Adv Tanweer Hassan HR Legal justice

Adv Tanweer Hassan HR Legal justice *Director Group Health Club Gym Ghc Darbhanga
*Chairman-قانون نافذ کرنے والا ادارہ
Law enforcement agency
(1)

कानूनी सलाह केंद्र दरभंगा
Politician 🇮🇳 Adv Tanweer Hassan
*निदेशक* Group Health Suraksha ग्रुप हेल्थ सुरक्षा संस्था GHSS GHC GYM Darbhanga
Organiser HumanRights&Socialjustic #मेरे_अभियान_से_जुड़े_Nasha_Mukti_स्वच्छ_भारतअभियान_हर_गांव_कैंप 9473230786

03/06/2026
प्रमुख कानूनी शब्द....Adv Tanweer Hassan
19/04/2026

प्रमुख कानूनी शब्द....
Adv Tanweer Hassan

आधार कार्ड या किसी अन्य ID में अपना नाम कैसे बदला सकते हैं  ?👇भारत में किसी भी सरकारी आईडी (जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, ...
19/04/2026

आधार कार्ड या किसी अन्य ID में अपना नाम कैसे बदला सकते हैं ?👇

भारत में किसी भी सरकारी आईडी (जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, या वोटर आईडी) में कानूनी रूप से नाम बदलने की प्रक्रिया मुख्य रूप से तीन चरणों में पूरी होती है।
​यहाँ स्टेप-बाय-स्टेप पूरी कानूनी प्रक्रिया दी गई है:

​1. शपथ पत्र (Affidavit) बनवाना
​सबसे पहला कदम एक हलफनामा या शपथ पत्र तैयार करना है।
• ​प्रक्रिया: एक एफिडेविट तैयार करें जिसमें आपका पुराना नाम, नया नाम, पिता/पति का नाम, वर्तमान पता और नाम बदलने का स्पष्ट कारण (जैसे - शादी, स्पेलिंग की गलती, या स्वेच्छा) लिखा हो।
• ​स्टाम्प पेपर: इसे ₹100 के नॉन-ज्यूडिशियल स्टाम्प पेपर पर टाइप करवा सकते हैं।
• ​प्रमाणीकरण: इस शपथ पत्र को किसी नोटरी पब्लिक से अटेस्ट (प्रमाणित) करवाएं।

2. समाचार पत्र में विज्ञापन (Newspaper Publication)
​शपथ पत्र बनवाने के बाद, आपको आम जनता को सूचित करने के लिए अखबार में विज्ञापन देना होता है।
• ​अखबार का चयन: आपको दो अखबारों में विज्ञापन देना होगा—एक आपके शहर के क्षेत्रीय भाषा (जैसे हिंदी) के अखबार में और दूसरा एक राष्ट्रीय अंग्रेजी अखबार में।
• ​विज्ञापन का प्रारूप: विज्ञापन में स्पष्ट रूप से लिखा होना चाहिए: "मैंने अपना नाम [पुराना नाम] से बदलकर [नया नाम] कर लिया है। मेरा पता [पूरा पता] है। शपथ पत्र दिनांक [तारीख] को [नोटरी का नाम] द्वारा नोटराइज्ड किया गया है।"
• ​ध्यान दें: इन दोनों अखबारों की पूरी-पूरी प्रतियां (सिर्फ कटिंग नहीं) भविष्य के संदर्भ के लिए सुरक्षित रख लें।

​3. भारत के राजपत्र (Gazette of India) में प्रकाशन
​यह सबसे महत्वपूर्ण चरण है। किसी भी सरकारी विभाग में (खासकर पासपोर्ट या आधार में बड़े बदलाव के लिए) नाम परिवर्तन को मान्य करने के लिए गजट नोटिफिकेशन सबसे ठोस कानूनी प्रमाण होता है।
• ​दस्तावेज एकत्रित करें:
• ​नोटरीकृत शपथ पत्र की मूल प्रति।
• ​दोनों अखबारों की मूल प्रतियां।
• ​नाम परिवर्तन का एक निर्धारित प्रोफार्मा (Proforma) जिस पर आपके और दो गवाहों के हस्ताक्षर हों।
• ​प्रोफार्मा (Proforma) की सॉफ्ट कॉपी (MS Word फॉर्मेट में) हो।
• ​दो पासपोर्ट साइज फोटो (और आईडी प्रूफ की कॉपी)।
• ​फीस का भुगतान: 'भारतकोश' (Bharat Kosh) पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन सरकारी फीस (प्रकाशन शुल्क) जमा करें और उसकी रसीद का प्रिंट निकाल लें।
• ​फाइल जमा करना: इन सभी दस्तावेजों की फाइल को 'कंट्रोलर ऑफ पब्लिकेशन, सिविल लाइन्स, दिल्ली' (Controller of Publication, Civil Lines, Delhi) के पते पर स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजें या स्वयं जाकर जमा करें।
• ​गजट कॉपी प्राप्त करना: लगभग 3 से 4 सप्ताह के बाद, आपका नाम परिवर्तन ई-गजट (e-Gazette) में प्रकाशित हो जाएगा। इसे आप विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड और प्रिंट कर सकते हैं।

