत्र से दानवों के महापराक्रमी राजा बलि धर्म के बंधन में बांधे गए थे अर्थात् धर्म में प्रयुक्त किए गये थे, उसी सूत्र से मैं तुम्हें बांधता हूं, यानी धर्म के लिए प्रतिबद्ध करता हूं।

पुरातन समय में कभी माता ने पुत्र को (माता कुंती ने अभिमन्यु को), पत्नी ने अपने पति को (इन्द्राणी ने राजा इंद्रा को) युद्ध पर जाने से पूर्व सुरक्षा की कामना करते हुए रक्षा सूत्र बांधे थे। अपनी संस्कृति समयानुकूल, परिवर्तनशील है। बीच में एक कालखण्ड ऐसा गया कि समाज में बहनों की सुरक्षा के बारे में विशेष चिंता करने की आवश्यकता देखने को मिली। तब यही रक्षासूत्र बहन अपने भाई को बांध कर सुरक्षा की मांग करते देखाई देने लगी। आज भी समाज में यही परम्परा अधिक प्रचलित है। तभी तो यह पर्व घर-घर में मनाया जाता है। परन्तु सम्पूर्ण समाज को जोड़ने के आशय से हम सभी एक दूसरे को रक्षासूत्र बांध कर उत्सव मनाए यह वर्तमान समय की आवश्यकता है। यानि भाई को बहन अवश्य रक्षा बांधे परन्तु साथ-साथ समाज में एक दूसरे को रक्षा बांध कर एकता का भाव जगाने में भी यह उत्सव उपयुक्त है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संध के कार्यकार्ता इस निमित्त भगवत् ध्वज को रक्षा सूत्र बांधते हुए एक दूसरे को राखी बांधते है। मानो ! यह समय की आवश्यकता है कि भाई-भाई को रक्षा बांध कर - *हम सब एक है* - के संदेश को दृढ करें।

वनवासी कल्याण आश्रम के वर्ष भर के उत्सवों में से एक महत्वपूर्ण उत्सव है ‘रक्षाबंधन’। महिला-पुरूष सभी कार्यकर्ता इस निमित्त समाज को संपर्क करते हुए राखी बांधते है। यह एक स्नेह सूत्र है। जनजाति समाज और गैर-जनजाति समाज दोनों एक ही परिवार का अंग है। भेद है ही नहीं। इसलिए परिवार के नाते सभी एक दूसरे को राखी बांधते है। इस निमित्त नगर समिति के कार्यकर्ता सुदूर वनवासी गांवों में विशेष रूप से जाते है और इस उत्सव को सामाजिक रूप में मनाते है।

आज जहाँ जनजाति समाज को सम्पूर्ण समाज से तोडने के प्रयास चल रहे है एसे में इस उत्सव मनाने का अपने आप में विशेष महत्व है। हमारा विचार है कि *हम समाज को जोड़ने का काम करते है।* इस विचार का कृति के रूप में अनुभव है हमारा ‘रक्षाबंधन उत्सव’।

एकात्मता की अनुभूति करने का यह एक सुवर्ण अवसर है। वैसे भी *वनवासी कल्याण आश्रम का सूत्र है ‘तू-र्मैं एक रक्त’* अर्थात प्रेम भाव, स्नेह भाव को व्यक्त करने का संदेश। रक्षाबंधन उत्सव एकता सूत्र में सभी को जोड़ने का अवसर है। हृदय की शुद्धता प्रगट होती है।
- आनंद

It is a moment of immense pride for the entire Tening area and Zeliangrong Heraka School (Kalyan Ashram's school) Nagala...
27/08/2026

It is a moment of immense pride for the entire Tening area and Zeliangrong Heraka School (Kalyan Ashram's school) Nagaland that Miss Dindin, daughter of Shri Kunglung from Tening Village (Class 10 Batch of 2021-22, ZHS) and Mr. Kireugabo, son of Shri Kirang from Old Nkio Village (Class 10 Batch of 2020-21, ZHS) have been selected for MBBS.

Miss Dindin has secured a seat at Ganesh Shankar Vidyarthi Memorial (GSVM) Medical College, Kanpur, and Mr. Kireugabo has secured a seat at the Nagaland Institute of Medical Sciences and Research (NIMSR).

