26/06/2023
भाजपा सरकार कर्नाटक की गरीब जनता से अपनी हार का बदला ले रही है। कांग्रेस ने सरकार बनते ही पहली कैबिनेट बैठक में अपनी पांच गारंटियों पर मुहर लगाते हुए बीपीएल परिवारों को 10 किलो चावल देने वाली अन्नभाग्य योजना लॉन्च की थी। यह योजना 1 जुलाई से लागू होनी थी। लेकिन केंद्र सरकार ने इसे रोकने के लिए आदेश जारी कर दिया। भारतीय खाद्य निगम (FCI) खुला बाजार बिक्री योजना के तहत राज्यों को चावल और गेहूं की आपूर्ति कर रहा था। कर्नाटक सरकार भारतीय खाद्य निगम से बाजार मूल्य पर, 34 रुपये प्रति किलो चावल खरीदने को तैयार थी और भारतीय खाद्य निगम ने चावल खरीदने का राज्य सरकार का प्रस्ताव स्वीकार भी कर लिया था, लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार ने कर्नाटक की जनता से बदला लेने के लिए इस पर रोक लगा दी।
यही भाजपा सरकार पेट्रोल मिश्रण के लिए एथेनॉल बनाने को 20 रुपये किलो चावल मुहैया करा रही है, लेकिन गरीब जनता की मदद के लिए कर्नाटक को 34 रुपये किलो चावल देने से मना कर रही है। चुनाव के दौरान भाजपा के नेता कर्नाटक की जनता को धमकी दे रहे थे कि "यदि आप भाजपा को नहीं जिताएंगे तो मोदी जी के आशीर्वाद से वंचित रह जाएंगे।" केंद्र सरकार का यह कदम उसी धमकी का नतीजा है। केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी तो हम गरीबों के लिए खाद्य सुरक्षा अधिनियम लाए थे ताकि गरीबों की मदद की जा सके, लेकिन भाजपा सरकार आज कर्नाटक के 1.7 करोड़ गरीबों के मुंह से निवाला छीनने का काम कर रही है।