​4. आधार कार्ड और अन्य आईडी अपडेट करना
​जब आपका नाम राजपत्र (Gazette) में प्रकाशित हो जाए, तब आप अपनी सभी आईडी अपडेट करवा सकते हैं।
• ​आधार कार्ड (Aadhaar Card): अपने नज़दीकी आधार सेवा केंद्र पर जाएँ। सुधार फॉर्म (Update Form) भरें और 'प्रूफ ऑफ आइडेंटिटी' (POI) के रूप में अपना गजट नोटिफिकेशन और पहले का आईडी प्रूफ जमा करें। आपका नया नाम सिस्टम में अपडेट कर दिया जाएगा।
• ​अन्य दस्तावेज़: इसी गजट की प्रमाणित कॉपी का उपयोग करके आप पैन कार्ड, बैंक खाते, ड्राइविंग लाइसेंस, और वोटर आईडी में भी अपना नाम कानूनी रूप से बदलवा सकते हैं।

Law Ki Pathshala ने आपके लिए नाम परिवर्तन की प्रक्रिया के लिए शपथ पत्र (Affidavit), समाचार पत्र के विज्ञापन और राजपत्र (Gazette) के प्रोफार्मा के मानक सैंपल नीचे दिए हैं। आप अपनी आवश्यकता के अनुसार ब्रैकेट [...] में दी गई जानकारी को बदल सकते हैं। कृपया ध्यान दें कि यह पोस्ट/इमेज सिर्फ़ आम जानकारी और शिक्षा के मकसद से बनाई गई है; इसे कानूनी सलाह के तौर पर नहीं माना जाये। चूंकि हर मामला अलग होता है, इसलिए कृपया इस दस्तावेज़ को सीधे इस्तेमाल के लिए सिर्फ़ डाउनलोड और प्रिंट न करें। इसके बजाय, कोई भी कानूनी कार्रवाई या लेन-देन करने से पहले, किसी योग्य अधिवक्ता से मिलकर इसे तैयार करवाएं, ताकि आपको अपने मामले की खास बातों के हिसाब से सही सलाह मिल सके।

​1. शपथ पत्र का सैंपल (Sample of Affidavit)

​आप इसे ₹20 या ₹100 के नॉन-ज्यूडिशियल स्टाम्प पेपर पर टाइप करवाकर नोटरी से प्रमाणित करवाना होता है:

​ शपथ पत्र (Affidavit)

​मैं, [आपका पुराना नाम], पुत्र/पुत्री/पत्नी श्री [पिता/पति का नाम], उम्र लगभग [उम्र] वर्ष, निवासी [आपका पूरा पता], एतद्द्वारा सत्यनिष्ठा से निम्नलिखित घोषणा करता/करती हूँ:
• ​यह कि मैं उपरोक्त पते का स्थायी निवासी हूँ।
• ​यह कि मेरे सभी पुराने दस्तावेजों (जैसे स्कूल सर्टिफिकेट, आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि) में मेरा नाम [आपका पुराना नाम] दर्ज है।
• ​यह कि मैंने स्वेच्छा से अपना नाम [आपका पुराना नाम] से बदलकर [आपका नया नाम] रख लिया है।
• ​यह कि भविष्य में मुझे सभी सरकारी और गैर-सरकारी कार्यों में मेरे नए नाम [आपका नया नाम] से ही जाना और पहचाना जाए।
• ​यह कि [आपका पुराना नाम] और [आपका नया नाम] दोनों एक ही व्यक्ति (यानी मेरे) नाम हैं।

सत्यापन:

