SETU Aayog

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राज्य-विशिष्ट कृषि चुनौतियों के समाधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एग्री स्टार्टअप प्रोग्राम शुरूकृषि नवाचार को मजबू...
31/03/2026

राज्य-विशिष्ट कृषि चुनौतियों के समाधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एग्री स्टार्टअप प्रोग्राम शुरू

कृषि नवाचार को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, सेतु आयोग ने कृषि विभाग, जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गेट्स फाउंडेशन और सोशल अल्फा के साथ मिलकर राज्य में एक महत्वाकांक्षी एग्री स्टार्टअप प्रोग्राम शुरू किया है।

इस पहल का उद्देश्य राज्य-आधारित एग्री स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना है, जो नई तकनीक और नवाचार के जरिए कृषि से जुड़ी स्थानीय समस्याओं का समाधान कर सकें। यह कार्यक्रम किसानों की आय बढ़ाने और टिकाऊ कृषि विकास को मजबूत करने में मदद करेगा।

23 मार्च को इस कार्यक्रम के लिए एक रणनीतिक बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता सेतु आयोग के माननीय उपाध्यक्ष श्री राज शेखर जोशी ने की। इस बैठक में जीबी पंत विश्वविद्यालय के कुलपति श्री मनमोहन सिंह चौहान भी उपस्थित रहे।

श्री राज शेखर जोशी ने बैठक में उत्तराखंड में कृषि और बागवानी में तकनीक के अधिक उपयोग पर जोर दिया गया ताकि उत्पादकता बढ़ाई जाए। श्री चौहान जी ने इस अभियान में पंतनगर विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता जताई।

बैठक में कृषि विभाग के अधिकारी, विशेषज्ञ, शिक्षाविद और अन्य साझेदार संस्थाएं भी शामिल हुईं। चर्चा के दौरान जलवायु परिवर्तन, बाजार तक पहुंच, फसल कटाई के बाद प्रबंधन, संसाधनों का बेहतर उपयोग और वैल्यू चेन विकास जैसे मुद्दों पर ध्यान दिया गया।

साथ ही, स्टार्टअप्स को आगे बढ़ाने के लिए इन्क्यूबेशन, मेंटरशिप, वित्तीय सहायता और नीतिगत सहयोग पर भी जोर दिया गया।

इस कार्यक्रम का लक्ष्य एक ऐसा मजबूत प्लेटफॉर्म बनाना है, जहां स्टार्टअप्स, सरकार, उद्योग और शिक्षा जगत मिलकर काम करें और उपयोगी समाधान विकसित करें। खासतौर पर युवा उद्यमियों, एग्री-टेक इनोवेटर्स और ग्रामीण उद्यमों को इसमें भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

यह पहल कृषि क्षेत्र में नवाचार के जरिए रोजगार बढ़ाने और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी।

यह कार्यक्रम सोशल अल्फा के माध्यम से गेट्स फाउंडेशन द्वारा समर्थित होगा। चयनित स्टार्टअप्स को भारत एग्रो इनोवेशन नेटवर्क के जरिए अन्य राज्यों में भी अपने समाधान लागू करने का अवसर मिलेगा।

Raj S Joshi| Gates Foundation India| G.B. Pant University of Agriculture & Technology, Pantnagar, Uttrakhand| Uttarakhand DIPR

हिमालयन हेल्थकेयर इनोवेशन समिट 2026 (HHIS 2026) का सफल आयोजन 19 मार्च 2026 को देहरादून में किया गया। यह समिट सेतु आयोग, ...
23/03/2026

हिमालयन हेल्थकेयर इनोवेशन समिट 2026 (HHIS 2026) का सफल आयोजन 19 मार्च 2026 को देहरादून में किया गया। यह समिट सेतु आयोग, उत्तराखंड और Veloxx Media के संयुक्त प्रयास से आयोजित हुआ, जिसमें सेतु आयोग ने नीति से जुड़े विषयों और समिट की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इस समिट में नीति-निर्माता, स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञ, शैक्षणिक संस्थान और नए विचारों पर काम करने वाले लोग एक साथ आए। चर्चा का मुख्य फोकस यह रहा कि नीतियों को जमीन पर कैसे उतारा जाए। खास तौर पर स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच, डॉक्टरों और स्टाफ की कमी, डिजिटल हेल्थ, आपदा के समय तैयारी, और पहाड़ी क्षेत्रों में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप जैसे मुद्दों पर विस्तार से बात हुई। इन चर्चाओं के आधार पर सेतु आयोग ने स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए कुछ महत्वपूर्ण प्राथमिकताएँ भी तय कीं।

