10/11/2021
दिनांक 10 नवंबर 2021
"उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं IIRS(ISRO) के मध्य समझौता ज्ञापन "
उत्तराखंड राज्य की आपदाओं के प्रति संवेदनशीलता के दृष्टिगत एवं सुदूर तकनीकी के आपदा के क्षेत्र में महत्व को देखते हुए दिनांक 10 नवंबर 2021 को राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग उत्तराखंड सरकार तथा IIRS(ISRO) भारत सरकार के मध्य दो विषयों पर समझौता ज्ञापन (MOU) हुए।
1. आपदा जोखिम प्रबंधन के लिए भूस्थानिक प्रौद्योगिकी के उपयोग पर सहयोग। प्रथम समझौता ज्ञापन के अंतर्गत भारतीय सुदूर संस्थान देहरादून द्वारा USDMA को अंतरिक्ष तथा भौगोलिक सूचना प्रणाली के अंतर्गत होने वाले सतत विकास से अवगत करवाते हुए समय समय पर विभिन्न विभागों एवं आपदा प्रबंधन क्षेत्र में कार्य कर रहे विभिन्न विशेषज्ञों को प्रशिक्षित किया जायेगा। इसके अतिरिक्त राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के द्वारा पूर्व में तैयार किये गए भौगोलिक सूचना प्रणाली पर आधारित उत्पाद पर भी प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे आपदा पूर्व तैयारी के कार्यों में दक्षता हासिल होगी।
2. उत्तराखंड में उपग्रह आधारित पर्वतीय खतरे का आंकलन एवं निगरानी। द्वितीय समझौता ज्ञापन के अंतर्गत राज्य के हिमालयी क्षेत्रों में अवस्थित ग्लेशियर, अवलांच, भूस्खलन इत्यादि खतरों की satellite के माध्यम से सतत निगरानी की जाएगी तथा संभावित खतरों से राज्य को समय पूर्व सूचना प्रदान की जाएगी।
समझौता ज्ञापन कार्यक्रम के दौरान श्री एस ए मुरुगेसन,सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग ने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में सुदूरवर्ती तकनीकी के महत्व पर बल देते हुए विगत में हुई आपदाओं के दौरान इस तकनीकी की मदद से आपदा पूर्व तैयारी में मिले सहयोग के बारे में बताया। साथ ही इस तकनीकी के माध्यम से आपदा जोखिम न्यूनीकरण में किस प्रकार विभाग को सहयोग मिला है इससे विशेषज्ञों को परिचित कराया।
MOU के दौरान डॉ आनंद श्रीवास्तव, अपर सचिव आपदा प्रबंधन विभाग,श्री जितेंदर सोनकर, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी, USDMA, डॉ एस के श्रीवास्तव,डीन IIRS, डॉ अरिजीत रॉय, विभागध्यक्ष डिसास्टर मैनेजमेंट IIRS, डॉ हरिशंकर, IIRS,, डॉ आर ऐस चाटर्जी IIRS,डॉ गिरिश जोशी, वरिष्ठ परामर्शदाता, डॉ पियूष रौतेला, श्री राहुल जुगरान एवं USDMA के अन्य सदस्यों ने कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।