28/04/2026
वाह रे उत्तराखंड पुलिस, जनता को मूर्ख समझा हुआ क्या?
कल जिस रोमियो लेन बार में पुलिस ने देर रात छापा मारा और ये बात सामने आई की आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप(I.P.S.) की मौजूदगी के कारण पुलिस ने उस समय बार पर कोई कार्यवाही नहीं की। जैसे ही ये खबर अखबारों और इंटरनेट पर सुर्ख़ियों में आई, उत्तराखंड पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे। सूत्रों ने यहाँ तक बताया कि आईजी गढ़वाल ने एसपी सिटी को फटकार लगाकर वहाँ से भेज दिया तब तो मानो उत्तराखंड की जनता में आक्रोश पैदा हो गया और सोशल मीडिया पर जम कर आईजी गढ़वाल को जनता ने आड़े हाथों लिया। मामले ने तूल पकड़ा तो आनन फ़ानन में इस प्रकरण पर उत्तराखंड पुलिस द्वारा जाँच शुरू की गई और बार पर कार्यवाही की बात करते हुए अंत में उत्तराखंड पुलिस ने कहा की आईजी गढ़वाल वहाँ डिनर के लिए गए थे और उनके द्वारा पुलिस कार्यवाही में किसी भी तरह का कोई भी दखल नहीं दिया गया। जैसे ही पुलिस की तरफ़ से ये सफ़ाई सामने आई तो लोगों ने कहा कि बार का cctv footage पब्लिक डोमेन में डाल दो, सब दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा ।
अब सवाल ये है की क्या उत्तराखंड पुलिस इस मामले में लीपापोती कर रही है या अपने ही अधिकारी को बचाने के लिए झूठे बयानों का सहारा लिया जा रहा है?
पुलिस की कार्यशैली पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं, कानून सिर्फ आम जनता के लिए है, अधिकारी, नेता, मंत्री जब चाहे जैसे चाहे कानून से खिलवाड़ कर सकते हैं।