समिट के उद्घाटन सत्र में उत्तराखंड के माननीय राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पहाड़ी राज्यों के लिए मजबूत, सुलभ और भविष्य के लिए तैयार स्वास्थ्य व्यवस्था बनाना बहुत जरूरी है। उन्होंने खास तौर पर अंतिम छोर तक सेवाएँ पहुँचाने और हिमालयी क्षेत्रों की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए तैयारी पर जोर दिया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और सेतु आयोग से यह भी कहा कि समिट में निकले सुझावों को ठोस और समयबद्ध तरीके से लागू किया जाए।

सेतु आयोग के उपाध्यक्ष श्री राज शेखर जोशी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि हिमालयी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए विभिन्न विभागों और संस्थाओं को मिलकर काम करना होगा। उद्घाटन सत्र में उत्तराखंड सरकार के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की महानिदेशक डॉ. सुनीता तम्टा भी उपस्थित रहीं, जिससे राज्य की स्वास्थ्य सुधार के प्रति प्रतिबद्धता और मजबूत दिखी। समिट में विभिन्न राज्यों और संस्थानों के वरिष्ठ विशेषज्ञों ने भी भाग लिया।

समिट का एक प्रमुख आकर्षण “हिमालयन हेल्थकेयर हीरोज अवॉर्ड्स 2026” रहा, जिसमें दूर-दराज़ और वंचित क्षेत्रों में काम करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित किया गया।

सेतु आयोग के लिए यह समिट एक महत्वपूर्ण कदम रहा, जिसके माध्यम से एक बेहतर, तथ्य आधारित और लागू करने योग्य स्वास्थ्य योजना की दिशा तय की गई। आगे भी सेतु आयोग नए और प्रभावी मॉडल विकसित करने और हिमालयी राज्यों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रयास करता रहेगा, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच और गुणवत्ता में सुधार हो सके।

Raj S Joshi| Lt Gen Gurmit Singh| State Planning Department, Government of Uttarakhand| Uttarakhand DIPR| Veloxx Media

गांव सशक्त, उत्तराखंड सशक्तनकोट, टिहरी में इंटीग्रेटेड स्मार्ट विलेज सेंटर (ISVC) की  स्थापना की गई — जो ग्रामीण क्षेत्र...
20/03/2026

गांव सशक्त, उत्तराखंड सशक्त

नकोट, टिहरी में इंटीग्रेटेड स्मार्ट विलेज सेंटर (ISVC) की स्थापना की गई — जो ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं, आजीविका अवसरों और सरकारी योजनाओं की पहुंच को मजबूत करेगा।

नकोट, टिहरी में इंटीग्रेटेड स्मार्ट विलेज सेंटर (ISVC) की शुरुआत उत्तराखंड में ग्रामीण विकास को ज़मीन पर उतारने की दिशा में एक अहम कदम है। इसे Rallis India Limited के सहयोग से और Aarti Foundation (IIT रुड़की) के तकनीकी सहयोग से विकसित किया गया है। यह एक ऐसा मॉडल है जो तकनीक और विभिन्न विभागों के तालमेल के साथ गांवों में सेवाएं पहुंचाने का काम करता है।

यह केंद्र लोगों तक सीधे सेवाएं पहुंचाने, उन्हें सक्षम बनाने और जोड़ने के लिए बनाया गया है:
1) घर के पास डिजिटल सरकारी सेवाएं
2) रोजगार, कौशल विकास और उद्यमिता के अवसर
3) सरकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ तक पहुंच
4) समुदाय और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल का मंच

पहाड़ी राज्यों के संदर्भ में ऐसे मॉडल बहुत जरूरी हैं, क्योंकि ये:
➡ अंतिम छोर तक सेवाएं पहुंचाते हैं
➡ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बनाते हैं
➡ मजबूरी में होने वाले पलायन को कम करते हैं
➡ पंचायत संस्थाओं को मजबूत बनाते हैं

SETU Aayog के माननीय उपाध्यक्ष श्री राजशेखर जोशी ने कहा कि ISVC को सिर्फ एक इमारत के रूप में नहीं, बल्कि एक ऐसे प्लेटफॉर्म के रूप में देखना चाहिए जो गांवों में शासन, सेवाएं, कौशल और रोजगार को एक साथ लाता है। उन्होंने बताया कि तकनीक और बेहतर तालमेल के जरिए यह मॉडल अंतिम छोर तक सेवाओं की कमी को पूरा कर सकता है और लोगों को अपने ही क्षेत्र में अवसर उपलब्ध करा सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड जैसे कठिन भौगोलिक राज्य में स्थानीय स्तर पर, तकनीक आधारित और समुदाय की भागीदारी वाले मॉडल बहुत जरूरी हैं, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करें, सेवाओं तक पहुंच बढ़ाएं और पलायन जैसी समस्याओं को कम करें। साथ ही, उन्होंने विभिन्न विभागों, निजी क्षेत्र और सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर इस मॉडल को मिशन मोड में आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

2026 तक 16 ISVC केंद्र शुरू करने के लक्ष्य के साथ, यह पहल उत्तराखंड में समावेशी, टिकाऊ और मजबूत ग्रामीण विकास का एक सफल और बड़े स्तर पर लागू होने वाला मॉडल बन सकती है।