वनवासी कल्याण आश्रम दिल्ली प्रांत द्वारा संचालित शहीद जादोनांग छात्रावास में आज रक्षाबंधन का कार्यक्रम धूमधाम से मनाया ग...
27/08/2026

वनवासी कल्याण आश्रम दिल्ली प्रांत द्वारा संचालित शहीद जादोनांग छात्रावास में आज रक्षाबंधन का कार्यक्रम धूमधाम से मनाया गया।

"अत्यंत दु:ख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि श्रद्धेय श्री कामेश्वर नाथ तिवारी (बाबा) जी का आज दिनांक 27.08.2026, दिन बृ...
27/08/2026

"अत्यंत दु:ख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि श्रद्धेय श्री कामेश्वर नाथ तिवारी (बाबा) जी का आज दिनांक 27.08.2026, दिन बृहस्पतिवार सुबह 5:23 बजे को श्री राम वनवासी छात्रावास, केशवपुरम, गोरखनाथ, गोरखपुर में गोलोकगमन हो गया है।
उनका संपूर्ण 50 वर्ष का जीवन समाज सेवा और उच्च आदर्शों के प्रति समर्पित रहा। आप ने बिहार होमिओपैथिक डाक्टर के रुप में कार्य आरंभ किया और पूरे प्रांत में संगठन को खडा किया । पश्चात असम में भी लंबे समय प्रांत सह संगठन मंत्री , संगठन मंत्री के रुप में काम किया ।
उनका प्रभु चरणों में लीन होना हम सभी के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोकाकुल परिवार व शुभचिंतकों को यह अपार दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
ॐ शांति! ॐ शांति! ॐ शांति!
संपर्क सूत्र:
पंकज सिंह (प्रांत संगठन मंत्री)
मो. 9793059393"

🌼🌿 ओणम पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ 🌿🌼प्रकृति की हरियाली, समृद्धि की खुशबू और आपसी प्रेम व भाईचारे का संदेश लेकर आने वाला ...
26/08/2026

🌼🌿 ओणम पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ 🌿🌼

प्रकृति की हरियाली, समृद्धि की खुशबू और आपसी प्रेम व भाईचारे का संदेश लेकर आने वाला ओणम पर्व आप सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए।

राजा महाबली के आदर्शों, समानता और लोककल्याण की भावना से प्रेरित यह पावन पर्व हमारे समाज में प्रेम, सद्भाव और एकता को और मजबूत करे।

आप सभी को ओणम की हार्दिक शुभकामनाएँ! 🌸🌾✨

#ओणम #सद्भाव #समृद्धि #भारतीयसंस्कृति

- वनवासी कल्याण आश्रम दिल्ली प्रान्त महिला कार्य द्वारा  रक्षा सूत्र कार्यक्रम का आयोजन -वनवासी कल्याण आश्रम दिल्ली प्रा...
25/08/2026

- वनवासी कल्याण आश्रम दिल्ली प्रान्त महिला कार्य द्वारा रक्षा सूत्र कार्यक्रम का आयोजन -

वनवासी कल्याण आश्रम दिल्ली प्रान्त महिला कार्य द्वारा आयोजित रक्षा सूत्र कार्यक्रम आज दिनांक 25//08/2026 को ITBP सबोली में मनाया गया जिसमे प्रमुख रूप से असिस्टेंट कमांडेंट श्री मोहन लाल जी एवं श्री नरेंद्र गोसाईं जी की उपस्थिति लगभग 70 जवान भाइयों के साथ रही |
प्रांत महिला कार्य प्रमुख श्रीमती भारती वार्ष्णेय जी , रोहिणी जिला उपाध्यक्ष श्रीमती नीलम जी , एवं शहीद शहीद जादोनांग छात्रावास सचिव श्रीमती ऋतु खत्री जी ने कल्याण आश्रम का साहित्य देकर असिस्टेंट कमांडेंट जी का स्वागत किया । सभी के स्वागत एवं परिचय के बाद भारती जी ने कल्याण आश्रम के बारे में जानकारी दी, तत्पश्चात सभी भाइयों को बहनों ने रखी बांधी और उनके दीर्घायु होने की कामना की ।
संघ की गतिविधि ,'परिवार प्रबोधन' के विभाग के कार्यकर्ता श्री पंकज वार्ष्णेय जी ने मेजर ध्यानचंद जी के विषय में भी सभी को जानकारी दी ।
असिस्टेंट कमांडेंट नरेंद्र जी ने भी अपने कार्य की जानकारी देते हुए कहा कि सभी राष्ट्र प्रथम के भाव से चलने वाले संगठनों के कार्य अति श्रेष्ठ हैं ऐसा बताते हुए सभी बहनों को कार्य करने की प्रेरणा दी और बहनों को प्रतीक चिह्न भेंट किया अंत में सभी ने जलपान का आनंद लिया।
कार्यक्रम में कुल 12 बहनों की उपस्थिति रही|