मैं, उपरोक्त शपथकर्ता, आज दिनांक [तारीख] को [स्थान का नाम] में यह सत्यापित करता/करती हूँ कि इस शपथ पत्र की सभी बातें मेरी निजी जानकारी में सत्य और सही हैं। इसमें कुछ भी छिपाया नहीं गया है।

​हस्ताक्षर (शपथकर्ता)
[आपका पुराना नाम]

​2. समाचार पत्र में विज्ञापन का सैंपल (Sample of Newspaper Advertisement)

​यह विज्ञापन एक हिंदी (स्थानीय) और एक अंग्रेजी (राष्ट्रीय) अखबार में छपवाना होता है।

​हिंदी अखबार के लिए: 👇

​ नाम परिवर्तन (Name Change)

​सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मैंने अपना पुराना नाम [आपका पुराना नाम], पुत्र/पत्नी श्री [पिता/पति का नाम], निवासी [आपका पूरा पता], से बदलकर अपना नया नाम [आपका नया नाम] रख लिया है। भविष्य में मुझे सभी उद्देश्यों के लिए [आपका नया नाम] के रूप में ही जाना जाए।

शपथ पत्र दिनांक: [तारीख] > नोटरी का नाम: [नोटरी वकील का नाम], [शहर]

​अंग्रेजी अखबार के लिए (English Newspaper):👇

​ NAME CHANGE

​I, [Old Name], S/o / W/o / D/o [Father's/Husband's Name], residing at [Full Address], have changed my name to [New Name] for all future purposes vide Affidavit dated [Date] sworn before Notary [Name of Notary], [City].

​3. राजपत्र (Gazette) प्रकाशन हेतु प्रोफार्मा का सैंपल

भारत के राजपत्र में प्रकाशन के लिए 'डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिकेशन' (Department of Publication) द्वारा एक निर्धारित प्रोफार्मा होता है, जिसे भरकर और गवाहों के हस्ताक्षर करवाकर भेजना होता है:

​PROFORMA FOR CHANGE OF NAME (गजट प्रोफार्मा)

​It is for general information that I, [Old Name] S/o / W/o / D/o [Father/Husband Name] residing at [Full Address] declare that name of mine, my father and my mother has been wrongly written as [Old Name], [Father's Old Name - if applicable] and [Mother's Old Name - if applicable] respectively in my [Name of Document, e.g., 10th Certificate/Aadhaar].
​My correct name is [New Name], my father's name is [Father's Correct Name] and my mother's name is [Mother's Correct Name].

(नोट: यदि केवल अपना नाम बदला है, तो माता-पिता के नाम का जिक्र करने की आवश्यकता नहीं है, सीधा लिखें: I have changed my name from [Old Name] to [New Name].)

​I assume from this date the name/surname [New Name].
​Date: [Date]

Signature: (पुराने नाम के हस्ताक्षर)

​Witness 1:
Name: [गवाह 1 का नाम]
Address: [गवाह 1 का पता]
Signature: ___________

​Witness 2:
Name: [गवाह 2 का नाम]
Address: [गवाह 2 का पता]
Signature: ___________

​महत्वपूर्ण टिप: गजट नोटिफिकेशन के लिए भारत सरकार के 'डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिकेशन' की वेबसाइट से आप बिल्कुल लेटेस्ट प्रोफार्मा (MS Word फॉर्मेट में) डाउनलोड कर सकते हैं, क्योंकि इसमें नाम बदलने के कारण (जैसे स्पेलिंग मिस्टेक, धर्म परिवर्तन, या शादी) के आधार पर प्रारूप में मामूली बदलाव होते हैं। यह प्रोफार्मा अंग्रेजी में ही भरकर दिल्ली भेजना सबसे सुरक्षित रहता है।

नाम बदलने की कानूनी प्रक्रिया के लिए भारत सरकार के सभी आधिकारिक और महत्वपूर्ण वेबसाइट लिंक्स नीचे दिए गए हैं:

​1. गजट फॉर्म और प्रोफार्मा डाउनलोड करने के लिए (Department of Publication)
यहाँ से आप नाम बदलने (वयस्क, नाबालिग, विवाह के बाद आदि) के लिए विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देश (Guidelines) और MS Word/PDF फॉर्मेट में सही प्रोफार्मा डाउनलोड कर सकते हैं:
• ​लिंक: https://deptpub.gov.in/document-category/con-guidelines/ (नोट: वेबसाइट पर "Change of Name/ Public Notices" सेक्शन में जाकर अपनी जरूरत के हिसाब से फाइल देखें और डाउनलोड करें।)