Raj S Joshi| Rallis India Ltd.| AARTI - Automotive and Allied Research and Technology Innovations | State Planning Department, Government of Uttarakhand| Uttarakhand DIPR
#ग्रामीणविकास #डिजिटलसेवाएं #स्मार्टविलेज #उत्तराखंड

डायलॉग से एक्शन तक: स्वच्छ और जीरो-वेस्ट उत्तराखंड की दिशा में एक कदमSETU Aayog, शहरी विकास विभाग, उत्तराखंड सरकार के सा...
18/03/2026

डायलॉग से एक्शन तक: स्वच्छ और जीरो-वेस्ट उत्तराखंड की दिशा में एक कदम
SETU Aayog, शहरी विकास विभाग, उत्तराखंड सरकार के साथ मिलकर स्वच्छ उत्तराखंड मिशन (2026–2030) तैयार कर रहा है। इसका लक्ष्य है—जीरो लैंडफिल, ग्रीन जॉब्स और “वेस्ट टू वेल्थ” को बढ़ावा देना।

देहरादून में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में देशभर से, खासकर हिमालयी राज्यों के विशेषज्ञ शामिल हुए। सभी का एक ही संदेश था—
समाधान की कमी नहीं है, ज़रूरत है सही तरीके से लागू करने की।
माननीय उपाध्यक्ष श्री राजशेखर जोशी ने कचरा प्रबंधन के चार अहम स्तंभ बताए:
राज्य सरकार | स्थानीय निकाय (ULBs & PRIs) | निजी क्षेत्र | नागरिक समाज
उन्होंने यह भी कहा कि टेक्नोलॉजी का सही इस्तेमाल—जैसे डिजिटल सिस्टम और डेटा आधारित निर्णय—बेहतर योजना, संसाधनों के प्रबंधन और सेवाओं को मजबूत बना सकता है।

इस चर्चा से कुछ अहम बातें सामने आईं:
* कचरे से कमाई और रोजगार (वेस्ट टू वेल्थ)
* टेक्नोलॉजी आधारित समाधान (GPS, IoT, ट्रैकिंग सिस्टम)
* पहाड़ी क्षेत्रों की चुनौतियाँ और उनके समाधान
* गांव और छोटे शहरों के लिए स्थानीय स्तर के मॉडल
* सफाई कर्मियों को “Environment Warriors” के रूप में सम्मान

आगे का रास्ता:
* जीरो लैंडफिल की ओर बढ़ना
* घर-घर कचरा अलग करना
* स्थानीय निकायों को आत्मनिर्भर बनाना
* PPP मॉडल और निजी भागीदारी बढ़ाना
* समाज और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी
यह पहल एक स्वच्छ, मजबूत और टिकाऊ उत्तराखंड बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Raj S Joshi| Uttarakhand DIPR| State Planning Department, Government of Uttarakhand| Waste Warriors| Recykal| Healing Himalayas Foundation| Him village Eprahari | Feedback Foundation

#स्वच्छउत्तराखंड

तिवालड़ी ग्राम पंचायत, सहसपुर ब्लॉक, देहरादून में इंटीग्रेटेड स्मार्ट विलेज सेंटर (ISVC) की स्थापनादेहरादून, उत्तराखंड |...
11/03/2026

तिवालड़ी ग्राम पंचायत, सहसपुर ब्लॉक, देहरादून में इंटीग्रेटेड स्मार्ट विलेज सेंटर (ISVC) की स्थापना
देहरादून, उत्तराखंड | 10 मार्च 2026

सेतु आयोग, उत्तराखंड के सहयोग से 10 मार्च 2026 को देहरादून जिले के सहसपुर ब्लॉक की तिवालड़ी ग्राम पंचायत में इंटीग्रेटेड स्मार्ट विलेज सेंटर (ISVC) की स्थापना की गई और इसे शुरू किया गया।

ISVC को एक तकनीक आधारित मंच के रूप में बनाया गया है, जिसका उद्देश्य गांव के लोगों को डिजिटल सेवाओं, सरकारी योजनाओं, आजीविका के अवसरों और विकास से जुड़ी सुविधाओं तक आसान पहुँच दिलाना है। यह केंद्र एक सुविधा केंद्र के रूप में काम करेगा, जहाँ लोगों को बेहतर आजीविका के लिए नई तकनीकों की जानकारी, ऑनलाइन सरकारी सेवाओं तक डिजिटल पहुँच, सरकारी योजनाओं और अधिकारों की जानकारी, कौशल विकास और रोजगार/आजीविका मार्गदर्शन, शिक्षा और डिजिटल साक्षरता में सहायता, तथा समुदाय और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय जैसी सेवाएँ मिलेंगी।

