27/07/2018
समाचार
स्वच्छता सर्वेक्षण ग्रामीण पर जिला स्तरीय कार्यशाला संपन्न
छिन्दवाडा/ 26 जुलाई 2018/ स्वच्छता सर्वेक्षण रेंकिंग अभ्यास एक सतत् व महत्वपूर्ण गतिविधि है जिसमें शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में स्वच्छता प्रयासों के स्तरों का आकलन समयबध्द और नवाचार तरीके से किया जाता है । इसी तारतम्य में विगत 18 जुलाई को पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय भारत सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता सर्वेक्षण की रूपरेखा के संबंध में वीडियो कांफ्रेंस का आयोजन किया गया था जिसमें स्वच्छता सर्वेक्षण टीम गांव-गांव जाकर नागरिकों से फीडबैक, प्रत्यक्ष निरीक्षण और उपलब्ध सेवा व सुविधाओं की प्रगति का आकलन करने की रूपरेखा पर चर्चा की गई थी । ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता सर्वेक्षण की रूपरेखा के संबंध में आज प्रभारी कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री रोहित सिंह की अध्यक्षता में एक जिला स्तरीय कार्यशाला संपन्न हुई । कार्यशाला में जिले के सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, ब्लॉक को-आर्डिनेटर व संबंधित जिला अधिकारी उपस्थित थे ।
प्रभारी कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि स्वच्छता हम सब लोगो के लिये बहुत जरूरी है इसलिये जिले के सभी गांव में स्वच्छता को लेकर सकारात्मक कदम उठायें । स्कूल, आंगनवाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र, बाजार, धार्मिक स्थल जैसे सामुदायिक स्थलों पर स्वच्छता स्पष्ट रूप से दिखाई दे। साथ ही सड़कों में पानी व गंदगी भी न रहे । टीम ग्रामीण क्षेत्रों में वैसे ही सर्वे करेगी जैसे कि शहरी क्षेत्रों में किया है । प्रगति व गुणवत्ता के आधार पर रैकिंग की जायेगी । इस संबंध में टीम ग्रामीणों से सुझाव व प्रतिक्रिया व प्रत्यक्ष अवलोकन कर रैकिंग तय करेगी । अत: सभी अधिकारी स्वच्छता की दिशा में प्रभावी कदम उठाकर कार्य करें । यदि कहीं भी शिकायत की स्थिति मिलती है तो संबंधित के विरूध्द सख्त अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी । उन्होंने कहा कि प्लास्टिक व कचरे को जलायें नहीं, बल्कि उसका प्रबंधन बेहतर तरीके से करें । कार्यालय व सामुदायिक भवनों व सार्वजनिक स्थलों के आसपास गाजर घास का उन्मूलन करें । जागरूकता के लिये गांव-गांव दीवार लेखन, जागरूकता रथ व अन्य यथासंभव उपाय कर सकते हैं । उन्होंने कहा कि सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और शिक्षा व महिला बाल विकास से जुडे अधिकारी जनपद स्तरीय बैठक कर स्वच्छता सर्वेक्षण की महत्वकांक्षी अभियान के उद्देश्यों को गांव-गांव तक पहुंचाकर हर गांव को स्वच्छ बनाये ।
कार्यशाला में प्रभारी कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि कहीं भी अस्वच्छता दिखाई न दे, इसके लिये टोल नाका, ढाबा व होटल में भी शौचालय व परिसर के आसपास साफ-सफाई अनिवार्य है । स्वच्छता मिशन में समाज के सभी लोगों की सहभागिता अपेक्षित है । यदि स्वच्छता की दिशा में कुछ काम करेंगे तो परिणाम अवश्य ही बेहतर आयेंगे । उन्होंने स्व-सहायता समूह की महिलाओं से भी कहा कि वे इस दिशा में कुछ अच्छा करें । वेस्ट वाटर व कचरे के प्रबंधन के संबंध में लोगों को जागरूक करें । वेस्ट वाटर से पोषण वाटिका विकसित करें । साथ ही ग्रामवासियों को स्वच्छता के संबंध में जागरूक किया जाये जिससे ग्रामीण
स्वच्छता में बेहतर रिजल्ट दिखाई दे। कार्यशाला में बताया गया कि जिले में स्वच्छता सर्वेक्षण टीम एक से 31 अगस्त के बीच विभिन्न गांव में दौरा कर वहां की स्वच्छता रैकिंग के संबंध में जानकारी एकत्र करेगी । साथ ही लोगों के लिये सुरक्षित शौचालय व इसका उपयोग, जल की सुलभता व जल का सुरक्षित निपटान तथा कचरा प्रबंधन आदि पर भी चर्चा कर खुले में शौचमुक्त और एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन रणनीति, स्वच्छता के लिये शिक्षा और व्यवहार परिवर्तन पर प्रेरणादायी चर्चा कर डाटा संग्रहण करेगी ।
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