22/02/2022
ठेका श्रम (विनियमन और उत्सादन) अधिनियम, 1970 की धारा 31 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए कोल इंडिया लिमिटेड के सभी अनुषंगी कम्पनियों कार्यरत सभी ठेका मजदूरों को HPC प्रदान सहित कई नौकरी संबधित सुरक्षा प्रदान किया है।
(i) कोयला उत्पादन कार्यों में लगे कर्मकारों के हित संरक्षित रहेगा।
(स) ठेका कर्मचारियों को कोल इंडिया लिमिटेड, कोयला मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा नियुक्त उच्च अधिकार प्राप्त समिति (HPC) के सिफारिशों के अनुसार और कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा समय-समय पर अधिसूचित दरों पर मजदूरी और अन्य सुविधाएं दी जाएगी।
(ii) केन्द्रीय ठेका श्रम सलाहकार बोर्ड को यह सुनिश्चित करने और जांच करने के लिए प्रतिष्ठान का निरीक्षण करने का अधिकार होगा कि क्या विभिन्न कोयला कंपनी में ठेका कर्मचारियों को मजदूरी और सुविधाएं दी जाती हैं, या नहीं।
(iv) सभी कोयला कंपनी का प्रबंधन यह सुनिश्चित करेगा कि जब कभी संविदा में कोई परिवर्तन होता है, तो विद्यमान ऐसे संविदा कर्मचारियों को, जो कार्यरत हैं, उन्हें निकाला नहीं जाएगा। नई ठेका संस्था द्वारा पूर्व में नियोजित ठेका कर्मचारियों को अग्रधिकार के आधार पर नियोजन करेगा।
(v) संविदाकार, प्रधान नियोक्ता के अतिरिक्त उक्त उच्च अधिकार प्राप्त समिति की मजदूरी की, जो हर 06 महीने में सुपरिस करती है और खान अधिनियम, 1952 (1952 का 35) के उपबंधों के अनुसार अन्य फायदे भी ठेका कर्मचारियों को मिलेगा।
(Vi) ठेका में कार्यरत कामगारों को बोनस और छुट्टी भी दी जाएगी।
यह गज़ट नोटिफिकेशन कोयला उद्योग में कार्यरत लाखों मजदूरों को राहत पंहुचाया है, परंतु इसका इंफोर्समेंट, किस प्रकार होता है यह समय कहेगा।
यदि यह सही ढंग से लागू होगा, तब कोल इंडिया प्रगति करने के साथे साथ औद्योगिक विवाद भी घटेगा। 🙏🇮🇳 #भारतसरकार #धन्यवाद।
केंद्र सरकार ठेका श्रम (विनियमन और उत्सादन) अधिनियम, 1970 की धारा 31 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए कोल इंडिया लिमिटेड के सभी अनुषंगी कम्पनियों कार्यरत सभी ठेका मजदूरों को HPC प्रदान सहित कई नौकरी संबधित सुरक्षा प्रदान किया है।
(i) कोयला उत्पादन कार्यों में लगे कर्मकारों के हित संरक्षित रहेगा।
(स) ठेका कर्मचारियों को कोल इंडिया लिमिटेड, कोयला मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा नियुक्त उच्च अधिकार प्राप्त समिति (HPC) के सिफारिशों के अनुसार और कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा समय-समय पर अधिसूचित दरों पर मजदूरी और अन्य सुविधाएं दी जाएगी।
(ii) केन्द्रीय ठेका श्रम सलाहकार बोर्ड को यह सुनिश्चित करने और जांच करने के लिए प्रतिष्ठान का निरीक्षण करने का अधिकार होगा कि क्या विभिन्न कोयला कंपनी में ठेका कर्मचारियों को मजदूरी और सुविधाएं दी जाती हैं, या नहीं।
(iv) सभी कोयला कंपनी का प्रबंधन यह सुनिश्चित करेगा कि जब कभी संविदा में कोई परिवर्तन होता है, तो विद्यमान ऐसे संविदा कर्मचारियों को, जो कार्यरत हैं, उन्हें निकाला नहीं जाएगा। नई ठेका संस्था द्वारा पूर्व में नियोजित ठेका कर्मचारियों को अग्रधिकार के आधार पर नियोजन करेगा।
(v) संविदाकार, प्रधान नियोक्ता के अतिरिक्त उक्त उच्च अधिकार प्राप्त समिति की मजदूरी की, जो हर 06 महीने में सुपरिस करती है और खान अधिनियम, 1952 (1952 का 35) के उपबंधों के अनुसार अन्य फायदे भी ठेका कर्मचारियों को मिलेगा।
(Vi) ठेका में कार्यरत कामगारों को बोनस और छुट्टी भी दी जाएगी।
यह गज़ट नोटिफिकेशन कोयला उद्योग में कार्यरत लाखों मजदूरों को राहत पंहुचाया है, परंतु इसका इंफोर्समेंट, किस प्रकार होता है यह समय कहेगा।
यदि यह सही ढंग से लागू होगा, तब कोल इंडिया प्रगति करने के साथे साथ औद्योगिक विवाद भी घटेगा। 🙏🇮🇳