सहसपुर ब्लॉक की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए, जहाँ दून घाटी के आसपास कृषि, बागवानी और छोटे ग्रामीण उद्यम लोगों की आजीविका का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, कार्यक्रम के दौरान कुछ विशेष प्रशिक्षण भी आयोजित किए गए। क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (QCI) द्वारा ग्राम पंचायत के निर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए एक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया, जिसमें स्वच्छ भारत मिशन के बेहतर क्रियान्वयन, गुणवत्ता मानकों और पंचायत स्तर पर अच्छे शासन को मजबूत करने पर चर्चा की गई।

इसके अलावा, हिमसुरभि, मसूरी की श्रीमती ज्योति मरवाह द्वारा “फ्रेगरेंस एंड फ्लेवर्स तथा आजीविका उत्पाद विकास” विषय पर प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य स्थानीय कृषि और प्राकृतिक उत्पादों में मूल्य बढ़ाना और स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देना था। इससे विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं को हर्बल, सुगंधित और प्राकृतिक उत्पादों से जुड़े छोटे व्यवसाय शुरू करने के अवसर मिल सकते हैं।

यह पहल पंचायती राज विभाग के सहयोग से, आईआईटी रुड़की के तकनीकी सहयोग, रालिस इंडिया के वित्तीय समर्थन और काया लर्निंग सेंटर के कार्यान्वयन सहयोग के साथ की जा रही है।

इस अवसर पर सेतु आयोग के माननीय उपाध्यक्ष श्री राजशेखर जोशी ने कहा कि ISVC जैसे केंद्र गांवों में ऐसे विकास केंद्र बन सकते हैं जहाँ तकनीक, सुशासन और आजीविका के अवसर एक साथ जुड़कर ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाओं की पहुँच और स्थानीय आर्थिक अवसरों को मजबूत करते हैं।

Raj S Joshi| State Planning Department, Government of Uttarakhand| Uttarakhand DIPR| IIT Roorkee| Quality Council of India| Rallis India Ltd.| Kaaya Learning Centre

11/03/2026

Raj Shekhar Joshi on Digital Health, Policy & Himalayan Healthcare | Veloxx Media x OHO Radio

How can technology, policy innovation and digital governance transform healthcare systems in Himalayan regions?

In this episode of Healthcare Innovation Dialogues, RJ Kavya speaks with Shri Raj Shekhar Joshi, Vice Chairman of SETU Aayog Uttarakhand - the Government of Uttarakhand’s policy think tank, modelled on the lines of NITI Aayog, working on governance reforms, development strategy and technology-led transformation in the state.

An alumnus of IIT Roorkee (Computer Science), Raj Shekhar Joshi brings 35+ years of leadership experience across India and abroad, having held senior roles such as President, CEO and Director with organisations including Tata, Aditya Birla Group, Reliance and Macmillan.

With extensive experience in public policy, digital transformation and technology-driven governance, he now contributes to shaping policy discussions around innovation, governance reform and development in Uttarakhand.

In this conversation, he shares perspectives on how digital technologies, diagnostics innovation, telemedicine and policy ex*****on can strengthen healthcare systems across difficult Himalayan geographies.

This episode explores:

• Strengthening healthcare systems in Himalayan and hill states
• Role of technology, AI and digital diagnostics in rural healthcare access
• Healthcare delivery challenges in mountain geographies
• Strengthening primary healthcare systems in villages
• Attracting healthcare professionals to remote districts
• Governance reforms and policy innovation in healthcare
• A long-term vision for India’s healthcare systems by 2047

Raj Shekhar Joshi is also associated with several institutions and organisations, serving as Director or Trustee at Ritam Digital Foundation, Suryodaya Foundation and Pragyan Foundation, and as a member of the Advisory Committee of Pune University. He has earlier been a special invitee to the Technology Advisory Group of the Union Cabinet and has contributed to national committees related to technology and education policy.

He regularly writes and contributes to national policy conversations through platforms such as The Economic Times and industry forums including CII.

This episode is part of the build-up to the Himalayan Healthcare Innovation Summit (HHIS 2026) organised by Veloxx Media on 19 March 2026 in Dehradun - a platform examining healthcare delivery, policy ex*****on, digital health and innovation across Himalayan and hill states.

Select conversations in this series are recorded in collaboration with RJ Kavya and ‪‬, widely regarded as the “Voice of the Hills”, amplifying discussions on Himalayan healthcare systems, mountain-ready health infrastructure and healthcare innovation.

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Healthcare Innovation Dialogues

Healthcare Innovation Dialogues is a thought-leadership podcast by Veloxx Media focused on healthcare systems, public health policy, digital health, medical technology and real-world healthcare innovation.

Through conversations with policymakers, doctors, frontline health workers and healthcare leaders, the series explores rural healthcare delivery, telemedicine, AI in healthcare, workforce challenges and health system transformation.

The series amplifies voices shaping resilient and accessible healthcare systems across the Himalayas and beyond.

