18/04/2024
आज आपके सामने समाज की कुछ कड़वी सच्चाई शेयर कर रही हूं .....आप भी अपनी राय रखियेगा।
दिल्ली, नोएडा ,मुंबई में नौकरी करने वाले आज भी 80% लोग छोटे गांव से आने वाले हैं,
ये जब गांव में रहते हैं तो लोगो से मिलना, सहायता करना ,ये सब बड़ी शान के साथ करते हैं लेकिन यही लोग जब दिल्ली, नोएडा में 20 माजिल घर में 15 हजार के फ्लैट में रहने लगते हैं तो ये बाबू साहब बन जाते हैं।🕺💃
नीचे एक बुजुर्ग नेहरू प्लेस के अति व्यस्त बाजार में बैठे हैं ।2-3 घंटे होने के बाद भी एक रुपए की बोहनी नही होती ....🤦
वही विदेशी दुकान #मैकडोनाल्ड KFC में लोग लाइन लगा कर इंतजार कर रहे हैं की जल्दी दुकान खुले और कुछ खाया जाए ...
ये दादा ताजा नारियल की गिरी और फल बेच रहे हैं और एक गिरी की कीमत मुश्किल से 10 रुपए है
हद तो तब हो जाती है, जब एक महिला से अपने 2 बच्चो के साथ निकलती है और हाथ में 2 कोल्डड्रिंक ले रखी है।
उनका एक बच्चा बोलता है ,नारियल लेने को तो वो बोलती हैं नो नो इट्स डर्टी ।दादा बिचारे सोचते हैं कि तारीफ हो रही है और बड़े ही नाज से एक नारियल की गिरी उसके आगे करते हैं, लेकिन वो महिला को ये गंदा लगता है।
उसी के बाद 2-3 लड़कियों का ग्रुप starbuks से 2 -3 हजार रुपए की काफी पीकर बाहर आता है, उनमें से एक लड़की हाथ में आईफोन 15 लेकर आती है और पूछती है, अंकल कितने का है ?
दादा फिर से नारियल उठाते हैं और बोलते हैं 10 रुपए का एक ।
फिर लड़की बोलती है...ओह इट्स टू मच ,इतनी छोटे से टुकड़े का 10 रूपये,
अच्छा चलो आप 10 के 2 देदो तो मैं ले लूँगी,
चूँकि बोहनी का मामला था इस लिए दादा में 10 के 2 दे दिए ।
अब जरा सोचिए गांव से निकले लोग, जिनके मॉ बाप कड़ी मेहनत से पाई पाई जोड़ कर आपको बाहर भेजते हैं ....
और आप वहां जाकर बड़े बड़े रेस्टोरेंट में खान पान करते हैं ।
साथ में जीएसटी और 2 -3 तरह के टैक्स, साथ में टिप देकर अपने को कूल समझते हैं ....
लेकिन यदि कोई बेसहारा गरीब मिल जाए जो कि अपने पेट को भरने के लिए 10 रुपए का समान बेचे तो ये उन्हे लुटेरे लगते हैं ।
कुछ महिलाएं ऐसी हैं जिन्हें रेस्टोरेंट का सड़ा खाना जिसे वो देख भी नही रही कि कब और कैसे तैयार किया जा रहा है,वो हाइजीनिक लगता है, लेकिन कोई गरीब अपने हाथ से छू कर कुछ ताजा समान दे तो वो उन्हें विषाणुयुक्त लगता है ,यही सच्चाई है आज की।जो कि बेहद दुखद है...
पता नही किस ढोंग में जी रहे हैं लोग।हमें ऐसे दिखावे से बचना चाहिए और न जरूरत होते हुए भी कभी कभी इन गरीबो से कुछ ले लेना चाहिए,ये कोई महल बनाने के लिए नही कमाते बल्कि अपना और अपने परिवार का पेट पालने के लिए मेहनत करते हैं।
।।।डेज़ी सिंह।।।✍️ copy