05/06/2025
अत्यंत दुःखद है। इंदौर निवासी राजा रघुवंशी की डी कंपोज पार्थिव देह गृह नगर पहुंची तो हर किसी की आँखें नम थी। पत्नी सोनम का अभी तक पता नहीं चल सका है, अनिष्ट की आशंका बलवती है। 11 मई को दोनों की शादी हुई थी। शादी के 9 दिन बाद 20 मई को दोनों इंदौर से गुवाहाटी (असम) पहुंचे, फिर वहां किसी ने शिलांग (मेघालय) के रूट ब्रिज (पेड़ों की जीवित जड़ों से बनाए जाने वाले पुल) की तारीफ की तो दोनों 22 मई को वहां पहुंच गए। 23 मई को ओसरा हिल्स जाने के लिए किराए की स्कूटर ली और 23 को ही सोनम की आखिरी बार अपनी सास से बात हुई। इसके बाद संपर्क टूट गया।
इसके बाद अनहोनी की आशंका से हड़कंप मच गया। राज्य के मंत्री, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री तक ने संज्ञान लिया। मेघालय सरकार एक्टिव हुई। लेकिन जिस दुर्गम इलाके में दोनों लापता हुए वहां बारिश और कोहरा होने से रेस्क्यू प्रभावित हुआ। लापता होने के 11 दिन बाद राजा का सड़ता हुआ शव एक खाई में मिला। सोनम का कुछ पता नहीं चला है। दोनों के पास रहा कीमती सामान, हीरे का हार गायब है। पीएम रिपोर्ट के मुताबिक राजा की नारियल काटने वाले धारदार हथियार से हत्या की गई है।
इस घटना पर अलग अलग प्रतिक्रिया आ रही हैं। कुछ लोग सुरक्षा व्यवस्था को कोस रहे हैं। कुछ लोग मेघालय सरकार के रवैए की आलोचना कर रहे हैं। लेकिन इस दुःखद घटना से भविष्य के लिए बहुत कुछ सीखने का अवसर भी मिल रहा है।
हमारे पुरखों के रीत रिवाज भी याद आ रहे हैं। एक समय था जब शादी के बाद पहली संतान होने तक बहु घूमने नहीं जाती थी, जिसे दकियानूसी सोच कहा जाता था। शादी के बाद सवा महीने तक बाहर नहीं जाने की प्रथा का तो कई जगह आज भी पालन होता है। पुरातन समय में विद्यमान रहे कई कारणों, विपदाओं से बचने के लिए ऐसा किया जाता होगा, लेकिन आज प्रासंगिक नहीं है।
एक कहावत है कि, "भले ही अच्छे तैराक हो उस तालाब में कूदना मत जिसकी गहराई ज्ञात न हो और उस जगह पर जाना नहीं जहां की परिस्थितियों का पता न हो।" ये कहावत आज भी प्रासंगिक है। राजा और सोनम एडवेंचरल हनीमून की तलाश में अकेले ऐसी जगह गए जिसके दूसरे पक्ष के बारे में उन्हें पता नहीं था। जिस जगह से दोनों गायब हुए, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वह खतरनाक अपराधी गिरोहों का इलाका है।
वह चेरापूंजी का क्षेत्र है जहां बारिश और कोहरा होना आम बात है। पानी की वजह से पहाड़ी और खाई के रास्ते फिसलन भरे हैं। जहां ट्रेकिंग की ट्रेनिंग लेकर ग्रुप के साथ जाना ही समझदारी का काम है। बाहर ट्रेवल करते में कीमती सामान, ज्वैलरी, महंगे गैजेट्स लेकर जाना वैसे भी अपराध को न्यौता देने के समान है। राजा और सोनम अपने साथ कीमती सामान लेकर गए, ये उनका जोखिम भरा निर्णय था। अनजान जगह जाने का निर्णय वैसे भी जोखिम भरा ही होता है, ये जोखिम तब और बढ़ जाता है जब कोई जवान लड़की साथ हो।
जहां हम रहते हैं और खुद को सुरक्षित मानते हैं वहां भी आसपास के कुछ इलाके ऐसे होते हैं जहां बाइक से पत्नी के साथ कीमती सामान लेकर जाने में अपन बचते ही हैं। राजा और सोनम इंदौर में रहते हैं। जहां महू के बड़गोंदा थाना क्षेत्र के अंतर्गत जामगेट के नज़दीक फायरिंग रेंज में 11 सितंबर 2024 की रात को दो सैन्य अधिकारियों से मारपीट लूट और उनकी महिला मित्रों से गैंग रैप की घटना देश भर में चर्चित हुई थी।
ऐसी घटनाओं से भी सतर्क न हों तो फिर इसे क्या कहा जाए। याद रखिए रामजी के काल में भी राक्षस थे, कृष्ण जी के काल ने भी राक्षस थे, फिर ये तो कलयुग है। आज के समय अपनी सुरक्षा की पहली सीढ़ी अपनी सतर्कता और समझदारी ही है। सरकार, पुलिस, व्यवस्था, कानून सब बाद में आते हैं, अक्सर तब, जब सब खत्म हो चुका होता है।