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इस एपिसोड में Healthcare Innovation Dialogues के तहत RJ Kavya बातचीत कर रहे हैं श्री राज शेखर जोशी, Vice Chairman – SETU Aayog Uttarakhand से।

SETU Aayog उत्तराखंड सरकार का पॉलिसी थिंक टैंक है, जो NITI Aayog की तरह राज्य में विकास रणनीति, नीति सुधार और डिजिटल गवर्नेंस से जुड़े कार्यों पर काम करता है।

IIT Roorkee से Computer Science में शिक्षित राज शेखर जोशी को 35+ वर्षों का नेतृत्व अनुभव है। उन्होंने Tata, Aditya Birla, Reliance और Macmillan जैसे संगठनों में President, CEO और Director जैसे पदों पर कार्य किया है।

इस बातचीत में चर्चा होती है:

• पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की चुनौतियाँ
• ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल हेल्थ और तकनीक की भूमिका
• टेलीमेडिसिन और डायग्नोस्टिक्स
• दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना
• नीति और प्रशासन के स्तर पर स्वास्थ्य सुधार

यह एपिसोड Himalayan Healthcare Innovation Summit (HHIS 2026) की श्रृंखला का हिस्सा है, जो 19 मार्च 2026 को देहरादून में आयोजित होगा।

यह बातचीत RJ Kavya और OHO Radio (Voice of the Hills) के सहयोग से रिकॉर्ड की गई है।














सेतु आयोग के माननीय उपाध्यक्ष श्री राज शेखर जोशी जी ने जनपद चंपावत के ग्राम खुतेली (खेतीखान क्षेत्र) का क्षेत्रीय दौरा क...
02/03/2026

सेतु आयोग के माननीय उपाध्यक्ष श्री राज शेखर जोशी जी ने जनपद चंपावत के ग्राम खुतेली (खेतीखान क्षेत्र) का क्षेत्रीय दौरा किया। यह दौरा कृषि विभाग, सोशल अल्फा और गेट्स फाउंडेशन के सहयोग से चल रहे कृषि पुनर्जीवन कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा के लिए किया गया। इस अवसर पर डॉ. भावना शिंदे और श्री गिरिजा शंकर भी उपस्थित रहे और किसानों से विस्तृत संवाद किया।

कृषक गोष्ठी में 100 से अधिक किसानों, जिनमें बड़ी संख्या में महिला किसान शामिल थीं, ने अपनी समस्याएँ साझा कीं। इनमें जंगली जानवरों का खतरा, कीट व रोग प्रकोप, मिट्टी की घटती उर्वरता और कृषि मशीनों की कमी प्रमुख थीं।
किसानों ने फसल सुरक्षा समाधान के शुरुआती परिणामों पर संतोष व्यक्त किया। उनके अनुसार, अब जंगली जानवरों के हमले के कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिख रहे हैं और फसल में टिलरिंग (नई शाखाओं की वृद्धि) बढ़ी है। हल्की और महिला-अनुकूल कृषि मशीनों का प्रदर्शन भी किया गया, जिन्हें महिलाओं ने स्वयं चलाकर दिखाया।

साथ ही, कोल्ड स्टोरेज-कम-ड्रायर यूनिट की आधारशिला रखी गई। भविष्य में सेतु आयोग और कृषि विभाग इन नवाचारों को पूरे राज्य में विस्तार देने का लक्ष्य रखते हैं, ताकि उत्तराखंड में टिकाऊ और सशक्त कृषि विकास सुनिश्चित किया जा सके।

Raj S Joshi| State Planning Department, Government of Uttarakhand| Uttarakhand DIPR| Gates Foundation India|

कनवाड़ ग्राम पंचायत, पाटी ब्लॉक, चम्पावत में इंटीग्रेटेड स्मार्ट विलेज सेंटर (ISVC) स्थापितचम्पावत, उत्तराखंड | 25 फरवरी...
02/03/2026

कनवाड़ ग्राम पंचायत, पाटी ब्लॉक, चम्पावत में इंटीग्रेटेड स्मार्ट विलेज सेंटर (ISVC) स्थापित
चम्पावत, उत्तराखंड | 25 फरवरी 2026

25 फरवरी 2026 को SETU Aayog ने पंचायती राज विभाग और Aarti Foundation के सहयोग से तथा Ralis के वित्तीय सहयोग से चम्पावत की पहाड़ियों में स्थित कनवाड़ ग्राम पंचायत में इंटीग्रेटेड स्मार्ट विलेज सेंटर (ISVC) की स्थापना की।

यह सेंटर एक तकनीक-आधारित “कन्वर्जेंस प्लेटफॉर्म” के रूप में तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य गांव के लोगों को डिजिटल सेवाओं, सरकारी योजनाओं, रोजगार के अवसरों और अन्य विकास संसाधनों तक आसान पहुंच उपलब्ध कराना है। यह ग्राम स्तर पर एक सुविधा केंद्र के रूप में काम करेगा, जहां शासन व्यवस्था, तकनीक और समुदाय मिलकर कार्य करेंगे।