बालासाहब देशपांडे छात्रावास, सोलन, हिमांचल प्रदेश के परिसर  में वनवासी कल्याण आश्रम हिमांचल प्रांत एवं दिल्ली प्रांत के ...
23/08/2026

बालासाहब देशपांडे छात्रावास, सोलन, हिमांचल प्रदेश के परिसर में वनवासी कल्याण आश्रम हिमांचल प्रांत एवं दिल्ली प्रांत के कार्यकर्ताओं के संयुक्त अभ्यास वर्ग आज सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम के प्रथम सत्र के मुख्यवक्ता अपने कल्याण आश्रम के क्षेत्रीय नगरीयकार्य प्रमुख श्री जय भगवान जी रहे। सत्र की अध्यक्षता वनवासी कल्याण आश्रम हिमांचल प्रांत के अध्यक्ष श्री लछिया राम जी ने की।
द्वितीय एवं अंतिम सत्र में पहली बार वर्ग में आये कार्यकर्ताओं ने अपने वर्ग के अनुभव साझा कियें। हिमांचल प्रांत के अध्यक्ष श्री लछिया राम जी ने सभी कार्यकर्ताओं का वर्ग में आने के लिए आभार व्यक्त किया।
इस सत्र में पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री कृपा प्रसाद जी, अखिल भारतीय सह प्रशासनिक कार्य प्रमुख श्री प्रवीन ढोलके जी, क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्री धनीराम जी ,दिल्ली प्रांत के कोषाध्यक्ष श्री भीम बंसल जी ,दिल्ली प्रांत के संगठन मंत्री श्री आनंद जी, हिमांचल प्रांत के प्रांत संगठन मंत्री श्री राजेंद्र जी दिल्ली प्रांत के सह सचिव श्री कैलाश जी, सह सचिव श्रीमती रश्मि गर्ग जी आदि की विशेष उपस्थिति रही।

बालासाहब देशपांडे छात्रावास, सोलन, हिमांचल प्रदेश के परिसर  में वनवासी कल्याण आश्रम हिमांचल प्रांत एवं दिल्ली प्रांत के ...
22/08/2026

बालासाहब देशपांडे छात्रावास, सोलन, हिमांचल प्रदेश के परिसर में वनवासी कल्याण आश्रम हिमांचल प्रांत एवं दिल्ली प्रांत के कार्यकर्ताओं के संयुक्त अभ्यास वर्ग के द्वितीय दिवस का आरंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं भगवान राम,भारत माता, भगवान बिरसा मुंडा, श्रद्धेय श्री बालासाहब देशपांडे एवं श्रद्धेय जगदेवराम जी के चित्रों पर पुष्पार्चन से आरम्भ हुआ ।
कार्यक्रम के प्रथम सत्र के मुख्यवक्ता अपने कल्याण आश्रम के अखिल भारतीय सह प्रशासनिक कार्य प्रमुख श्री प्रवीण ढोलके जी रहे। सत्र की अध्यक्षता वनवासी कल्याण आश्रम हिमांचल प्रांत के अध्यक्ष श्री लच्छा राम जी ने की। सत्र का संचालन दिल्ली प्रांत के सहसचिव श्री कलेश जोशी जी ने किया।
इस सत्र में पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री कृपा प्रसाद जी एवं क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्री धनीराम जी ,दिल्ली प्रांत के कोषाध्यक्ष श्री भीम बंसल जी ,दिल्ली प्रांत के संगठन मंत्री श्री आनंद जी एवं हिमांचल प्रांत के प्रांत संगठन मंत्री श्री राजेंद्र जी की विशेष उपस्थिति रही।

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