​2. सरकारी फीस ऑनलाइन जमा करने के लिए (NTRP - Bharat Kosh)
डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिकेशन अब नकद या डिमांड ड्राफ्ट की जगह 'भारतकोश' पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन फीस स्वीकार करता है। फीस जमा करके यहाँ से रसीद (Receipt) का प्रिंट आउट निकालना होता है:
• ​लिंक: https://bharatkosh.gov.in/

​3. अपना प्रकाशित राजपत्र (e-Gazette) चेक और डाउनलोड करने के लिए
जब आपकी फाइल दिल्ली जमा हो जाती है, तो लगभग 3 से 4 सप्ताह बाद आपका नाम परिवर्तन ई-गजट (सप्ताहिक पार्ट-IV) में प्रकाशित होता है। इसे आप इस आधिकारिक वेबसाइट से मुफ्त में सर्च और डाउनलोड कर सकते हैं:
• ​लिंक: https://egazette.gov.in/

महत्वपूर्ण टिप: फॉर्म और दस्तावेज तैयार करने के बाद, आपको पूरी फाइल इस पते पर स्पीड पोस्ट करनी होती है या खुद जाकर जमा करनी होती है:
Controller of Publication, Department of Publication, Civil Lines, Delhi-110054

जानकारी अच्छी लगे तो इसे शेयर जरूर कीजिए.. जानकर बनिये और दूसरों को भी जानकर बनाइये 🙏



Indian constitution Law&Crime
Adv Tanweer Hassan

Law&Crime Law Advisory           “जिसे जमानत दिलाई, उसी ने वकील को मारी गोली! क्या वकील अब सुरक्षित हैं?”“जमानत पर जिसको...
13/04/2026

Law&Crime Law Advisory

“जिसे जमानत दिलाई, उसी ने वकील को मारी गोली! क्या वकील अब सुरक्षित हैं?”
“जमानत पर जिसको छुड़वाया, उसी ने नमस्कार कर मार दी गोली”

चुनावी रंजिश में हत्या, खुद भी प्रधान रह चुके थे वकील राजीव

(समाचार सार)
चुनावी रंजिश के चलते वकील राजीव सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बताया गया कि जिस व्यक्ति की जमानत कराने में उन्होंने मदद की थी, उसी आरोपी ने नमस्कार करने के बाद उन पर गोली चला दी।
घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है।

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⚖️ कानूनी विश्लेषण (Latest Legal Sections):

यह मामला केवल हत्या नहीं बल्कि कानून व्यवस्था और अधिवक्ताओं की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न उठाता है।

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🔴 1. हत्या का अपराध (Murder)

📌 भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 – धारा 103
→ जानबूझकर हत्या करना
➡️ सजा: मृत्युदंड या आजीवन कारावास

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🔴 2. आपराधिक साजिश (Criminal Conspiracy)

📌 BNS धारा 61
→ यदि योजना बनाकर हत्या की गई
➡️ सभी साजिशकर्ता दोषी होंगे

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🔴 3. आर्म्स एक्ट, 1959

📌 अवैध हथियार रखने/उपयोग करने पर
➡️ कड़ी सजा + अलग केस

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🔴 4. धोखा और विश्वासघात (Breach of Trust)

➡️ वकील ने आरोपी की मदद की
➡️ उसी ने विश्वास तोड़कर अपराध किया
👉 यह सामाजिक और नैतिक अपराध भी है

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🔴 5. ⚖️ Advocate Protection Act (मांग क्यों बढ़ रही है?)

👉 भारत में अभी तक वकीलों के लिए अलग से कोई केंद्रीय सुरक्षा कानून (Advocate Protection Act) लागू नहीं है
👉 ऐसे मामलों के बाद इसकी मांग तेज हो जाती है

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🚨 कानूनी सवाल:

✔️ क्या वकीलों को विशेष सुरक्षा मिलनी चाहिए?
✔️ क्या अदालत से जुड़े पेशे अब खतरे में हैं?
✔️ क्या Advocate Protection Act लाना जरूरी हो गया है?

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💡 सामाजिक सच्चाई:

👉 “न्याय दिलाने वाला ही अगर असुरक्षित हो जाए, तो न्याय व्यवस्था पर खतरा है।”

💬 आपकी राय:

क्या वकीलों के लिए अलग सुरक्षा कानून बनना चाहिए?
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