Churu Shekhawati

Churu Shekhawati Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Churu Shekhawati, Churu.

20/08/2025
04/06/2022

A tribute to punjabi singer late.siddu musewala
At saheed smarak churu।

04/06/2022

आज चुरू के शहीद स्मारक पर दिवंगत पंजाबी गायक को श्रद्धांजलि दी गईं

23/05/2017

so sad.....today an accident in churu

ख़राब रोटी खाने से 40 छात्राओं की तबीयत बिगड़ी , 6 अस्पताल में ..राजकीय महाविधालय कन्या छात्रावास में मंगलवार रात ख़राब आटे...
10/08/2016

ख़राब रोटी खाने से 40 छात्राओं की तबीयत बिगड़ी , 6 अस्पताल में ..
राजकीय महाविधालय कन्या छात्रावास में मंगलवार रात ख़राब आटे की बनी रोटी खाने से करीब 40 छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई । 6 छात्राओं को गंभीर हालत में राजकीय डी बी अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
जानकारी के अनुसार छात्रावास में रात का भोजन करने के बाद कई छात्राओं की तबीयत बिगड़ने लगी । गम्भीर हालत में नीमा , सुमित्रा , कमला व मंजीत को तुरंत डी बी अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
छात्राओ ने बताया की वो यहाँ अगस्त से रह रही है। खाने में दी जा रही रोटी रबड़ जैसी होती थी, जिसकी उन्होंने हॉस्टल वार्डन से शिकायत भी की थी ।
हॉस्टल वार्डन चन्द्रावती ने बताया की छात्रावास में 70 छात्राओ ने प्रवेश ले रखा है , जिसमें से फ़िलहाल 60 रह रही है । मंगलवार रात खाना खाने के बाद 40 छात्राओ की तबियत बिगड़ गई । उन्होंने बताया की आटे की शिकायत करने पर उसने दूसरा कट्टा खोला मंगलवार रात उसी कट्टे के आटे से रोटी बनाई गई थी रोटी खाने के कुछ समय बाद ही छात्राओ की तबियत बिगड़ने लगी। इस बारे में उसने उच्चाधिकारियो को भी अवगत करवाया, लेकिन उन्होंने कहा की कल जाँच करवाएंगे । फ़िलहाल अस्पताल में डॉक्टर व नर्शिंग स्टाफ छात्राओ के उपचार में जुटे हुए थे ।

puskar ka rangde mandir  ka purana stambh
12/02/2016

puskar ka rangde mandir ka purana stambh

28/08/2015

रक्षा बंधन भाई-बहन के प्यार का त्योहार है, एक मामूली सा धागा जब भाई की कलाई पर बंधता है, तो भाई भी अपनी बहन की रक्षा के लिए अपनी जान न्योछावर करने को तैयार हो जाता है।

क्या आप जानते हैं कि रक्षाबंधन का इतिहास काफी पुराना है, जो सिंधु घाटी की सभ्यता से जुड़ा हुआ है। असल में रक्षाबंधन की परंपरा उन बहनों ने डाली थी जो सगी नहीं थीं, भले ही उन बहनों ने अपने संरक्षण के लिए ही इस पर्व की शुरुआत क्यों न की हो, लेकिन उसकी बदौलत आज भी इस त्योहार की मान्यता बरकरार है।

इतिहास के पन्नों को देखें तो इस त्योहार की शुरुआत 6 हजार साल पहले माना जाता है। इसके कई साक्ष्य भी इतिहास के पन्नों में दर्ज हैं। रक्षाबंधन की शुरुआत का सबसे पहला साक्ष्य रानी कर्णावती और सम्राट हुमायूं का है। मध्यकालीन युग में राजपूत और मुस्लिमों के बीच संघर्ष चल रहा था, तब चित्तौड़ के राजा की विधवा रानी कर्णावती ने गुजरात के सुल्तान बहादुर शाह से अपनी और अपनी प्रजा की सुरक्षा का कोई रास्ता न निकलता देख हुमायूं को राखी भेजी थी। तब हुमायू ने उनकी रक्षा कर उन्हें बहन का दर्जा दिया था।

इतिहास का एक दूसरा उदाहरण कृष्ण और द्रोपदी को माना जाता है। कृष्ण भगवान ने राजा शिशुपाल को मारा था। युद्ध के दौरान कृष्ण के बाएं हाथ की उंगली से खून बह रहा था, इसे देखकर द्रोपदी बेहद दुखी हुईं और उन्होंने अपनी साड़ी का टुकड़ा चीरकर कृष्ण की उंगली में बांध दी, जिससे उनका खून बहना बंद हो गया। कहा जाता है तभी से कृष्ण ने द्रोपदी को अपनी बहन स्वीकार कर लिया था। सालों के बाद जब पांडव द्रोपदी को जुए में हार गए थे और भरी सभा में उनका चीरहरण हो रहा था, तब कृष्ण ने द्रोपदी की लाज बचाई थी।
रक्षाबंधन के इस पवन पर्व पर सभी क्षेत्रवासियो को चुरू शेखावाटी पेज की और से हार्दिक बधाई ।

चूरू. गोगानवमी पर आयोजित मेले में सांपो के साथ नाचते जाते युवक व मुह में गोहर को ले जाता श्रदालु........
20/08/2014

चूरू. गोगानवमी पर आयोजित मेले में सांपो के साथ नाचते जाते युवक व मुह में गोहर को ले जाता श्रदालु........

पर्वतारोही जुड़वा बहनों का स्वागत ----------------------------------लाडनूं | जैनविश्वभारती विश्वविद्यालय इंस्पायर ह्वयूम...
06/08/2014

पर्वतारोही जुड़वा बहनों का स्वागत
----------------------------------
लाडनूं | जैनविश्वभारती विश्वविद्यालय इंस्पायर ह्वयूमैन कैपिटल मैनेजमेंट संस्थान गुडगांव के तत्वावधान में दो दिवसीय एडवांस स्कील डवलपमेंट कार्यशाला मंगलवार एसडी घोडावत ऑडिटोरियम में शुरू हुई।
कुलपति समणी चारित्रप्रज्ञा की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पर्वतारोही जुड़वा बहनें ननसी तासी मलिक थीं। इन्होंने पर्वतारोहण के बारे में विद्यार्थियों से अनुभव साझा किए। मूलत: हरियाणा की निवासी ननसी तासी ने माउंट एवरेस्ट के साथ-साथ अफ्रीका, एशिया, साउथ अमेरिका, आस्ट्रेलिया, नोर्थ अमेरिका के अनेक पर्वतों पर चढ़ाई कर विश्व में कम उम्र की पर्वतारोही के रूप में पहचान बनाई है। इनका दावा है कि ये पहली पर्वतारोही जुड़वा बहने हैं।
इन्होंने कहा कि व्यक्ति का संकल्प बल मजबूत हो तो कुछ भी असंभव नहीं है और किसी भी कार्य में अभिभावकों का सहयोग बहुत बडा संबल है। कुलपति चारित्रप्रज्ञा ने कहा कि ननसी तासी ने छह देशों में पर्वतारोहण कर देश का नाम रोशन किया है।

Address

Churu

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Churu Shekhawati posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share