25/05/2026
अख़बारों की कतरनों में एक पुरानी खबर मिली, ये खबर करीब 1997 के आस-पास की है, जब राज्य बनने की ख़बरें आने लगी थी, 15 अगस्त 1996 को तत्कालीन प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा ने लालकिले से उत्तराखंड राज्य बनाने की घोषणा कर दी थी l तब ये चर्चा चलती थी कि राज्य में सरकार चुनी जाने तक उत्तराखंड का कार्यवाहक मुख्यमंत्री कौन बनेगा ? उस समय उत्तराखंड में सबसे बड़ा नाम काशी सिंह ऐरी का नाम सामने आया जिसे उत्तराखंड का कार्यवाहक मुख्यमंत्री बनाने की चर्चा होने लगी l
काशी दा को दिल्ली से भाजपा-काँग्रेस और अन्य पार्टियों के देश के बड़े-बड़े नेताओं ने संपर्क करके कहा कि हमारी पार्टी से जुड़ जाओ आपको उत्तराखंड का मुख्यमंत्री बना दिया जायेगा I ये भी सुनने में आता है कि अटल बिहारी बाजपेयी ने अपनी पार्टी के बड़े नेताओं को भेजकर काशी सिंह ऐरी को भाजपा में शामिल होकर मुख्यमंत्री बनाने की बात कही थी I
काशी दा ने सबको साफ़ मना कर दिया कि वो उत्तराखंड क्रांति दल के साथ थे, हैं और रहेंगे और एक मजबूत क्षेत्रीय दल बनायेंगे I काशी दा चाहते तो दूसरे दल से जुड़कर मुख्यमंत्री बन जाते लेकिन काशी दा ने उत्तराखंड क्रांति दल को चुना उसे संभाला और उसे मजबूत किया और हमेशा उत्तराखंड क्रांति दल के साथ खड़े रहे I
चुनाव के समय कई लोग उत्तराखंड क्रांति दल से जुड़ते हैं और चुनाव के बाद दूसरे दलों में शामिल हो जाते हैं, कई भाजपा-कांग्रेस में छोटे मोटे पद पाने के लिए या उनकी सरकार में मंत्री बनने के लिए उत्तराखंड क्रांति दल छोड़कर भाजपा-काँग्रेस में शामिल हो जाते हैं, लेकिन काशी दा उत्तराखंड क्रांति दल के साथ ही रहे जब-जब पार्टी कमजोर हुई उसे संभाला और फिर से खड़ा किया है I आज भी राष्ट्रीय पार्टियों के बड़े नेता उन्हें अपनी पार्टी से जुड़कर राजयसभा सांसद या लोकसभा सांसद बनाने के प्रस्ताव लेकर आते हैं, काशी दा उन्हें विनम्रतापूर्वक बाहर का रास्ता दिखा देते हैं I
जब कोई ये पूछे काशी सिंह ऐरी ने उत्तराखंड क्रांति दल के लिए क्या किया है तो उसे बता देना काशी दा ने मुख्यमंत्री जैसे पद को ठुकराकर उत्तराखंड क्रांति दल को चुना, जब-जब किसी ने उत्तराखंड क्रांति दल को तोड़ने और कमजोर करने की कोशिश करी काशी सिंह ऐरी ने उत्तराखंड क्रांति दल को खड़ा किया और लोगों को जोड़कर रखा I
आज उत्तराखंड क्रांति दल एक क्षेत्रीय दल के रूप में टिका हुआ है तो उसमे काशी सिंह ऐरी का सबसे बड़ा योगदान है, आज पार्टी में शोर मचाने वाले बहुत हैं लेकिन शांति से और दिल से उत्तराखंड क्रांति दल के लिए काम करने वाले केवल काशी दा ही हैं I