22/10/2025
आज जब पूरा बिहार दिवाली मना रहा है तब प्रशांत किशोर पिछले तीन सालों की तरह इस वर्ष भी जनता के बीच हैं। गंगा में समाहित हो चुके जवानियां गांव के लोगों के बीच पहुंचे हैं। ताकि पूरे बिहार की जनता को यह याद रहे कि जब उनके घरों में दीप जगमागे रहे हैं तब बिहार का एक गांव अंधकार में डूबा है। उनका घर-जमीन सब गंगा जी की गोद में समाहित हो चुका है।