कनवाड़ में आयोजित कार्यक्रम में माननीय उपाध्यक्ष, SETU आयोग, श्री राज शेखर जोशी ने कहा:
“ISVC पहल के माध्यम से हम एक ऐसा मॉडल शुरू कर रहे हैं जो शासन, तकनीक और समुदाय की भागीदारी को एक साथ जोड़ता है। मेरा मानना है कि यह केंद्र केवल एक भवन या सुविधा नहीं है, बल्कि ग्राम पंचायत स्तर पर तकनीक आधारित और विकेन्द्रीकृत सेवा व्यवस्था को संस्थागत रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”

उन्होंने पंचायती राज विभाग, Ralis और आरती फाउंडेशन (IIT रुड़की) के सहयोग की सराहना की और ग्राम प्रधान, समुदाय के सदस्यों तथा SRLM प्रतिनिधियों से अपील की कि वे इस केंद्र के सफल संचालन में सक्रिय भूमिका निभाएं।
सेंटर पर उपलब्ध प्रमुख सेवाएं:
• आजीविका सुधार के लिए तकनीकी जानकारी और मार्गदर्शन
• डिजिटल सेवाएं और ऑनलाइन सरकारी सुविधाएं
• सरकारी योजनाओं और अधिकारों की जानकारी व सहायता
• कौशल विकास और रोजगार मार्गदर्शन
• बच्चों और युवाओं के लिए शैक्षणिक एवं डिजिटल साक्षरता सहयोग
• समुदाय और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय

ISVC मॉडल का उद्देश्य गांवों में डिजिटल दूरी को कम करना और अंतिम छोर तक सेवाएं पहुंचाना है, जिससे पंचायती राज संस्थाओं को तकनीक से जोड़ा जा सके।

रणनीतिक रूप से यह पहल गांव के सामाजिक और आर्थिक विकास को गति देने वाली है। बेहतर सेवा पहुंच, कौशल आधारित आजीविका और मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था के माध्यम से यह केंद्र आय बढ़ाने, स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देने और दूरस्थ क्षेत्रों से पलायन कम करने में सहायक होगा।

ग्राम पंचायत स्तर पर तकनीक आधारित इस संरचित सुविधा मंच की स्थापना यह दिखाती है कि सही समन्वय और डिजिटल शासन के माध्यम से ग्रामीण परिवर्तन को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकता है। यह मॉडल उत्तराखंड के अन्य क्षेत्रों में भी दोहराया जा सकने वाला एक मजबूत उदाहरण प्रस्तुत करता है।

Raj S Joshi| Rallis India Ltd.| State Planning Department, Government of Uttarakhand| Uttarakhand DIPR| Department of Panchayati Raj, Uttarakhand| AARTI - Automotive and Allied Research and Technology Innovations

24 फरवरी 2026 को पंचायत घर, नौधा (कोटाबाग ब्लॉक), नैनीताल में स्मार्टपुर सेंटर का शुभारंभनैनीताल, उत्तराखंड | 24 फरवरी 2...
27/02/2026

24 फरवरी 2026 को पंचायत घर, नौधा (कोटाबाग ब्लॉक), नैनीताल में स्मार्टपुर सेंटर का शुभारंभ
नैनीताल, उत्तराखंड | 24 फरवरी 2026

नौधा ग्राम पंचायत में स्मार्टपुर सेंटर का शुभारंभ किया गया। यह पहल Nokia CSR के सहयोग से तथा REACHA द्वारा संचालित की जा रही है। इसे SETU Aayog के इंटीग्रेटेड स्मार्ट विलेज सेंटर (ISVC) मॉडल से जोड़ा गया है। यह पहल पंचायती राज विभाग, उत्तराखंड सरकार और Uttarakhand State Rural Livelihoods Mission (UKSRLM) के सहयोग से संचालित की जा रही है।

यह सेंटर गांव स्तर पर एक सुविधा एवं अभिसरण (कन्वर्जेन्स) केंद्र के रूप में कार्य करेगा, जहां नागरिकों को डिजिटल सेवाएं, आजीविका के अवसर तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ एक ही मंच पर उपलब्ध होंगे।

मुख्य उद्देश्य:
* डिजिटल पहुंच और डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देना
* रोजगार और कौशल विकास को प्रोत्साहित करना
* बैंकिंग और सरकारी योजनाओं तक आसान पहुंच सुनिश्चित करना
* बच्चों और युवाओं को शैक्षणिक सहयोग प्रदान करना
* गांव स्तर पर शासन व्यवस्था को मजबूत बनाना

यह पहल ग्राम पंचायत नौधा, REACHA, SETU आयोग और Nokia के संयुक्त सहयोग का परिणाम है।

