18/10/2025
जब शहरों में सोने–चाँदी की चमक में लोग धनतेरस मनाते हैं,
तब हम आदिवासी अपनी धरती माँ की गोद में उपजे अन्न, फल और बीज से धानतेरस का पर्व मनाते हैं।
इसमें रखा अनाज यही हमारे परिश्रम, प्रकृति और परंपरा का सच्चा प्रतीक हैं।
यही है हमारा धन, यही है हमारी समृद्धि और यही है हमारी संस्कृति।।
धरती से जुड़ाव ही सबसे बड़ा धन है,
और प्रकृति के संग रहना ही सबसे बड़ी पूजा..!!
#धानतेरस #धनतेरस #जोहार_जिन्दगी 🥀❤️🤟
@सुनकुँवरकुँवर सुनील शाह ठाकुर