26/05/2026
✍️10.5.26,🇮🇳क्रांति दिवस पर ग्रेटर नोएडा जर्नलिस्ट प्रेस क्लब द्वारा कार्यालय में आयोजित विचार गोष्ठी💥"मई 1857 की क्रांति में गौतम बुद्ध नगर की भूमिका"💥 कार्यक्रम में भारत की आजादी के लिए प्रथम स्वतंत्रता संग्राम मई 1857 की क्रांति के सभी ज्ञात,अज्ञात क्रांतिकारियों को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। ⚡
कार्यक्रम में जिले के प्रतिष्ठित समाजसेवी, राजनीतिक, प्रबुद्ध वर्ग के लोगों भाग लिया। शहीदों को याद करके उन्हें नमन किया और उनकी वीरता बलिदान की अनेकों बातें बताई । ⚡
इस अवसर पर मांग की गई कि दादरी नगर पालिका के कमरे में वर्षों से बंद पड़ी अमर शहीद राव उमराव सिंह की प्रतिमा को (धूम बाईपास) दादरी के प्रवेश द्वार पर लगा देना चाहिए।⚡
शासन प्रशासन को सभी शहीदों की याद में जिले में कार्यक्रम कराने चाहिए, 1857 की क्रांति में जिले के बलिदानियों की याद में उनके नाम पर सड़कों, पार्कों, सेक्टरों , मेट्रो स्टेशन, शिक्षा संस्थानों व अन्य प्रमुख संस्थाओं का नामकरण करना चाहिए ।⚡लेकिन शासन प्रशासन शहीदों के सम्मान की अनदेखी कर रहा है और वर्षों से जन भावनाओं को ठेस पहुंच रही है। ⚡
गोष्ठी के अध्यक्ष व प्रमुख समाजसेवी सुखवीर आर्य ने कहा कि गौतम बुद्ध नगर जिले के सभी सरकारी कार्यालयों में मई1857 की क्रांति में शहीद हुए बलिदानियों के नाम , वर्णन के साथ उल्लेख कर उनके शिलापट्ट लगाए जाने चाहिए ।
⚡गोष्ठी का संचालन करते हुए राव संजय भाटी ने कहा कि राव रोशन सिंह, राव उमराव सिंह, राव बिशन सिंह, राव भगवंत सिंह दादरी, फत्ता नंबरदार चिठैरा, मजलिस जमीदार लुहारली, हरदयाल सिंह गहलोत नगला समना , करीम बख्श खान तिल बेगमपुर, दरियाव सिंह जुनेदपुर दानहाय देवटा, हरदेव सिंह बील ,सुलेख महावड सहित 84 क्रांतिकारियों को काला आम बुलंदशहर पर फांसी दी गई थी । दादरी के आसपास के गांवों में आग लगा दी गई थी। बहुत सारे गांव उजाड़ दिए गए दादरी क्षेत्र ने सबसे ज्यादा दमन झेला है, हजारों क्रांतिकारियों को काला पानी की सजा दी गई।⚡
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