रणनीतिक दृष्टि से, स्मार्टपुर सेंटर गांव के सामाजिक-आर्थिक विकास का उत्प्रेरक (कैटलिस्ट) सिद्ध होगा। यह अंतिम छोर तक डिजिटल कनेक्टिविटी मजबूत करेगा, लोगों को सरकारी अधिकारों और योजनाओं तक पहुंच आसान बनाएगा तथा कौशल आधारित रोजगार के अवसर सृजित करेगा। इससे ग्रामीण सेवा की कमी दूर होगी, आय के स्रोत बढ़ेंगे और स्थानीय शासन अधिक प्रभावी बनेगा।

REACHA की वर्ष 2026 में उत्तराखंड में 14 स्मार्टपुर सेंटर स्थापित करने की योजना है। इन केंद्रों को ISVC ढांचे से एकीकृत करने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यह पहल एक मानकीकृत और सुव्यवस्थित मॉडल के तहत संचालित हो। इससे राज्य की अन्य दूरस्थ ग्राम पंचायतों में भी इस मॉडल का सुनियोजित विस्तार और पुनरावृत्ति संभव होगी।

माननीय उपाध्यक्ष श्री राज शेखर जोशी ने इस अभिसरण मॉडल को CSR निधियों के प्रभावी उपयोग का उदाहरण बताया, जो नवाचार, स्थायित्व और दीर्घकालिक विकास प्रभाव को गति देता है। यह सेंटर विशेष रूप से युवाओं, महिलाओं और वंचित परिवारों के लिए लाभकारी होगा तथा आसपास की ग्राम पंचायतों के लिए सामाजिक-आर्थिक विकास का केंद्र बनेगा।

Raj S Joshi| State Planning Department, Government of Uttarakhand| Uttarakhand DIPR| REACHA|

नैनीताल में मल्टी-पार्टनर स्किल सेंटर ने बनाया नया उदाहरण – कुमाऊँ विश्वविद्यालय में प्लेसमेंट से जुड़ा पहला हॉस्पिटैलिट...
26/02/2026

नैनीताल में मल्टी-पार्टनर स्किल सेंटर ने बनाया नया उदाहरण – कुमाऊँ विश्वविद्यालय में प्लेसमेंट से जुड़ा पहला हॉस्पिटैलिटी बैच सफलतापूर्वक पूरा नैनीताल, उत्तराखंड | फरवरी 2026

नैनीताल में एक अनोखी स्किल पहल ने उत्तराखंड में उद्योग-आधारित प्रशिक्षण का नया मानक स्थापित किया है। SETU Aayog ने प्रशिक्षण सहयोगी Tata STRIVE, Kumaun University, Taj Hotel, Uttarakhand Skill Development Mission और उच्च शिक्षा विभाग के साथ मिलकर पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में प्लेसमेंट से जुड़ा शॉर्ट-टर्म स्किल कोर्स शुरू किया है।

यह मॉडल खास इसलिए है क्योंकि यह विश्वविद्यालय परिसर के भीतर चल रहा एक इंडस्ट्री द्वारा संचालित और सरकार समर्थित प्रशिक्षण केंद्र है। इसमें विश्वविद्यालय, उद्योग और सरकार मिलकर युवाओं को कौशल और रोजगार से जोड़ रहे हैं।

पहला बैच सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है और 100% विद्यार्थियों को प्रतिष्ठित होटल एवं हॉस्पिटैलिटी संस्थानों में नौकरी मिली है। कुछ छात्रों ने अपना व्यवसाय शुरू करने और आगे पढ़ाई करने का विकल्प भी चुना।

इस प्रशिक्षण में इंडस्ट्री की जरूरत के अनुसार पाठ्यक्रम, व्यावहारिक प्रशिक्षण और सॉफ्ट स्किल्स पर विशेष ध्यान दिया गया, ताकि युवा सीधे नौकरी के लिए तैयार हो सकें और लंबे समय तक रोजगार में टिक सकें।

यह पहल सिर्फ नौकरी तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। अपने ही क्षेत्र में युवाओं को रोजगार योग्य बनाकर यह कार्यक्रम आय बढ़ाने, मजबूरी में होने वाले पलायन को कम करने और उत्तराखंड के पर्यटन क्षेत्र को मजबूत करने में मदद कर रहा है।

पहले बैच के समापन और नए बैच के ओरिएंटेशन कार्यक्रम में माननीय उपाध्यक्ष श्री राज शेखर जोशी ने कहा कि SETU आयोग ऐसे नवाचार और साझेदारी आधारित मॉडलों को राज्यभर में आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि इस तरह के उद्योग-नेतृत्व और सरकार-समर्थित मॉडल भविष्य में राज्य की स्किल नीति को नई दिशा दे सकते हैं।

कुमाऊँ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डी.एस. रावत ने भी कहा कि पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में अपार संभावनाएँ हैं और विश्वविद्यालय परिसर में इस तरह का स्किल सेंटर होना गर्व की बात है।
IHCL के CSR निदेशक श्री संदीप गोरे ने भी टाटा समूह की ओर से उच्च गुणवत्ता वाले प्रशिक्षण और बेहतर प्लेसमेंट के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

नए बैच के विद्यार्थी इस महीने से प्रशिक्षण शुरू कर रहे हैं। यह पहल उत्तराखंड के युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रही है।

Raj S Joshi| Uttarakhand DIPR| State Planning Department, Government of Uttarakhand| Kumaun University, Nainital|

द्वितीय सड़क सुरक्षा हेतु ऑटोमोटिव फ्यूचर एडवांसमेंट शिखर सम्मेलन (SAFAR) में, SETU Aayog उत्तराखंड के उपाध्यक्ष श्री रा...
25/02/2026

द्वितीय सड़क सुरक्षा हेतु ऑटोमोटिव फ्यूचर एडवांसमेंट शिखर सम्मेलन (SAFAR) में, SETU Aayog उत्तराखंड के उपाध्यक्ष श्री राज शेखर जोशी ने मुख्य अतिथि की तरह शामिल हुए और उन्होंने वक्तव्य देते हुए सड़क सुरक्षा को मिशन आधारित शासन और विभिन्न क्षेत्रों के सहयोग के माध्यम से नए दृष्टिकोण से देखने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने कहा,
“यदि हम सड़क सुरक्षा को देखें तो स्थिति निराशाजनक है, लेकिन यह एक अवसर भी है। यह एक ऐसी चुनौती है जो लोगों के जीवन और अर्थव्यवस्था दोनों को प्रभावित करती है, इसलिए इसके समाधान के लिए मिशन आधारित दृष्टिकोण जरूरी है। सरकार अकेले सब कुछ नहीं कर सकती; सरकार, उद्योग और अन्य हितधारकों के बीच सहयोग अनिवार्य है। ‘समग्र शासन’ की आवश्यकता है, जिसमें पुलिस, स्वास्थ्य तंत्र और अन्य संस्थान मिलकर कार्य करें। हमें प्रोत्साहन और व्यवहार परिवर्तन पर भी ध्यान देना होगा—लोग नियमों का पालन क्यों करें, इसमें उनके लिए क्या लाभ है। तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता सड़क दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान करने, आपात प्रतिक्रिया तंत्र को बेहतर बनाने और निर्णय प्रक्रिया को सशक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।”

SETU Aayog उत्तराखंड में और उससे आगे सुरक्षित, स्मार्ट और सतत गतिशीलता तंत्र को बढ़ावा देने के लिए नवाचार आधारित और सहयोगात्मक ढांचे को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

Raj S Joshi| SIAM India| State Planning Department, Government of Uttarakhand| Uttarakhand DIPR

16/02/2026

निति आयोग के राज्य समर्थन मिशन (SSM) के क्षेत्रीय संवाद में सेतु आयोग की सहभागिता

माननीय उपाध्यक्ष, श्री राजशेखर जोशी, सेतु आयोग, उत्तराखण्ड सरकार, ने 3 फरवरी 2026 को अगरतला, त्रिपुरा में आयोजित निति आयोग के राज्य समर्थन मिशन (SSM) के तृतीय क्षेत्रीय संवाद में सहभागिता की।

उन्होंने “राज्य परिवर्तन संस्थानों की भूमिका” विषय पर आयोजित पैनल चर्चा की अध्यक्षता की।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि:
✔ विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में राज्यों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है
✔ मजबूत राज्य संस्थान ही नीति को जमीन तक पहुँचाते हैं
✔ डेटा आधारित निर्णय और परिणाम आधारित निगरानी समय की आवश्यकता है
✔ सहयोगात्मक संघवाद ही सतत विकास का आधार है

“सिर्फ योजनाएँ से बदलाव नहीं आता। असली परिवर्तन तब होता है जब संस्थाएँ दूर की सोच रखती हैं, मिलकर काम करती हैं और अपने काम के नतीजों को सही तरह से मापती हैं।

राज्य परिवर्तन संस्थानों को एक मजबूत रणनीतिक इंजन की तरह काम करना चाहिए, जो नीति, डेटा और साझेदारियों को जोड़कर ज़मीन पर दिखाई देने वाला बदलाव लाए।

विकसित भारत @2047 का निर्माण हर राज्य की मजबूती से होगा। सशक्त राज्य कोई विकल्प नहीं हैं, बल्कि मजबूत भारत की असली नींव हैं।”
सेतु आयोग के अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि किस प्रकार उत्तराखण्ड राज्य-विशिष्ट विकास मॉडल के माध्यम से राष्ट्रीय लक्ष्यों की दिशा में अग्रसर है।

यह संवाद राज्यों के बीच अनुभव साझा करने और संस्थागत क्षमता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा।

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Raj S Joshi| State Planning Department, Government of Uttarakhand| Uttarakhand DIPR

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